16/02/2026
्रृंगार
न पुण्यं न पापं न सौख्यं न दु:खं
न मन्त्रो न तीर्थं न वेदो न यज्ञः।
अहं भोजनं नैव भोज्यं न भोक्ता
चिदानन्द रूप: शिवोऽहं शिवोऽहम्।।
🙏
अर्थात- न मैं पुण्य हूँ, न पाप, न सुख और न दुःख, न मन्त्र, न तीर्थ, न वेद और न यज्ञ, मैं न भोजन हूँ, न खाया जाने वाला हूँ और न खाने वाला हूँ, मैं चैतन्य रूप हूँ, आनंद हूँ, शिव हूँ, शिव हूँ।
आप सभी को महाशिव रात्रि के पावन पर्व की बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं
#श्री_बुद्धेश्वर_श्रृंगार_समूह #श्री_बुद्धेश्वर_महादेव_मंदिर