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26/09/2026

डिप्टी स्पीकर के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों से मांगे रुपये
शहर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर शुरू की जांच
जींद :
हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष एवं जींद से भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी फेसबुक आईडी बनाने तथा लोगों से फोन पर रुपये मांगने का मामला सामने आया है। मामले में शहर थाना पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में झांझ गेट निवासी सन्नी मग्गू ने बताया कि वह डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा के मीडिया को-ऑर्डिनेटर हैं। उन्होंने बताया कि 22 सितंबर को उनके एक परिचित के फेसबुक अकाउंट पर “Dr- Krishan Middha Mla” नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। फेसबुक आईडी पर डॉ. कृष्ण मिड्ढा का फोटो लगा होने के कारण परिचित ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद उक्त फेसबुक आईडी से मैसेज भेजकर रुपयों की मांग की गई। सन्नी मग्गू के अनुसार, फर्जी आईडी बनाकर लोगों को धोखाधड़ी के जाल में फंसाने और उनसे पैसे ऐंठने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे आम लोगों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी हो सकती है। साथ ही, विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा की छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
सन्नी मग्गू ने पुलिस अधीक्षक से मामले को गंभीरता से लेते हुए फर्जी फेसबुक आईडी बनाने और संचालित करने वाले व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
शहर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस फर्जी फेसबुक अकाउंट की जांच करने के साथ-साथ रुपये मांगने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है।

उचाना में 5 हजार की रिश्वत लेते बिजली निगम का लाइनमैन गिरफ्तारजले ट्रांसफार्मर को बदलने की एवज में मांगी थी रिश्वत, एसीब...
19/09/2026

उचाना में 5 हजार की रिश्वत लेते बिजली निगम का लाइनमैन गिरफ्तार
जले ट्रांसफार्मर को बदलने की एवज में मांगी थी रिश्वत, एसीबी ने खेत में दबोचा
जींद :
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने शनिवार को उचाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए बिजली निगम के एक लाइनमैन को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान उचाना क्षेत्र में तैनात लाइनमैन बलजीत के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार उचाना खुर्द निवासी सुशील कुमार के खेत में लगा बिजली का ट्रांसफार्मर जल गया था। ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए सुशील कुमार ने बिजली निगम के उचाना कार्यालय में शिकायत दी थी। आरोप है कि संबंधित लाइनमैन बलजीत ने ट्रांसफार्मर बदलने की एवज में उससे पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद सुशील कुमार ने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। शिकायत मिलने पर एसीबी निरीक्षक महेंद्र के नेतृत्व में टीम गठित की गई। कार्रवाई के दौरान मार्केट कमेटी के सचिव विनोद को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। एसीबी टीम ने शिकायतकर्ता को 500-500 रुपये के 10 नोट दिए और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। शिकायतकर्ता ने लाइनमैन बलजीत को रिश्वत की रकम लेने के लिए अपने खेत में बुलाया। जैसे ही बलजीत ने सुशील कुमार से पांच हजार रुपये लिए, शिकायतकर्ता ने टीम को इशारा कर दिया। इसके तुरंत बाद एसीबी की टीम ने मौके पर पहुंचकर लाइनमैन को काबू कर लिया। कार्रवाई के दौरान उसके हाथ धुलवाए गए, जिसमें हाथों का रंग लाल हो गया।
एसीबी निरीक्षक महेंद्र ने बताया कि जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलने की एवज में पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते लाइनमैन को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मामले में आरोपी से पूछताछ की जा रही है और आगे की जांच जारी है।

लाखों दीयों से जगमगाया जींद-सेवा और संकल्प का दिया बना संदेशजींद: गुरुवार की शाम जींद की फिजाओं में दीपों की रोशनी के सा...
17/09/2026

