21/05/2026
जनजाति सांस्कृतिक समागम दिल्ली मे, सम्पूर्ण भारत से जुटेंगे जनजाति बंधु
- राजस्थान के 8 हजार जनजाति बंधु स्पेशल ट्रेनों से जा रहे दिल्ली
उदयपुर । जनजाति सुरक्षा मंच एवं जनजाति जागृति समिति के
तत्वाधान में आगामी 24 मई को देश की राजधानी दिल्ली के लाल किला मैदान मे "जनजाति सांस्कृतिक समागम" होने जा रहा है।
राजस्थान जनजाति सुरक्षा मंच के राज्य संयोजक लालुराम कटारा ने बताया कि भारतीय सनातन संस्कृति के संवाहक जनजातीय समाज की आस्था, संस्कृति और परम्परा की रक्षा तथा जन जागृति के उद्देश्य से धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती वर्ष के पावन अवसर पर देश भर का जनजाति समाज एकत्र होने जा रहा है।
लगभग 567 विभिन्न जनजाति समाज के 2 लाख जन शामिल होंगे
देश के इतिहास में यह पहला अवसर है जब इतनी संख्या में भारत की भिन्न -भिन्न जनजातियों के प्रतिनिधि पारम्परिक वेशभूषा एवं वाद्ययंत्रों के साथ देश की राजधानी दिल्ली में एकत्र होगें। देश के विभिन्न क्षेत्रों से यथा सुदूर उत्तर पूर्वी राज्यों एवं अण्डमान निकोबार द्वीप समूह से भी लगभग 567 विभिन्न जनजाति समाज के 2 लाख से भी अधिक प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, मातृ शक्त्ति, युवा एवं प्रबुद्धजन इस ऐतिहासिक समागम में अपनी विशिष्ट पहचान, वेशभूषा एवं वाद्ययंत्रों के साथ सहभागी बनेंगे। यह समागम जनजातीय समाज की सांस्कृतिक अस्मिता, पारम्परिक जीवन मूल्यों और सामुहिक चेतना को प्रत्यक्ष अनुभव करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
मुख्य अतिथि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह होंगे
इस समागम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह रहेंगे जो लाल किले से संबोधित करेंगे। इस अवसर पर जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय संयोजक माननीय गणेशराम भगत, वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्येन्द्र सिंह सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहेंगे।
3 विशेष ट्रेनों एवं 50 से अधिक बसों से पहुँचेगे जनजाति बंधु
यह आन्दोलन भारत की प्राचीन जनजातीय चेतना, अस्मिता और सांस्कृतिक स्वाभिमान का विराट उद्घोष होगा। जिसमें देशभर के जनजाति बंधु समाज की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं सनातन के संरक्षण का संकल्प लेगें।
राजस्थान से 3 विशेष ट्रेनों एवं 50 से अधिक बसों के द्वारा जनजाति बंधु समागम में भाग लेने हेतु दिनांक 23 मई को रवाना होगें व अपनी पारम्परिक वेशभूषा में भाग लेगें। इस अवसर पर सहरिया जनजाति द्वारा स्वांग नृत्य एवं गरासिया बंधुओं द्वारा गैर नृत्य का विशेष प्रदर्शन किया जायेगा। दिल्ली वासी इस अनूठे समागम में जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों एवं सहभागियों के स्वागत हेतु आतुर है तथा भोजन, जल एवं आवास की विशेष व्यवस्थाएं कर रहें है।