Manoj Kumar Agrawal Arya

Manoj Kumar Agrawal Arya तेरा वैभव अमर रहे माँ
हम दिन चार रहें न रहें

🩺 भारत में 1,04,062 मुस्लिम डॉक्टर हैं।7-8 मुस्लिम डॉक्टर हिन्दुओं के नरसंहार की साजिशों में गिरफ्तार हुए, पर सवाल ये है...
13/11/2025

🩺 भारत में 1,04,062 मुस्लिम डॉक्टर हैं।
7-8 मुस्लिम डॉक्टर हिन्दुओं के नरसंहार की साजिशों में गिरफ्तार हुए, पर सवाल ये है —
👉 क्या एक भी मुस्लिम डॉक्टर ने इन घटनाओं की निंदा की ?
👉 क्या किसी ने कहा कि "ये इस्लाम का चेहरा नहीं" हैं !
विरोध की एक भी आवाज़ उठी ??
फिर हम क्या करें ??
कम से कम इतना तो कर सकते हैं कि —
ऐसे डॉक्टरों को अवॉइड करें।
भारत में कुल 12,99,254 पंजीकृत MBBS डॉक्टर हैं, सच्चे और संवेदनशील डॉक्टरों से ही इलाज कराइए।
"हिन्दू समाज को अब सतर्क और स्वाभिमानी बनना होगा।"

#जनजागरण #जागृति #जागरूकबनें

11/07/2025
11/01/2025

सत्य जिनको सदैव छिपाया गया

Anupama Agrawal अनुपमा अग्रवाल Vishva Hindu Parishad -VHP

जय श्रीरामजय जय श्रीराम।। श्री राम जय राम जय जय राम ।।
11/01/2025

जय श्रीराम
जय जय श्रीराम
।। श्री राम जय राम जय जय राम ।।

1 - कल्याण मन्त्र2 - संगठन मन्त्र3 - भोजन मन्त्र4 - समरता मन्त्रRashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) Prerna Media राष्ट्रदे...
05/11/2024

1 - कल्याण मन्त्र
2 - संगठन मन्त्र
3 - भोजन मन्त्र
4 - समरता मन्त्र

Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) Prerna Media राष्ट्रदेव विश्व संवाद केंद्र- ब्रज प्रांत संघ गीत - Sangh Geet RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ Friends of RSS आरएसएस समर्थक Vishva Hindu Parishad -VHP राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - Rss प्रचार विभाग VSK Nagpur विश्व संवाद केंद्र मालवा विश्व संवाद केन्द्र अवध, लखनऊ : VSK Lucknow विश्व हिन्दू परिषद,इंद्रप्रस्थ-दिल्ली Chhattisgarh VSK विश्व संवाद केंद्र देहरादून उत्तराखंड VSK Chittor वैदिक ज्ञान Anupama Agrawal अनुपमा अग्रवाल

वैदिक कालीन भारत में जातिवाद नहीं था किन्तु अब जाति प्रथा भारतीय समाज में सदियों से व्याप्त है, हिंदू समाज के लिए एक आत्...
27/08/2024

वैदिक कालीन भारत में जातिवाद नहीं था किन्तु अब जाति प्रथा भारतीय समाज में सदियों से व्याप्त है, हिंदू समाज के लिए एक आत्मघाती और अभिशापकारी व्यवस्था रही है। यह प्रथा समाज को ऊंच-नीच के आधार पर विभाजित करती है, जिससे समाज में एकता और सद्भावना के स्थान पर भेदभाव, घृणा और असमानता का वर्चस्व होता है। जाति प्रथा न केवल समाज के विभिन्न वर्गों के बीच दूरी बढ़ाती है, बल्कि आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक उन्नति में भी बाधा उत्पन्न करती है।
ऊंच-नीच की भावना से ओत-प्रोत इस व्यवस्था ने हिंदू समाज को विभाजित कर दिया है, जिससे सामाजिक प्रगति में बाधा आई है। जब समाज के कुछ हिस्से अपने को श्रेष्ठ और दूसरों को तुच्छ मानते हैं, तो यह न केवल उन तथाकथित निचली जातियों का दमन करता है, बल्कि समग्र समाज की नैतिकता और मानवता पर भी एक गंभीर आघात पहुंचाता है।
आधुनिक युग में, जहां समानता, स्वतंत्रता और भाईचारे की बात की जाती है, जाति प्रथा हिंदू समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है। यह प्रथा सामाजिक एकता को कमजोर करती है और हिंदू धर्म के मूलभूत सिद्धांतों, जैसे करुणा, समानता और न्याय, के विपरीत है। अतः, इस प्रथा को समाप्त करना और समाज में एकता, समरसता और समानता को बढ़ावा देना नितांत आवश्यक है।
जाति प्रथा का उन्मूलन हिंदू समाज के लिए न केवल आत्म-संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक सामाजिक पुनरुत्थान का मार्ग भी प्रशस्त करेगा। इस दिशा में सभी वर्गों को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए ताकि एक समतामूलक और न्यायसंगत समाज का निर्माण हो सके।