लाखों दीयों से जगमगाया जींद
-सेवा और संकल्प का दिया बना संदेश
जींद:
गुरुवार की शाम जींद की फिजाओं में दीपों की रोशनी के साथ सेवा, समर्पण और सामाजिक एकजुटता का संदेश नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुरू किए गए सेवा संकल्प अभियान के तहत जिलेभर में आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में लाखों दीप प्रज्ज्वलित किए गए। धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों से लेकर रेलवे स्टेशन, सरकारी भवनों, शिक्षण संस्थानों, गौशालाओं, व्यायामशालाओं और खेल मैदानों तक दीपों की कतारें दिखाई दीं। शहर के रानी तालाब, सिद्धपीठ जयंती देवी मंदिर, जींद रेलवे स्टेशन, धमतान साहिब गुरुद्वारा, पांडू-पिंडारा और रामराय तीर्थ सहित विभिन्न स्थानों पर लोगों ने उत्साह के साथ दीप जलाए। दीपों की रोशनी से धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल जगमगा उठे और वातावरण में श्रद्धा के साथ सामाजिक समरसता का रंग दिखाई दिया।
रानी तालाब पर डीसी ने जलाया दीप
रानी तालाब परिसर में डीसी डॉ. वैशाली शर्मा, डिप्टी स्पीकर प्रतिनिधि डॉ. रुद्राक्ष मिड्ढा और भाजपा जिला प्रधान तेजेंद्र ढूल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया। सिद्धपीठ जयंती देवी मंदिर और जींद रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप कुमार तथा नगर परिषद चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किए।
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एक माह चलेगा सेवा संकल्प अभियान
डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा के प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे उनके सुपुत्र डॉ. रुद्राक्ष मिड्ढा ने कहा कि जिले के विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों पर एक साथ दीप प्रज्ज्वलित होना सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि सेवा संकल्प अभियान एक माह तक चलेगा और इसके तहत विभिन्न विभागों की ओर से अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का उद्देश्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है।
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डिपो धारकों के माध्यम से घर-घर पहुंचाए गए दीप
‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने व्यापक तैयारियां की थीं। अंत्योदय अन्न योजना तथा एसबीपीएल कार्ड धारकों को डिपो धारकों के माध्यम से दीप वितरित किए गए, ताकि अधिक से अधिक परिवार इस सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम से जुड़ सकें। जिलेभर में अलग-अलग स्थानों पर हुए कार्यक्रमों में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और आमजन ने भाग लिया।

17/09/2026

जींद : सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ पर नए बस स्टैंड पर कार्यशाला परिसर में आयोजित स्क्त दान शिविर में जींद की पहली महिला डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने किया रक्तदान।

07/09/2026

सफाई कार्य से गैरहाजिर 3 नियमित कर्मी निलंबित, 3 पालिका रोल कर्मियों की सेवाएं समाप्त, 6 पे-रोल कर्मचारियों को भी शो-कॉज नोटिस
-ड्यूटी में लापरवाही और सरकारी कार्य में बाधा पर कार्रवाई
जींद, 7 सितंबर :
शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने और कर्मचारियों की ड्यूटी के प्रति जवाबदेही तय करने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सफाई कार्य से अनुपस्थित रहने, ड्यूटी में लापरवाही बरतने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामलों में नगर परिषद ने कार्रवाई करते हुए 3 नियमित सफाई कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं 3 पालिका रोल कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा 6 पे-रोल सफाई कर्मचारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुशील भुक्कल ने बताया कि संबंधित कर्मचारियों को ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और कार्य में लापरवाही के संबंध में पहले भी नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद उनके कार्य व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं आया। सफाई व्यवस्था प्रभावित होने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि सोहनलाल, कमला और भगवती तीनों नियमित सफाई कर्मचारियों को संबंधित नियमों के तहत निलंबित किया गया है। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। कनिष्ठ अभियंता उषा को विभागीय जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। वह पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।
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पहले नोटिस, फिर हुई कार्रवाई
कार्यकारी अधिकारी सुशील भुक्कल के अनुसार पालिका रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को भी ड्यूटी में लापरवाही और बिना संबंधित अधिकारियों को सूचित किए अनुपस्थित रहने के संबंध में नोटिस दिए गए थे। नोटिस और चेतावनी के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने पर सुनील कुमार, सुमित और अजय की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा रणदीप, सोनू, संजय, संगीत, पूनम और पवन समेत छह पे-रोल कर्मचारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं। इन कर्मचारियों से ड्यूटी में अनुपस्थिति और लापरवाही को लेकर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर इनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
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सफाई व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : ईओ
नगर परिषद ईओ सुशील भुक्कल ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था नगर परिषद की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। ऐसे में सफाई कर्मचारियों की अनधिकृत अनुपस्थिति, ड्यूटी में लापरवाही अथवा सरकारी कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कर्मचारियों को निर्धारित समय पर ड्यूटी पर उपस्थित होकर पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद द्वारा कर्मचारियों की उपस्थिति और सफाई कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। भविष्य में भी यदि कोई कर्मचारी अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही उन्होंने शहरवासियों से भी सफाई व्यवस्था बनाए रखने में नगर परिषद का सहयोग करने की अपील की।

35 साल बाद मिले दो बिछड़े भाई, SIR सत्यापन बना मिलन का माध्यमस्कूल से एसएलसी लेने पहुंचे सीताराम से पूछताछ के दौरान सामन...
04/09/2026

35 साल बाद मिले दो बिछड़े भाई, SIR सत्यापन बना मिलन का माध्यम
स्कूल से एसएलसी लेने पहुंचे सीताराम से पूछताछ के दौरान सामने आया भाई का नाम, फोन पर पहचान होते ही दौड़ा चला आया बलबीर
जींद, 4 सितंबर। कभी-कभी प्रशासनिक प्रक्रिया सिर्फ कागजों और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह वर्षों से बिछड़े रिश्तों को भी जोड़ देती है। जींद के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मनोहरपुर में SIR सत्यापन के दौरान ऐसा ही भावुक कर देने वाला प्रसंग सामने आया, जब करीब 35 वर्षों से बिछड़े दो भाइयों का पुनर्मिलन हुआ। दोनों भाई एक-दूसरे को देखते ही भावुक हो गए और गले लगकर फूट-फूटकर रो पड़े।
जानकारी के अनुसार, सीताराम जी करीब 35 साल बाद जीएसएसएस मनोहरपुर में अपना स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट (SLC) लेने पहुंचे थे। इस दौरान SIR सत्यापन के तहत मौके पर मौजूद BLO ने उनसे उनके गांव, पिता का नाम और भाई-बहनों के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान जब उनके भाई का नाम सामने आया तो BLO ने सत्यापन के लिए फोन के माध्यम से संपर्क किया।
फोन पर जैसे ही सीताराम का नाम और पहचान बताई गई, दूसरी ओर से उनके भाई बलबीर जी ने तुरंत पहचान लिया। उन्होंने कहा कि “हां, यह मेरा ही भाई है। मैं इसे पिछले 35 साल से ढूंढ रहा हूं।” इसके बाद बलबीर बिना देर किए विद्यालय पहुंच गए।
विद्यालय परिसर में जैसे ही दोनों भाइयों की आमने-सामने मुलाकात हुई, दोनों एक-दूसरे को देखकर भावुक हो गए। वर्षों के बिछोह की टीस आंसुओं के रूप में बाहर निकल आई। दोनों भाइयों ने एक-दूसरे को गले लगा लिया और काफी देर तक रोते रहे। वहां मौजूद लोग भी इस भावुक दृश्य को देखकर भावुक हो उठे।
बताया गया कि सीताराम छह भाइयों में पांचवें नंबर पर हैं। वे लंबे समय से पंजाब में रह रहे थे और वहीं सरकारी नौकरी करते थे। इससे पहले उन्होंने एक निजी स्कूल में चपरासी के रूप में भी कार्य किया था। करीब 35 वर्ष बाद जब वे अपने पुराने स्कूल से संबंधित प्रमाणपत्र लेने पहुंचे तो शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उन्हें अपने बिछड़े भाई से दोबारा मिला देगी।
मौके पर मौजूद एडिशनल एईआरओ डॉ. रमेश कुमार ने इस घटना को अपने लिए यादगार अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि SIR सत्यापन के दौरान BLO की सजगता के कारण यह अनोखा मिलन संभव हुआ। एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया ने वर्षों से बिछड़े दो भाइयों को फिर से एक-दूसरे के सामने ला दिया।

सफाखेड़ी में PNDT टीम की छापेमारी, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन सीलएक लाख रुपये में तय हुआ था लिंग जांच का सौदा, 35 हजार र...
03/09/2026

सफाखेड़ी में PNDT टीम की छापेमारी, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन सील
एक लाख रुपये में तय हुआ था लिंग जांच का सौदा, 35 हजार रुपये एडवांस लेने के बाद हुई कार्रवाई
जींद।
सफाखेड़ी गांव में जिला जींद और कैथल की संयुक्त PNDT टीम ने लिंग जांच की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन को मौके पर सील कर दिया। टीम ने पंजाब से आई एक महिला को मशीन सहित मौके से पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रमेश नाम के व्यक्ति के घर पर लिंग चयन किए जाने का मामला सामने आया।
टीम के अनुसार, मामले की पुष्टि के लिए एक महिला को नकली ग्राहक बनाकर संबंधित घर में भेजा गया था। जांच के दौरान लिंग चयन के लिए एक लाख रुपये में सौदा तय हुआ, जिसमें से 35 हजार रुपये एडवांस के तौर पर लिए गए। इसके बाद पंजाब से आई गुरमेल नाम की महिला ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से जांच की और गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग नकली ग्राहक को बताया।
इसी दौरान PNDT टीम ने मौके पर पहुंचकर अल्ट्रासाउंड कर रही महिला को मशीन सहित पकड़ लिया। टीम ने पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन को अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया।
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दुकान में मिली प्रतिबंधित दवाइयां
कार्रवाई के दौरान टीम ने रमेश के घर में बनी दुकान की भी जांच की। यहां कुछ प्रतिबंधित दवाइयां मिलने की बात सामने आई। टीम ने इन दवाइयों को भी कब्जे में लेकर सील कर दिया और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की। कार्रवाई में कैथल से डॉ. सचिन, डॉ. अजय राज और अन्य अधिकारी शामिल रहे। वहीं जींद की टीम में डॉ. पाले राम, डॉ. रविंद्र मलिक, डॉ. पूजा, विकास देशवाल, PNDT डीलिंग अधिकारी विशाल पहल, अमित, रूपेश, सचिन, DCO गीता गोयल और श्रीमती शांति शामिल रहीं। टीम की ओर से PNDT तथा Drugs and Cosmetics से संबंधित नियमों के तहत उचाना थाना में एफआईआर दर्ज करवाने की कार्रवाई की गई। मामले में पुलिस और संबंधित विभाग द्वारा आगे की जांच की जा रही है।

