19/06/2026
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के एक बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।
"पत्रकार बिना किसी डर या रोक-टोक के सरकारी अस्पतालों में जाकर रिपोर्टिंग कर सकते हैं।"
क्या यह बयान सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है, या फिर जमीनी हकीकत कुछ और है?
आपके क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों की स्थिति कैसी है? क्या मीडिया को खुली रिपोर्टिंग की अनुमति मिलनी चाहिए?
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