20/05/2026
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बरोठा में अव्यवस्थाओं का अंबार, मरीजों की जान से खिलवाड़
देवास जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बरोठा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है, जिसने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल परिसर में मेडिकल अपशिष्ट और नष्ट किए जाने वाले पदार्थ खुले में फेंके मिले, जिन्हें केवल पत्तों से ढक दिया गया था। इतना ही नहीं, कई मरीजों की जांच संबंधी दस्तावेज भी कचरे में पड़े मिले, जिससे मरीजों की गोपनीय जानकारी सार्वजनिक होने का खतरा बना हुआ है।
अस्पताल में पीने के पानी की टंकी भी खुली अवस्था में मिली, जिसमें गंदगी फैली हुई थी। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों के संक्रमित होने की आशंका बनी हुई है। स्वास्थ्य केंद्र जैसी संवेदनशील जगह पर इस प्रकार की लापरवाही आमजन की सेहत के साथ सीधा खिलवाड़ मानी जा रही है।
जानकारी के अनुसार अस्पताल के BMO सप्ताह में केवल 2 से 3 बार ही अस्पताल पहुंचते हैं, जिसके चलते व्यवस्थाएं भगवान भरोसे संचालित हो रही हैं। वहीं एक्स-रे कक्ष के बाहर मरीज और परिजन लंबे समय तक इंतजार करते नजर आए। परिजनों का कहना है कि करीब 20 से 30 मिनट तक कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था और ना ही कोई जवाब देने वाला मिला। अस्पताल के कई कमरों पर ताले लगे मिले, जिससे इलाज के लिए आए लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सबसे हैरानी की बात तब सामने आई जब इस पूरे मामले को लेकर हमारे प्रतिनिधि ने अस्पताल में मौजूद डॉक्टर से जानकारी लेना चाही। लेकिन डॉक्टर ने जिम्मेदारी लेने के बजाय BMO का हवाला देकर बात को टाल दिया और मामले को गंभीरता से लेने के बजाय हंसते नजर आए। इस रवैये ने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर और भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बरोठा की व्यवस्थाओं की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें और भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा देखने को ना मिले।
#स्वास्थ्य_व्यवस्था #बरोठा_अस्पताल #मरीज_परेशान