24/02/2023
आउटसोर्सिंग एजेंसियों को 'आउट' करे सरकार,उपनल और पीआरपी को बंद करें या तो
उत्तराखंड में अधिकतर विभागों में पद खाली हैं। सरकार पक्की भर्ती देने के बजाय आउटसोर्सिंग से नियुक्तियां कर रही है। सरकार एजेंसियों को पैसा देती है और उनके माध्यम से लोगों को टेम्परेरी नियुक्ति मिलती है। नौकरी पर कौन लगे और कौन नहीं, इसके बजाए एजेंसी को केवल अपने पैसे से मतलब होता है।
नौकरियों के नाम पर भी अलग से पैसे वसूले जाते हैं। नौकरी लगने के बाद सैलरी भी समय पर नहीं दी जाती है और पूरी सैलरी नहीं मिलती है। कभी भी नौकरी से धक्के मारकर बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है। कुल मिलाकर आउटसोर्स से भर्ती कर्मचारी का भविष्य सुरक्षित नहीं होता। आर्थिक तंगी होने की वजह से वह मजबूरी में काम करता है।
उत्तराखंड में अधिकतर आउटसोर्सिंग एजेंसियां नेताओं और अधिकारियों के सगे-सम्बंधियों और रिश्तेदारों की है। इसके जरिये वह मोटी कमाई कर रहे हैं। यही नहीं, बाहर के लोगों के लिए आउटसोर्स एजेंसियों के जरिये विभागों में घुसना सबसे आसान है। विभागों में ऐसे कई लोग मिल जायेंगे, जो उत्तराखंड के मूल निवासी नहीं हैं।
हम आउटसोर्स एजेंसियों का विरोध करते हैं। हमारी मांग है कि उत्तराखण्ड के मूल निवासियों को विभागों में संविदा पर नियुक्ति दी जाय। जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो हम उग्र आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर हो जायेंगे।