20/08/2024

हमारी मजबूरी : सोशल मीडिया के जो प्लेटफार्म हमें उपलब्ध है, वह हमें इस तरह की पोस्ट के लिए पूरी सरकुलेशन नहीं देते, इसलिए अधिक से अधिक कॉपी पेस्ट करें।
अमेरिका पिछले 100 सालों से सुपरपावर है ! उनको चुनौती देने वाले हर देश को उन्होंने तोड दिया है, बरबाद कर दिया है।
जापान ने चुनौती दी तो खतम कर दिया, USSR ने चुनौती दी तो 17 टुकड़े कर दिए, इराक ने सर उठाया तो बरबाद कर दिया आजकल चाईना की बारी है। आगे भारत की भी बारी आएगी ही।
पिछले 100 सालों से दुनिया के टॉप टेन उद्योगपतियों में अमेरिका के उद्योगपतियों का दबदबा रहा है, टॉप 10 मे से 8-9 सिर्फ अमेरिकी उद्योगपति ही होते हैं, दूर-दूर तक कोई नहीं।
चीन के "जेक-मा" ने तीसरा स्थान हासिल किया तो, उनके खिलाफ "लॉबिंग" शुरु हुई ओर उनको भागना पड़ा।
*अमेरिका की ताकत उनका उद्योग है", वो टेक्नोलॉजी और बिजनेस के दम पर पूरी दुनिया को अपने काबू में रखता है। अगर कोई भी देश अथवा उद्योगपति उनको टक्कर या चुनोती देगा तो वो अरबों रुपये खर्च करके उनको बर्बाद कर देगा, इनका यह चरित्र जग जाहिर है।*
पिछले पांच सालों से भारतीय उद्योगपति "अडानी उंची उडान भर रहा है। पिछले साल वो दुनिया का दुसरा सबसे बडा उद्योगपति बन चुका था, अगर यही रफ्तार रहती तो 2024 में दुनिया का सबसे बडा उद्योगपति बन जाता, दुनिया भारत की तरफ देखती।
भारत "मेक इन इंडिया" का अभियान चला रहा है, भारत बहुत बडा बाजार है, अगर भारत आने वाले 20 वर्षो मे आत्मनिर्भर बन जाता है, तो अमेरिका, युरोप, चीन के साथ-साथ अरब वर्ल्ड को भारी नुकसान उठाना पडेगा‌।डालर $ के मुकाबले भारतीय रुपया मजबूत होता जाएगा।
*भारत में भी लॉबिंग शुरू हो चुकी है, हर देश मे "पप्पूओं " की कमी नहीं होती, नेताओं और मीडिया को भी खरीदा जा सकता है ??*
Youtube, Facebook , Insta, Google, Twitter ये सारे प्लेटफार्म अमेरिका के हैं, वो जब चाहे किसी के भी खिलाफ अभियान चला सकता है।
भारत में मूर्खों, पप्पुओं, जयचंदों, गद्दारों की कमी नहीं है, चीन में ये सब आसान नही है। *वहाँ लोकतंत्र नही है, वहाँ प्रोपेगंडा, झूठ फैलाना आसान नहीं है,चीन खुद भारत को आगे बढने से रोक रहा है।*
आनेवाले समय मे "भारत" के लिए चुनौतियां ज्यादा हैं,,
अफगानिस्तान में रशिया के खिलाफ "तालिबान" जैसे संगठनों को खड़ा करने मे अमेरिका ने अरबों खरबों डालर खर्च किया था।
*भारत को अस्थिर करना तो और भी आसान है, यहां देशद्रोही और गद्दारों की कमी नहीं है, यहां के कुछ नेताओं के बयान देखो वो खुल्लम-खुल्ला विदेशी एजंटो की तरह काम कर रहे हैं। जज बिकते हैं, मीडिया बिकती है, नेता बिकाऊ हैँ। जब तक भारत की जनता समझदार व चालाक नहीं बनती तब तक भारत "सुपरपावर" नहीं बन सकता।*
भारत बहुत बड़ा बाजार है कोई भी देश नहीं चाहेगा कि भारत आत्मनिर्भर बने इसलिए ऐसी बातें करने वाली सरकारों को हराना /गिराना होगा।
*विदेशी ताकतें चाहती हैं भारत में मिलीजुली ( खिचडी) सरकार ही बने जिनको हर वक्त सरकार गिरने का डर हो* भ्रष्टाचार वाली सरकार रहेगी तो अपने हिसाब से नीती, नियम और कानून बना सकते हैं, भारत में सरल शर्तो पर व्यापार करना आसान होगा।
