23/08/2026
काठ के होकर भी जो भक्तों का हर दुःख समझते हैं, और बिना कुछ बोले ही दिल की हर बात जान लेते हैं... वे मेरे महाप्रभु जगन्नाथ हैं! 🌸जहाँ हवाओं में 'गीत गोविंद' गूँजता है और कण-कण में महाप्रसाद का वास है, ऐसे पावन धाम और प्रभु के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम। 🙏✨
जय जगन्नाथ! 🚩
🙏✨🌸