02/09/2026

जींद में 5 बड़ी प्रॉपर्टियों पर सीलिंग की तैयारी, 1.04 करोड़ से ज्यादा टैक्स बकाया
-नगर परिषद ने 4-4 नोटिस के बाद उठाया सख्त कदम, 10 सितम्बर को पुलिस बल की मौजूदगी में होगी कार्रवाई
-होटल, कॉटन मिल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान नगर परिषद के निशाने पर
जींद, 1 सितम्बर : शहर में लंबे समय से प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाने वाले बड़े बकायादारों के खिलाफ अब नगर परिषद जींद ने सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। नगर परिषद ने 5 ऐसी बड़ी व्यावसायिक प्रॉपर्टियों को चिन्हित किया है, जिन पर प्रॉपर्टी टैक्स और फायर टैक्स का लाखों रुपए बकाया है। संबंधित प्रॉपर्टी धारकों को टैक्स जमा करवाने के लिए बार-बार नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भुगतान नहीं होने पर अब इन प्रॉपर्टियों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
नगर परिषद की ओर से इस संबंध में जिला नगर आयुक्त से आवश्यक अनुमति लेने के बाद अब कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल उपलब्ध करवाने की मांग की गई है। नगर परिषद ने 10 सितंबर 2026 को सीलिंग कार्रवाई प्रस्तावित की है। इसके लिए 15 पुलिस कर्मचारियों और 10 महिला पुलिस कर्मचारियों की मांग की गई है। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुशील भुक्कल की ओर से जिला नगर आयुक्त को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि नगर परिषद सीमा के अंदर इन प्रॉपर्टी धारकों को अपनी संपत्तियों का टैक्स जमा करवाने के लिए कई बार नोटिस भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद बकाया राशि जमा नहीं करवाई गई। ऐसे में हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1973 की धारा 98ए के तहत संबंधित प्रॉपर्टियों को सील करने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
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4-4 नोटिस के बाद भी नहीं जमा कराया टैक्स
नगर परिषद के अनुसार संबंधित प्रॉपर्टी धारकों को अब तक 4-4 बार नोटिस दिए जा चुके हैं। नोटिस के माध्यम से उन्हें बकाया प्रॉपर्टी टैक्स और फायर टैक्स जमा करवाने के लिए कहा गया, लेकिन निर्धारित समय में भुगतान नहीं किया गया। नगर परिषद का कहना है कि टैक्स वसूली नगर निकाय की आर्थिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। शहर में विकास कार्य, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, सड़कों सहित विभिन्न नागरिक सुविधाओं के संचालन में नगर परिषद को राजस्व की आवश्यकता होती है। ऐसे में बड़े स्तर पर टैक्स बकाया रहने से परिषद के राजस्व पर भी असर पड़ता है। अब परिषद ने ऐसे बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित सीलिंग कार्रवाई को इसी दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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होटल से लेकर कॉटन मिल तक शामिल
नगर परिषद द्वारा तैयार सूची में शहर की 5 बड़ी व्यावसायिक प्रॉपर्टियां शामिल हैं। इनमें 4 नामी-गामी होटल और एक ऑयल एंड जनरल मिल शामिल हैं। इन पांचों प्रॉपर्टियों का कुल बकाया 1,12,31,018.60 रुपए बैठता है। यानी नगर परिषद की कार्रवाई केवल कुछ हजार या लाख रुपये के छोटे बकायादारों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि की वसूली के लिए बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की तैयारी की गई है।
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पहले नोटिस, अब सीलिंग की तैयारी
नगर परिषद ने कार्रवाई से पहले बकायादारों को पर्याप्त अवसर देने का दावा किया है। ईओ सुशील भुक्कल के अनुसार संबंधित प्रॉपर्टी धारकों को टैक्स जमा करवाने के लिए बार-बार नोटिस दिए गए। इसके बावजूद टैक्स जमा नहीं करवाए जाने पर अब सीलिंग की कार्रवाई का रास्ता अपनाया जा रहा है।नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी की ओर से जिला नगर आयुक्त को भेजी गई रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित संपत्तियों को सील करने के लिए आवश्यक अनुमति के लिए मामला प्रस्तुत किया गया था। अनुमति मिलने के बाद अब कार्रवाई को जमीन पर उतारने की तैयारी है। इसके लिए जिला प्रशासन से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने और पुलिस सहायता उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया गया है। नगर परिषद ने 10 सितम्बर को कार्रवाई के लिए 15 पुरुष पुलिस कर्मचारी और 10 महिला पुलिस कर्मचारियों की मांग की है। इससे स्पष्ट है कि परिषद इस कार्रवाई को पूरी प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था के साथ अंजाम देना चाहती है।
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राजस्व वसूली को लेकर नगर परिषद का सख्त रुख
शहर में प्रॉपर्टी टैक्स नगर परिषद की आय का प्रमुख स्रोत है। बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से समय पर टैक्स वसूली होने से नगर परिषद को अपनी विभिन्न सेवाओं और विकास कार्यों के लिए आर्थिक संसाधन उपलब्ध होते हैं। ऐसे में करोड़ों रुपए की संभावित वसूली को लेकर परिषद अब सख्त रुख अपना रही है। नगर परिषद का मानना है कि जिन प्रॉपर्टी धारकों पर बड़ी राशि बकाया है, उनसे टैक्स की वसूली जरूरी है। यदि नोटिस के बावजूद टैक्स जमा नहीं कराया जाता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रस्तावित सीलिंग कार्रवाई से अन्य बड़े बकायादारों को भी समय पर टैक्स जमा करवाने का संदेश जाएगा।
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एक करोड़ से अधिक की वसूली पर नजर
नगर परिषद की सूची में शामिल पांचों संपत्तियों का कुल बकाया 1.12 करोड़ रुपए से अधिक है। यदि प्रस्तावित कार्रवाई के बाद संबंधित प्रॉपर्टी धारक टैक्स जमा करवाते हैं तो नगर परिषद को बड़ी राशि का राजस्व प्राप्त हो सकता है। वहीं यदि भुगतान नहीं किया जाता है तो नियमानुसार सीलिंग कार्रवाई आगे बढ़ेगी। शहर में बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से टैक्स वसूली को लेकर यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे नगर परिषद के राजस्व संग्रह अभियान को गति मिल सकती है। छोटे प्रॉपर्टी धारकों के साथ-साथ बड़े बकायादारों से भी समान रूप से टैक्स वसूली होने पर नगर परिषद की वित्तीय स्थिति मजबूत हो सकती है। अब सभी की निगाहें 10 सितंबर को प्रस्तावित कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि कार्रवाई से पहले संबंधित प्रॉपर्टी धारक बकाया टैक्स जमा करवाते हैं या नगर परिषद को इन संपत्तियों पर सील लगाने की कार्रवाई करनी पड़ती है।
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नियमानुसार की जाएगी कार्रवाई : ईओ
ईओ सुशील कुमार ने स्पष्ट किया गया है कि कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित की जा रही है। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए पर्याप्त पुलिस बल की मांग की गई है।

अगस्त में पात्र लाभार्थियों को मिलेगा सरसों का तेल-पहले आओ-पहले पाओ का रहेगा आधारजींद, 26 अगस्त। खाद्य एवं पूर्ति विभाग ...
26/08/2026

