Tejendra Baruwal Anusandhitsu

Tejendra Baruwal Anusandhitsu I like my fellow people and human beings to think.

24/01/2026

चुनावी माहोल

12/01/2026

Politics: Europe Vs US

काँटे विना का गुलाव देखा नही !
08/03/2022

काँटे विना का गुलाव देखा नही !

दिन त आँउछ नै।
03/11/2021

दिन त आँउछ नै।

म जहिल्यै Male Chauvinism होस् या Female Chauvinism होस् या Radical Feminism होस् वा Traditional Male Dominance, माथि उल...
25/08/2021

म जहिल्यै Male Chauvinism होस् या Female Chauvinism होस् या Radical Feminism होस् वा Traditional Male Dominance, माथि उल्लेखित सबै प्रकार एक पक्षिय र द्धन्दको नाच देखाउने Conflicting, Hegemony वाला वाद, विचार, धारणा र अभ्यासलाई खारेज गर्न चाहन्छु।

मलाई लैङ्गिक वाद, विभाजन् र पक्षपोषण गलत हुन भन्ने नै लाग्छ ! यस्ता कुरा न पूर्ण प्राकृतिक छन् न बुद्धि विकासको जेनिथ हो।

हामी कस्तो मान्छे? खोरमा जाकिन पर्नेको भजन बजीरहेको छ वा उटपट्याङ्ग वा रोइलोमा जीवन झुर बनाई रहेका छौँ । अनि शानदार नायक...
25/05/2021

हामी कस्तो मान्छे?
खोरमा जाकिन पर्नेको भजन बजीरहेको छ वा उटपट्याङ्ग वा रोइलोमा जीवन झुर बनाई रहेका छौँ ।
अनि शानदार नायकहरु चुपचाप काम गरि रहेछन् र गुमनाम मरि रहेछन्।
यू याङग लङग पिङग - चीनका यी कृषि वैज्ञानिक एक्लैले धानको उत्पादनमा ३०% भन्दा बढी बढाउन चीन र संसारलाई मद्दत गरे। चीन लगाएत एसिया र अफ्रिकामा भोकमरीबाट करोडौं मान्छेलाई बचाए।
नोवेल पुरस्कार पाउनु पर्ने मान्छे पाएनन्। यी जस्तै तर कम उपलब्धी पाएका वा बाँडेका धेरैले नोवेल पुरस्कार पाए।
यिनको एउटै गल्ती थियो यिनी चिनिया नागरीक थिए।
उधारो सपना बाँड्ने र ढाँट बाराक ओबामाले नोवेल शान्ति पुरस्कार पाउने जुग र पश्चिमी प्रपन्चका बीच यिनले नोवेल पुरस्कार नपाउनु ठूलो कुरा त होइन तर निकै दुखद हो।
जीवनमा कहिल्यै कम्युनिस्ट पार्टीको सदस्य नबने पनि चीनको कम्युनिस्ट पार्टीले र चीनले यिनलाई सँधै हिरो मान्यो। हाम्रा बलभद्रलाई अङ्ग्रेजले सम्मान गरे जस्तै हो।
मृत्युमा न्यूर्योक टाइम्सले लेख छापेछ। धन्न यत्ति त गरेछ।
हाम्रा पत्रपत्रिकाहरु बाँदरका नौटंकी र तिनको गुणगान गर्ने अनि हेर्नेको रोइलो छाप्नमै ब्यस्त छन्। नायक र खलनायकलार्ई एउटै देख्ने धुमिल चस्मा बीच पनि साच्चै कै नायक यसरी नै कर्म गर्छन् र विदा हुन्छन्।
यू याङग, करोड हैन अरवौं मान्छेको जो भलो तिमीले गरेका छौ, एक सर्वोत्कृष्ट कार्य गरेका छौ र मानवजाती नै तिमी प्रति सदा ऋणी रहने छ।

आजको विचार !
05/11/2020

आजको विचार !

