खबर मंडी

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01/10/2026

पहले वह आपकी उपेक्षा करेंगे, उसके बाद आप पर हसंगे, उसके बाद आपसे लड़ाई करेंगे, उसके बाद आप जीत जायेंगे : महात्मा गांधी

01/10/2026

2 अक्टूबर की तारीख इस बार सिर्फ #गांधी_जयंती के लिए याद नहीं की जाएगी. मुख्य चुनाव आयुक्त #ज्ञानेश_कुमार के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन के लिए भी इसी दिन को चुना गया.. इस प्रोटेस्ट के लिए विपक्ष सहित तमाम सामाजिक संगठनों ने जहां तैयारी की है वहीं सरकार ने भी कमर कस ली है. भारत समेत दुनिया भर की मीडिया की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है.

CJP PROTEST ABHIJEET DEEPAK | jantar mantar 2.0

30/09/2026

क्या #दिव्या_मित्तल के राजनीति में आने से के लिए विधानसभा चुनाव में राह आसान हो जाएगी.. क्योंकि सत्ता शासन से असंतुष्ट जिस वोट बैंक को #अखिलेश_यादव अपनी तरफ करना चाहते हैं, उसी की बात दिव्या मित्तल भी कर रही हैं..

29/09/2026

IAS से इस्तीफा दे चुकीं दिव्या मित्तल ने एक नया वीडियो जारी कर सियासत में खलबली मचा दी है। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले आए इस वीडियो के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
यह वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है

29/09/2026

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन देशव्यापी होता जा रहा है। आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया.. प्रदर्शन के दौरान का यह वीडियो वायरल हो रहा है।


Indian National Congress

27/09/2026

नई दिल्ली में उस वक्त दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा की फजीहत हो गई, जब आम आदमी पार्टी के विधायक जनरैल सिंह ने नई बनी सड़क को उखाड़ दिया और निर्माण के गुणवत्ता पर सवाल किया...
AAP नेताओं ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए दिल्ली सरकार के PWD मंत्री प्रवेश वर्मा को घेरा..

27/09/2026

यूपी में विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्‍या में हुई बुलडेजर कार्रवाई पर सियासत तेज हो गई है। दरअसल, बुलडोजर इस बार बीजेपी नेता के घर पर चला है और सरकारी मुआवजे से पहले यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने मदद पहुंचा दी है...

देखिए इस मामले पर खास रिपोर्ट
Om Prakash Singh

 #राम_मंदिर   (सियासी मुद्दा)लोक और आलोक🤔...🤗...🧐विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष हैं आलोक कुमार। यह आज उनका ए...
27/09/2026

#राम_मंदिर (सियासी मुद्दा)
लोक और आलोक
🤔...🤗...🧐
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष हैं आलोक कुमार। यह आज उनका एक बयान छपा है, बयान है कि.. "राम मंदिर चढ़ावा चोरी को चुनावी मुद्दा न बनाया जाए", अब यह मामला समाप्त हो जाना चाहिए।

यही आलोक कुमार जी विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष तब भी रहे जब राम मंदिर की "प्राण प्रतिष्ठा" 22 जनवरी 2024 को हुई। प्राण प्रतिष्ठा आनन-फानन और अधूरे मंदिर में इसलिए कराई गई कि इसको भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस को चुनावी लाभ का मुद्दा बनाना था।
प्राण प्रतिष्ठा हो गई, सियासी नारा दिया गया कि.. "जो राम को लाए हैं-हम उनको लाएंगे" और दूसरा नारा दिया गया था.. "अबकी बार 400 पार"। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जी मुख्य यजमान थे। सियासी तौर पर भाजपा और आरएसएस सब कुछ बल्ले बल्ले मान बैठा था।

फिर क्या था.. राम मंदिर #प्राण_प्रतिष्ठा के 3 महीने बाद ही जब #लोकसभा_के_चुनाव हुए तो उत्तर प्रदेश में नतीजा उल्टा हो गया। अयोध्या के साथ ही यूपी में भाजपा इतनी बुरी तरह हार गई कि वह नंबर दो की पार्टी हो गई (देखें नीचे ग्राफ)👇🏾
अब इधर उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव सर पर हैं और उधर राम मंदिर में चढ़ावा चोरी हो गई है। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा उतना ज्यादा चर्चा और सुर्खियों में नहीं रहा जितना इधर चढ़ावा चोरी है। विहिप अध्यक्ष जी तनाव में नाहक नहीं हैं.! इसे चुनावी मुद्दा न बनाया जाए वह सब खतरे भांप रहे हैं।

लेकिन अरे भाई, राम मंदिर को चुनावी मुद्दा किसने बनाया.? इसका सियासी लाभ किसने लिया.? "जो राम को लाए हैं-हम उनको लाएंगे" यह नारा किसने दिया.?
और अब अगर राम मंदिर का चढ़ावा चोरी चुनावी मुद्दा नहीं बनना चाहिये... ऐसा विहिप अध्यक्ष कह रहे हैं तो क्या यह न माना जाए कि उनका यह भी कहना है की राम मंदिर को ही लोग भूल जाएं या राम मंदिर आंदोलन और निर्माण को भी लोग भूल जाएं.?

यह कैसे चलेगा कि.."मीठा-मीठा गप्प और कड़वा कड़वा थू".?
..कमर की पेटी बांध कर रखिए... "होइहैं सोई जो राम रचि राखा"

साभार Indu Bhushan Pandey

 #राम_मंदिरअभी ढ़ेर कुछ शेष है.!🤔...❓...🤫लगभग साढ़े तीन महीने होने को हैं.. अयोध्या राम मंदिर में "चढ़ावा चोरी" का मामला ल...
27/09/2026

#राम_मंदिर
अभी ढ़ेर कुछ शेष है.!
🤔...❓...🤫
लगभग साढ़े तीन महीने होने को हैं.. अयोध्या राम मंदिर में "चढ़ावा चोरी" का मामला लगातार लोक और मीडिया में सुर्खियां व मंथन का विषय बना हुआ है। इस मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के सबसे अहम किरदार रहे चंपत राय को महासचिव पद व ट्रस्ट से त्यागपत्र देना पड़ा है। साथ ही अनिल मिश्रा की भी छुट्टी हो गई है। दिल्ली में बैठकर राम मंदिर के पालक रहे सुरेश "भैया जी" जोशी को भी पद छोड़ देना पड़ा है।
चढ़ावा चोरी मामले में लगभग 20 दिन के विलंब से मजबूरन चढ़ावा चोरी की एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। अब तो इस मामले में पुलिस ने आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल कर दिया है और 8 लोग जेल में है।

अब हम आते हैं इस पूरे मामले के कुछ "स्याह पक्ष" पर। सबसे बड़ा स्याह पक्ष है कि अब चंपत राय जी राम मंदिर ट्रस्ट में नहीं हैं। दरअसल जब हम बहुत बारीकी से अब तक के पूरे घटनाक्रम को देखते हैं तो लगता यह है कि चंपत राय जी इस पूरे मामले में बहुत हाई लेवल की साजिश के शिकार हो गए.! और साजिश करने वाले भी उन्हीं के सब अपने हैं। उनके खिलाफ यह साजिश क्यों की गई.? इसे चंपत राय जी ही ढंग से जान गए होंगे और वही ज्यादा बेहतर बता भी सकते हैं।

इस मामले का "स्याह पक्ष" यह भी है कि चंपत राय जी को तो ट्रस्ट से बाहर हो जाने की स्थिति पैदा की गई लेकिन वही गोविंददेव गिरी जो लगातार हुई चढ़ावा चोरी (मतलब कोष चोरी) के समय कोषाध्यक्ष थे, उन्हें अब महासचिव बना दिया गया। और सबसे हास्यास्पद यह है कि गोविंद देव को चढ़ावा चोरी के मामले में गवाह भी नहीं बनाया गया। गवाह तो राम मंदिर निर्माण कमेटी के अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा को भी बनाना चाहिए था, क्योंकि वह बार बार बोल चुके हैं कि यह चढ़ावा चोरी नहीं डकैती है। लेकिन उन्हें भी गवाह नहीं बनाया गया।

इस पूरे मामले में नृपेन्द्र मिश्रा और गोविंद देव गिरी की कब, क्या और कैसी भूमिका रही और उसका पूरे ट्रस्ट के ढांचे पर क्या प्रभाव पड़ा.? यह चंपत राय से ज्यादा कोई और नहीं समझ व बता सकता है।

सबसे बड़ी बात ये हुई है कि इस चढ़ावा चोरी मामले में महिपाल सिंह को गवाह बना दिया गया है। यह स्थिति भी चंपत जी के लिए चिंतनीय हो सकती है। महिपाल सिंह गवाह बनाए गए हैं तो वह क्या गवाही देंगे यह जग जाहिर है। उनके बयान यह हैं कि यह चढ़ावा चोरी तो 2020 से ही चल रही है जो चंपत राय की जानकारी में है।

मामले में चंपत राय को गवाह बनना भी उनके लिए कम से कम एक अधिवक्ता होने के नाते मैं ठीक नहीं समझ रहा। आखिर चंपत राय अब क्या गवाही देंगे.? चंपत राय जी को राम मंदिर ट्रस्ट और खुद की उन सारी नाकामियों की गवाही देनी पड़ेगी.. जिन नाकामियों की ओर नृपेन्द्र मिश्रा और गोविंद देवगिरी अक्सर खुलकर इशारा कर चुके हैं।

आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद अब चाहे जितना मुहिम और प्रयास कर ले, राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जो छाप सनातनियों के मन मस्तिष्क में पड़ चुकी है वह सदा के लिये अमिट है। और मौजूदा राम मंदिर ट्रस्ट के पूरे ढांचे की साख दांव पर है। राम मंदिर ट्रस्ट पहले अपनी साख पुनर्स्थापित करें। सबसे अहम चुनौती यह है.

साभार Indu Bhushan Pandey

26/09/2026

बीजेपी सांसद रवि किशन और भाजपा पार्षद के बीच फोन पर हुई यह बातचीत वायरल हो गई..

पार्षद विश्वजीत शुक्ला : पानी निकासी नहीं हो रहा है, नाली नाला सब जाम हो चुका है

रवि किशन: सपा जॉइन कर लिए क्या

पार्षद : आप बसपा जॉइन कर लिए क्या ❓

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