अगस्त में पात्र लाभार्थियों को मिलेगा सरसों का तेल
-पहले आओ-पहले पाओ का रहेगा आधार
जींद, 26 अगस्त।
खाद्य एवं पूर्ति विभाग की ओर से पात्र लाभार्थियों के लिए राहत की खबर है। जुलाई माह में सरसों तेल के वितरण के बाद उपलब्ध शेष स्टॉक को अगस्त माह में पात्र उपभोक्ताओं को वितरित किया जाएगा। इस बार सरसों तेल का वितरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा।
जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) राजेश आर्य ने बताया कि विभाग द्वारा पात्र लाभार्थियों को जुलाई 2026 तक सरसों तेल का वितरण किया गया है। जुलाई में वितरण के बाद भी सरसों तेल का भंडारण शेष है। इसी को देखते हुए विभाग ने अगस्त माह में उपलब्ध स्टॉक को पात्र लाभार्थियों में वितरित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि पात्र उपभोक्ता निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपने संबंधित राशन डिपो से सरसों तेल प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि वे राशन प्राप्त करते समय विभाग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें और वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता या परेशानी सामने आने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
डीएफएससी ने कहा कि राशन वितरण से संबंधित शिकायत के लिए लाभार्थी अपने क्षेत्र के सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी, खाद्य एवं पूर्ति निरीक्षक अथवा उप-निरीक्षक से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक, जींद के कार्यालय में भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि उपभोक्ता अपनी शिकायत राज्य उपभोक्ता सहायता केंद्र के टोल फ्री नंबर 1800-180-2087 अथवा 1967 पर भी दर्ज करवा सकते हैं। विभाग का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को खाद्य सामग्री का सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करना है।

25/08/2026

एक करोड़ की फिरौती, आठ दिन की मोहलत... धमकी के पीछे निकले दो आरोपी
जींद में डॉक्टर से मांगी गई थी एक करोड़ रुपये की फिरौती, नहीं देने पर गोली मारने की धमकी, सीआईए ने तकनीकी जांच से खोला राज
जींद, 25 अगस्त।
मोबाइल पर एक मैसेज आया और उसमें लिखा था कि डॉ. आशीष जैन को एक करोड़ रुपये आठ दिन के अंदर देने होंगे। रकम नहीं दी तो पिस्तौल से गोलियों से छलनी करने की धमकी दी गई। एक करोड़ रुपये की इस फिरौती की मांग से पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। मामला दर्ज होने के बाद इसकी जांच सीआईए स्टाफ जींद को सौंपी गई। पुलिस ने तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आखिरकार इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त को सचिन निवासी बनियाखेड़ा, जो डॉ. आशीष जैन के बाल धर्मार्थ संस्थान में सहायक स्टाफ के तौर पर काम करता है, ने चौकी रोहतक रोड जींद में शिकायत दी थी। उसने बताया कि उसके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से संदेश आया था। संदेश में डॉ. आशीष जैन से एक करोड़ रुपये की मांग की गई थी। साथ ही रकम नहीं देने पर पिस्तौल से गोली मारने की धमकी दी गई।
शिकायत के बाद थाना शहर जींद में 22 अगस्त को मुकदमा नंबर 277 दर्ज किया गया। मामला धारा 308(5) और 351(3) के तहत दर्ज कर जांच सीआईए स्टाफ जींद को सौंप दी गई।
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तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले को गंभीरता से लेते हुए सीआईए स्टाफ ने तकनीकी पहलुओं और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले और टीम आरोपियों तक पहुंच गई। 24 अगस्त को पुलिस ने सचिन निवासी पिपरिया, शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सचिन से पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर दूसरे आरोपी तक पहुंच बनाई। इसके बाद 25 अगस्त को सौरभ निवासी धर्मखेड़ी, हांसी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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अदालत में पेश किए आरोपी
दोनों आरोपियों को पुलिस ने माननीय अदालत में पेश किया है। मामले में आगामी जांच और कानूनी कार्रवाई नियमानुसार की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फिरौती मांगने के पीछे आरोपियों की क्या मंशा थी और इस मामले में अन्य कोई व्यक्ति शामिल है या नहीं। उप पुलिस अधीक्षक जींद ऋषभ सौढ़ी ने प्रेस वार्ता में कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के दिशा-निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को सीआईए स्टाफ की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

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