13/05/2026
हंटावायरस का नया प्रकोप: बिना किसी सटीक इलाज के बढ़ता वैश्विक खतरा
लक्जरी क्रूज जहाज MV Hondius से जुड़े हंटावायरस के हालिया प्रकोप ने एक बार फिर दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है. दशकों के शोध के बावजूद, वर्तमान में इस जानलेवा बीमारी के लिए कोई भी अनुमोदित (Approved) टीका या एंटीवायरल उपचार उपलब्ध नहीं है.
एंडीज स्ट्रेन (Andes Strain) की बढ़ती चिंता
इस हालिया प्रकोप के पीछे एंडीज (Andes) स्ट्रेन को मुख्य कारण माना जा रहा है. यह स्ट्रेन विशेष रूप से खतरनाक है क्योंकि यह उन गिने-चुने हंटावायरस वेरिएंट्स में से एक है जो एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलने की क्षमता रखता है. अब तक इस प्रकोप के कारण कम से कम तीन लोगों की मृत्यु हो चुकी है और कई देशों में संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं.
प्रकोप के बाद कई बायोटेक कंपनियां और शोध संस्थान वैक्सीन विकसित करने की दौड़ में शामिल हो गए हैं:
Moderna: कंपनी अमेरिकी सेना (USAMRIID) और कोरिया यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर शुरुआती चरण के शोध पर काम कर रही है.
University of Bath (UK): यहाँ के वैज्ञानिकों ने एक नया एंटीजन विकसित किया है जिसने परीक्षणों में सकारात्मक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया दिखाई है.
EnsiliTech: यह कंपनी ऐसी mRNA तकनीक पर काम कर रही है जिससे टीकों को बिना कोल्ड स्टोरेज (बिना फ्रिज) के सामान्य तापमान पर सुरक्षित रखा जा सके.
वैज्ञानिकों का मानना है कि एक सार्वजनिक टीका आने में अभी भी 3 से 5 साल लग सकते हैं. इसका सबसे बड़ा कारण वैश्विक फंडिंग की कमी और व्यावसायिक स्तर पर कम दिलचस्पी होना है. विशेषज्ञों के अनुसार, चूंकि हंटावायरस के प्रकोप कोविड-19 जैसे महामारी के स्तर पर बार-बार नहीं होते, इसलिए इसे अन्य बीमारियों की तुलना में कम प्राथमिकता दी गई है.
सावधानी ही एकमात्र विकल्प
वर्तमान में संक्रमित मरीजों के लिए कोई विशिष्ट दवा उपलब्ध नहीं है; उन्हें केवल अस्पतालों में 'सपोर्टिव केयर' (लक्षणों के आधार पर देखभाल) ही दी जा रही है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने यात्रियों और आम जनता को सलाह दी है कि वे चूहों के संपर्क से बचें और संदिग्ध लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें.