20/09/2026
जमशेदपुर। एमजीएम थाना क्षेत्र अंतर्गत तुरियाबेड़ा नेपाली बस्ती में गणेश पूजा विसर्जन के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद शनिवार शाम हिंसक झड़प में बदल गया। शाम करीब 5:30 बजे 30 से 40 युवकों के हथियारों से लैस होकर बस्ती में पहुंचने का आरोप है। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवकों ने बस्ती में घुसते ही गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि हमलावरों ने राह चलते बुजुर्गों, महिलाओं और स्थानीय युवकों पर लाठी-डंडे, पत्थर, बोतल, बेलचा और धारदार हथियारों से हमला किया। अचानक हुए हमले के बाद बस्ती में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। घटना में दोनों पक्षों के करीब 10 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई है।
शुक्रवार को गणेश विसर्जन के दौरान हुआ था विवाद
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शुक्रवार को गणेश पूजा की मूर्ति विसर्जन के दौरान ऊपर टोला निवासी सुशील नामक युवक के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। शनिवार सुबह स्थानीय लोगों ने पहल कर दोनों पक्षों के बीच मामले को शांत करा दिया था।
आरोप है कि शनिवार शाम सुशील 30 से 40 युवकों को साथ लेकर नीचे बस्ती पहुंचा। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवकों के हाथों में लाठी-डंडे, बेलचा, तलवार, बोतल और पत्थर थे। बस्ती में पहुंचते ही उन्होंने कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी और सामने आने वाले लोगों के साथ मारपीट की।
महिलाओं और बुजुर्गों पर भी हमले का आरोप
हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। घायल विश्वेश्वर राजवंशी ने आरोप लगाया कि युवक महिलाओं और बुजुर्गों के साथ भी मारपीट कर रहे थे। उन्होंने जब बीच-बचाव कर उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन पर भी हमला कर दिया गया।
वहीं, आकाश कुमार उर्फ भोंदू को उसके घर के पास घेरकर बेलचा, तलवार और बोतल से हमला करने का आरोप है। मुन्ना थापा की पत्नी के अनुसार, उनके पति बाजार से घर लौट रहे थे, तभी युवकों ने उन्हें रास्ते में घेरकर लाठी-डंडों से पीटा।
घरों पर पथराव, खिड़कियों के कांच टूटे
हमले के दौरान कई मकानों पर पथराव किए जाने की भी बात सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पत्थरबाजी से कई घरों की खिड़कियों के कांच टूट गए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
इस हिंसक झड़प में राहुल कर, छोटू रजक, आकाश कुमार, मुन्ना थापा, कालिया पात्रो और विश्वेश्वर राजवंशी समेत करीब 10 लोगों के घायल होने की जानकारी है।
बस्तीवासियों ने किया पलटवार, हमलावरों को खदेड़ा
लगातार हो रहे हमले और तोड़फोड़ के बाद बस्ती के लोग एकजुट हो गए। स्थानीय युवकों और अन्य निवासियों ने लाठी-डंडे लेकर हमलावरों का सामना किया। बस्तीवासियों को बड़ी संख्या में अपनी ओर बढ़ता देखकर हमलावर वहां से भागने लगे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस दौरान बस्तीवासियों ने कुछ हमलावरों को दौड़ाकर पीटा। इसके बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
देर से पहुंची पुलिस, कार्रवाई को लेकर लोगों में नाराजगी
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस की एक पीसीआर वैन मौके पर पहुंची। पुलिस ने कुछ घायलों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचाया। वहीं, गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को उनके परिजन ब्रह्मानंद अस्पताल और टीएमएच ले गए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के काफी देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती नहीं की गई। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के कई घंटे बाद भी वरीय पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में नाराजगी है।
देर रात दोबारा हमले की आशंका, दहशत में बस्तीवासी
शनिवार शाम की हिंसा के बाद तुरियाबेड़ा नेपाली बस्ती में तनाव और भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती नहीं होने पर देर रात दोबारा विवाद भड़क सकता है।
बस्तीवासियों ने जिला पुलिस और प्रशासन से इलाके में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, नियमित गश्त बढ़ाने और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पूरे मामले को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है।