09/06/2026
यहाँ इस सरकारी आदेश के आधार पर तैयार की गई एक विस्तृत और स्पष्ट न्यूज़ पोस्ट दी गई है:
सिंगरौली में कोयला और फ्लाई ऐश परिवहन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई: लागू हुए कड़े नियम और 'नो-एंट्री' टाइमिंग
सिंगरौली (मध्य प्रदेश): जिले में बढ़ते औद्योगिकरण, सड़क दुर्घटनाओं और वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी (District Magistrate) गौरव बैनल द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत एक व्यापक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
मुख्य रूप से कोयला, फ्लाई ऐश (राखड़), खनिज रेत, गिट्टी और अन्य भारी मालवाहक वाहनों के परिवहन को नियंत्रित करने के लिए नए दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।
🚨 नए नियम और मुख्य दिशा-निर्देश
सक्षम प्राधिकारी की अनुमति अनिवार्य: जिले में कोयला और राखड़ का परिवहन करने वाले सभी भारी वाहनों को अब 'विहित प्राधिकारी' (संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट) से पूर्व अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति परिवहन करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गति सीमा (Speed Limit): कोयला और राखड़ ले जाने वाले वाहनों की अधिकतम गति सीमा 25 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। इसके लिए सभी वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाना अनिवार्य होगा।
परिवहन के तरीके पर सख्ती: * कोयले का परिवहन केवल तिरपाल से ढके हुए बंद वाहनों में ही होगा, ताकि कोयला या उसकी धूल सड़क पर न गिरे।
राखड़ (Fly Ash) का परिवहन केवल बंद कंटेनरों में ही किया जा सकेगा। खुले वाहनों में राखड़ ले जाने की पूरी तरह मनाही है।
10-10 वाहनों का काफिला और एम्बुलेंस: कोयला/राखड़ परिवहन करने वाले वाहनों को 10-10 के काफिले (Convoy) में चलाया जाएगा। इस काफिले के आगे-पीछे गति सुनिश्चित करने के लिए एक छोटा वाहन चलेगा। इसके साथ ही, दुर्घटना की स्थिति में तुरंत इलाज के लिए प्राथमिक उपचार सामग्री से युक्त एक एम्बुलेंस भी काफिले के साथ चलेगी, जिसका खर्च संबंधित कोयला परियोजना उठाएगी।
पूर्ण प्रतिबंधित मार्ग: जिला मुख्यालय के शहरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मार्ग 'निगाही - अमलोरी मोड़ - माजन मोड़ - परसौना' पर कोयला परिवहन को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
दस्तावेज़ और फिटनेस: चालकों के पास भारी वाहन चलाने का वैध (लाइव) ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन के संपूर्ण कानूनी दस्तावेज़ होने चाहिए। लापरवाही से सड़क पर वाहन खड़ा करने से दुर्घटना होने पर वाहन की फिटनेस और परमिट निरस्त कर दिया जाएगा।
🚫 'नो-एंट्री' (प्रवेश निषेध) की समय-सारणी
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आम जनता और छात्रों की सुरक्षा के लिए भारी वाहनों के लिए 'नो-एंट्री' का समय निर्धारित किया गया है, जो इस प्रकार है:
🏙️ शहरी क्षेत्र
परसौना - तेलाई - माजनमोड़ - नवानगर - अमलोरी - निगाही - जयन्त एवं माजनमोड़ - वैढ़न - गनियारी - विन्ध्यनगर मार्ग * प्रवेश निषेध का समय: सुबह 06:00 बजे से रात 23:00 (11:00) बजे तक।
ग्रामीण क्षेत्र
क्र. सड़क मार्ग का विवरण प्रवेश निषेध (No Entry) का समय
1 महुआगाँव से निगरी सुबह 09:00 से 11:00 बजे तक एवं दोपहर बाद 16:00 से रात 20:00 बजे तक
2 बंधौरा पावर प्लांट से बरगवां (गड़ेरिया कॉनवाय प्वाइंट) मार्ग (वाया बंधौरा, रजमेलान-खुटार-परसौना-गड़ेरिया कॉनवाय प्वाइंट) सुबह 07:00 से 10:00 बजे तक एवं शाम 17:00 से रात 21:00 बजे तक
3 धिरौली कोल माइंस पार्किंग एरिया से बंधौरा पावर प्लांट (वाया खनुआ तिराहा-गजरा बहरा रेलवे साइडिंग - अमिलिया घाटी - गड़ाखांड़) सुबह 07:00 से 10:00 बजे तक एवं शाम 17:00 से रात 21:00 बजे तक
4 सरई से लंघाडोल मुख्य मार्ग (सरई बाजार - झारा - गजरा बहरा - खनुआ तिराहा - गड़ाखांड़ बाजार) शाम 16:00 बजे से रात 21:00 बजे तक
⚖️ उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने, लापरवाही बरतने या भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर संबंधित कोयला परियोजना प्रबंधन, परियोजना प्रमुख, खदान प्रबंधक, ट्रांसपोर्टर और क्रेता/उपभोक्ता कंपनी तीनों को उत्तरदायी माना जाएगा।
दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत दंडात्मक व सिविल कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, किसी भी पर्यावरणीय क्षति की स्थिति में इसका पूरा खर्च (Environmental Restoration Cost) संबंधित ट्रांसपोर्टर या प्रतिष्ठान से वसूला जाएगा।
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