23/05/2026
रीको एरिया में EV चार्जिंग स्टेशनों को बढ़ावा, सरकार आधी दरों पर करेगी जमीनों का कन्वर्जन
देश में बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों और ईंधन संकट के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी को देखते हुए सरकार अब ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार ने इंडस्ट्रियल एरिया में खाली पड़ी रीको (RIICO) जमीनों पर ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए कन्वर्जन शुल्क आधी दरों पर करने का फैसला लिया है।
उदयपुर जिले के 14 इंडस्ट्रियल एरिया में इस योजना को लागू करने की तैयारी की जा रही है। यहां कई बड़ी और मध्यम फैक्ट्रियां संचालित हैं, जहां अब ईवी पिकअप, इलेक्ट्रिक ट्रक और अन्य कमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। सरकार का मानना है कि यदि उद्योग क्षेत्रों में पर्याप्त चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध होंगे तो ईवी अपनाने की रफ्तार और तेज होगी।
फिलहाल उदयपुर शहर में करीब 30 से अधिक ईवी चार्जिंग स्टेशन संचालित हैं। वहीं पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 39 नए चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बनाई गई है। नगर निगम ने इसके लिए 13 स्थानों की पहचान भी कर ली है।
रीको के जीएम अजय पंड्या के अनुसार, इंडस्ट्रियल एरिया में खाली जमीन का कन्वर्जन सामान्य दर से आधी कीमत पर किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर मादड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में सामान्य कन्वर्जन दर 5400 रुपए प्रति स्क्वायर मीटर है, जबकि ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए यह दर घटाकर 2700 रुपए प्रति स्क्वायर मीटर कर दी जाएगी। इसके अलावा बड़े इंडस्ट्रियल प्लॉट्स को विभाजित कर छोटे हिस्सों में भी ईवी स्टेशन स्थापित किए जा सकेंगे।
अब तक उदयपुर जिले के किसी भी इंडस्ट्रियल प्लॉट पर ईवी चार्जिंग स्टेशन नहीं बना है, लेकिन नई नीति के बाद इसमें तेजी आने की उम्मीद है।
ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स की बढ़ी मांग
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शहर में माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में ई-रिक्शा के 81 और यात्री ई-रिक्शा के 25 नए रजिस्ट्रेशन हुए हैं। वहीं माल वाहक इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स के 63 और यात्री थ्री-व्हीलर्स के 40 नए वाहन पंजीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा भारी मालवाहक इलेक्ट्रिक वाहनों और कृषि क्षेत्र में भी ईवी उपयोग बढ़ने लगा है। उद्योगों और फैक्ट्रियों में सामान ढुलाई के लिए इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों का उपयोग लागत कम करने में मददगार साबित हो रहा है।
सरकार का EV मिशन तेज
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ईरान-इजरायल तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र और राज्य सरकारें अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा दे रही हैं। कई मंत्री और सरकारी अधिकारी भी इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने लगे हैं।
यदि इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में चार्जिंग नेटवर्क मजबूत हुआ तो आने वाले वर्षों में कमर्शियल EV सेगमेंट में बड़ी वृद्धि देखने को मिल सकती है। इससे न केवल उद्योगों की परिवहन लागत कम होगी बल्कि प्रदूषण और ईंधन निर्भरता में भी कमी आएगी।
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