02/03/2026
खुश किस्मत है तेरे दौर मे पैदा होकर तुझे देख लिए वर्ना बहादुरो के किस्से हमने किताबो मे पढ़े थे, 86 साल का एक हाथ कटा हुआ बुढ़ा शेर
अमेरिका की जूतियों पर जीभ रगड़ते इस्लामी देशों और उसके प्यादों का खून रमजान के महीने में अली खामनई के खून से ठंडा हो गया होगा? नहीं। उन्हें अभी हजारों यतीम बच्चे, बेवा औरतें और नौजवान बच्चों की लाशें कंधे पर उठाए बुजुर्ग चाहिए। 86 साल के खामनई ने आसमान पर लिख दिया है -तुम असल में टुच्चे बौने और अय्याश हो।
किसी भी देश के प्रधान को बम से उड़ा देना और इसे इंसानियत के हक में बताना खूंखार और बर्बर है। लेकिन इसका अपराधी अमेरिका कम और वो इस्लामी देश ज्यादा हैं, बल्कि वही हैं, जो उसके साथ मिलकर गाजा से सीरिया ईरान तक लाशों का परचम लहरा रहे हैं।