09/08/2026
अभया दिवस पर चिकित्सकों की हुंकार — “न हिंसा, न अन्याय, न भय”
AOGS के आयोजन में डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा और सम्मान के लिए उठी सशक्त आवाज
प्रयागराज, 9 अगस्त 2026।
चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध बढ़ती हिंसा और असुरक्षा के खिलाफ जागरूकता एवं एकजुटता का सशक्त संदेश देते हुए Allahabad Obstetric & Gynaecological Society (AOGS) द्वारा ग्रैंड कॉन्टिनेंटल, प्रयागराज में “अभया – Stop Violence Against Doctors & Healthcare Professionals” विषय पर एक प्रभावशाली कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं समस्त स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त कार्यस्थल की आवश्यकता को रेखांकित करना तथा समाज में इस विषय को लेकर व्यापक जागरूकता उत्पन्न करना था।
कार्यक्रम में डॉ. मंजू वर्मा, डॉ. मंजुला पांडे, डॉ. ललिता, डॉ. मीरा, डॉ. सबिता अग्रवाल, डॉ. अभिलाषा चतुर्वेदी, डॉ. शिरीन, डॉ. दीपाली श्रीवास्तव, डॉ. कविता अग्रवाल, डॉ. गरिमा द्विवेदी सहित अनेक प्रतिष्ठित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने पोस्टर, स्लोगन और जागरूकता संदेशों के माध्यम से हिंसा के विरुद्ध एकजुटता प्रदर्शित की। कार्यक्रम में “No Safety, No Duty”, “Respect for Healthcare Allies”, “Stop Violence Against Doctors”, “We Want Justice” तथा “No Justice, No Peace” जैसे संदेशों के माध्यम से चिकित्सा समुदाय की चिंताओं और अपेक्षाओं को प्रभावी ढंग से सामने रखा गया।
कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों ने कहा कि डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी समाज की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। उनके साथ हिंसा, दुर्व्यवहार अथवा भय का वातावरण न केवल उनके मनोबल को प्रभावित करता है, बल्कि इससे पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित होती है। इसलिए प्रत्येक अस्पताल और स्वास्थ्य संस्थान में सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
“अभया” केवल एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि चिकित्सा समुदाय की सुरक्षा, सम्मान, गरिमा और अधिकारों के लिए एक सामूहिक संकल्प है। कार्यक्रम के माध्यम से समाज और प्रशासन तक स्पष्ट संदेश पहुंचाया गया कि स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करना पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम का समापन एकजुटता के संदेश के साथ हुआ—
“न हिंसा • न अन्याय • न भय”
“हम एकजुट हैं — सुरक्षा के लिए, सम्मान के लिए, अभया के लिए।”