24/09/2020

Sorry Guys!
I rarely judge people. Even if, it's temporary! First impression is just an A of A to Z.
Judging a book from cover or first page is false notion.
Even mobile phone you buy receives updates.
We are ever evolving human beings. So first impression has nothing to do with you.
Human being continuously evolves for good or bad. Some people are just covered up. Some people take U turn and some people gives you just wrong impression. And people's impression depends on you as well.
I am never trendy. I have my own, independent ideas, ways and thoughts.
I want to know an individual's contribution to the society, at least his/her views and actions. I seek virtue in people. That's why I don't care who is he or she. I just care how do they behave with the people, specially when they have nothing to gain from someone.

I love lives regardless of their position. I hate none. I have personally nothing to gain from anybody. That's why I never think of impression I may have onto people.

How do you guard peace like this?A military person guarding stone carved Buddha image in Afghanistan!
27/08/2020

How do you guard peace like this?
A military person guarding stone carved Buddha image in Afghanistan!

१. दुनियाँ भर मे मानसिक समस्या से लाखौँ लोग मर रहे है! हर तप्के के लोग ये समस्या से पिडित है और इन मे से कई लोग इस समस्य...
21/06/2020

१. दुनियाँ भर मे मानसिक समस्या से लाखौँ लोग मर रहे है!
हर तप्के के लोग ये समस्या से पिडित है और इन मे से कई लोग इस समस्याको हल करते है, कई लोग इसी के साथ वेबस होकर जी रहे होते है तो कुच लोग जान देकर मूर्खता भरि बहादुरिता देखातें है। (मेरे हिसाब से राजनीतिक नेताओं और गरिव लोग कम आत्महत्या करते है)
२. मानसिक समस्या या बिरामी ?
मेरे हिसाव से ये एक समस्या है। बिमारीको दावाओं से ठिक किया जा सकता है लेकिन इस समस्याको दावाओंको मद्धत थोरबहुत नियन्त्रित किया जा सकता है लेकिन पुरी तरह से नही !
३. मानसिक समस्या क्युं होता है ?
न्यूरोसाइन्टिस्ट और कई वैज्ञानिक मानते है कि दिमाग मे हमें खुस बनाने वाले रसायन मे भारी मात्रा मे गिरावट आना और ना होना एक कारण है। कोई लोग आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक कारणको भी जिम्मेवार ठहरातें है। बाहर से देख्ने मे ये कारणको बहुत बढा तुल दिए जातें है! हालाकी इनका जिम्मेदार देना समस्या के हल नही है। ये समस्या के सीपीयु नही है। समस्या हमारी भावना की है-खराब भावना कि! (दरअसल, आप अपनी सोच्ने कि आदत से सेरोटिन की मात्र घटबढ करा सकते है। और अधिकांस लोगोंको आत्म हत्या करने मे समय लगता है।) और सारे बुरे और अच्छे भावनाको नियन्त्रण या विकासका जड है हमारी सोच। सोच सिर्फ ज्ञान और बुद्धि से आता है! और हमारी चेतना का स्तर एक वृक्ष तरह होते है - इसको निरन्तर बढ्ना चाहिए - लेकिन मरना नही चाहिए।
४. लोग क्युं आत्महत्या करते है?
जब लोगों मे लगातार खराब भावना आ जाता है - जो उनकी ज्ञान बुद्धि और चेतना कि स्तर कि कमी से होता है - तो लोग निरास और दुखी हो जाता है! मुलभूत रुप मे दिमागको सहि हिसाव से काम मे नालगाना और चेतना का स्तर निम्न होना इसके लिए जिम्मेदार है। उनहे एसा लगता है कि सब कुछ खतम हो गया और मरने से ही समस्या मिट जाएगा। लोग समस्याको इतना बढा कर देते है या देखते है कि उनका जीवन बौना लगता है, जैसे हावा आई और पत्ते या कागज को टुकडे को अव खैर नही!
५. आधुनिक युग मे ये समस्या क्युं विकराल और खतरनाक हो गया है?
क्युं कि लोग खुद नही जानते कि वो कौन है। जब लोग पूर्णरुप से जानते है की वो कौन है तब ज्यादतर समस्या अपनेआप हट जाते हैं। समस्या यह है की लोग अपने ही समस्या को अपने से बहुत बडा बनाए है। वो यह वात भूल जाते है कि जो चीज हमने बनाई है या बनाते है - वो सारे के सारे हमारे लिए है, हम उनके लिए नही हम। और ये बनाई हुई चीज कुछ भी हो सकता है - पैसा-पद–प्रतिष्ठा–शक्ति–सम्पत्ति- बंगला–गाडी–आईफोन, लिस्ट लम्बी है। जो भी चीज हम बनाते है वो हमसे बढा कैसे हो सकता है? आप कम्पनि बनाते है और आप कि कम्पनि आप से बढे हो जाते है अब इसी के लिए आप मरते है। ए क्या? एक आईफोन कब और कैसे एपल कम्पनि से बडा हो सकता है? लेकिन आधुनिक संसार मे यहि हो रहा है! तब तो जीवन कि कोई अहिमियत ना रहेगे और एसेमा ज्यान लेना और देना मामुली बात हो जाती है! हर लोगको समझना चाहीए कि जीवन ही केन्द्र है और जीवन से बडा कोई भी नही होते–ना समस्या ना उपलब्धि! जीवनका कोई बिकल्प नही है! हर चीज-परिवार- ज्ञान- समाज – पद- प्रतिष्ठा, जीवन के लिए है और इसीको सवरने कि लिए हम ने ही खडा किया है, बनाया है। जब इस सत्य को समझ लेंगे तब किसिको आत्महत्या करना नही पडेगा। आपके जिन्दगी से बडकर आप कि कोई भी चीज नही हो सकते। आपकि समस्या, आपकी पैसा आपकी उपलब्धि, आपकी पद- कुछ भी - आप कि चीज आप से बडे होते ही नही और होना भी नही चाहिए।
६. क्या करें और क्या करना चाहिए ?
आपको सिर्फ समझना है। जब वात समझ मे आतें है तब किसि को कुछ भी कहेनाका जरुत नही पडेगा। कृपया जिन्दगीको समझले और खुसहाल रहीए।
७. एक और बढी वात !
संसार बहुत बढा है – प्रकृति कठोर प्रतित होती है । इस लिए बाहर क्या होता - ये आप कि हातमे नही है लेकिन आपको अन्दर क्या होता है – इसके लिए १०० प्रतिशत आफ खुद जिम्मेदार हो। वाहर धुप लगे और वर्षात हो – इसको आप के साथ कुछ लेना देना नही है और ये आप कि नही सुनता और वश मे भी नही है ! वारिश मे भिगना है और छत्री का इस्तेमाल करना – ये सव आप कि हात मे है। अगर छत्री आप नही लेंगे तो बेसक आप भिगेंगे ही तब किसी और या झरीको आरोपित मत करना। - अनुसंधित्सु

POST SCRIPT: कृपया एह आपको पसंद आई तो श्यर करें अपनी मित्रों के साथ। मै आपकी आभारी रहूँगा क्युं कि अगर मेरी बजह से कोई भी एक व्यक्ति अपने आपको कत्ल करने से रोकता है तो मुझे बहुत शकुन मिलेगा। सब कि जय हो!
DISCLAIMER: मै पेशेवर सैकोलोजिस्ट नही और आप जानते है कि उपर लिखि हुई बातें आपके उपर जवर्जस्ती थोपा नही किया गया है- ये सिर्फ आपकी चेतना स्तरको बडाने कि लिए कीई गयी एक अपिल है। - अनुसंधित्सु

Peace is perfect!
14/06/2020

Peace is perfect!

Always facinating !C h a n d r a g i r i  H i l l s
05/03/2019

Always facinating !
C h a n d r a g i r i H i l l s

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