*पिछले दस सालों से भारत मे स्थिर और मजबूत सरकार है, उन्हें परेशानी हो रही है कि भारत की सरकार खुद के उद्योगपतियों को मजबूत बना रही है।* उनकी सोच है कि इनके पर कतरने पड़ेंगे।
*किसी भी देश की ताकत होती है उनके "उद्योगपति*" जो अपने देश के हुनर और चीजों की विदेशों में मार्केटिंग करता है, सरकार का काम है उनके हितों की रक्षा करना,
अगर आज "अडानी, अंबानी, टाटा, महिन्द्रा, दुनिया को चुनौती दे रहे हैं तो उनकी बरबादी जश्न मनाने वाले अपने देश के ये गद्दार क्या विदेशी एजेंट नहीं है ??
इनको पहचानो ये वही जयचन्द हैं।
*ये जयचंद इतने जहरीले आस्तीन के साँप है कि इन्हें हर भारत विरोधी बात में खुशी मिलती है, देश की तरक्की से संबंधित कोई भी आकड़ा या रिपोर्ट ये मानने को तैयार नहीं हैं, पर अगर देश के विरुद्ध इन्हें कहीं भी कुछ दिख जाए तो ये खुशी से पागल हो जाते हैं।*
मीडिया तो मजबूर है, बिकाऊ है, वो इन गद्दार ने नेताओं से सवाल नहीं पूछेगी, लेकिन हम मजबूर नहीं हैं।
इस पोस्ट को पढ़ने वाला 1 - 1 सदस्य कम से कम 20 को या तो ग्रुप को यह मैसेज फॉरवर्ड करने से और उन कांटेक्ट को आगे फॉरवर्ड करने का अनुरोध करने से ही हम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा अमेरिका के देश तोड़ने के अभियान को हरा सकते हैं, शिकस्त दे सकते हैं।
मेहनत तो हमें करनी ही पड़ेगी क्योंकि देश हमारा है, प्रधानमंत्री हमारा है, और इस देश से जुड़ा वर्तमान और भविष्य दोनों हमारा और हमारी पीढ़ियों का है।
( Plz Copy paste & Send others )
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वैदिक ज्ञान संघ गीत - Sangh Geet Prerna Media राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ " प्रचारक जीवन " आरएसएस समर्थक Narendra Modi राष्ट्रदेव 🚩RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 🚩 Friends of RSS Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ - Rss प्रचार विभाग विश्व संवाद केन्द्र अवध, लखनऊ : VSK Lucknow विश्व संवाद केंद्र, मध्य प्रदेश VSK Nagpur VSK Jaipur Vsk Meerut Chhattisgarh VSK VSK Chittor Vishva Hindu Parishad -VHP विश्व हिन्दू परिषद,इंद्रप्रस्थ-दिल्ली विश्व संवाद केंद्र मालवा विश्व संवाद केंद्र- ब्रज प्रांत विश्व संवाद केंद्र देहरादून उत्तराखंड Anupama Agrawal अनुपमा अग्रवाल
🙏🏼

20/08/2024

फिलिस्तीन के पास "हमास" है,
नाइजीरिया के पास "बोको हराम" है,
लेबनान के पास "हिजबुल्लाह " है,
अफगानिस्तान के पास "तालिबान " है,
इराक और सीरिया के पास "ISIS" है,
पाकिस्तान के पास "लश्करे तोइबा" है।

और इन सबसे खतरनाक भारत के पास "कांग्रेस" है, सेकुलरी जमात है, नक्सली हैं, माओवादी हैं, फ्री के लालच में आने वाले हैं, जातिवादी जमात है।
😡😡

रक्षाबंधन: प्रतिवर्ष श्रावणी-पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्यौहार होता है, इस दिन बहनें अपने भाई को रक्षा-सूत्र बांधती हैं। ...
19/08/2024

रक्षाबंधन: प्रतिवर्ष श्रावणी-पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्यौहार होता है, इस दिन बहनें अपने भाई को रक्षा-सूत्र बांधती हैं। यह रक्षासूत्र यदि वैदिक रीति से बनाई जाए तो शास्त्रों में भी उसका बड़ा महत्व है
👉 कैसे बनायें वैदिक राखी :
वैदिक राखी बनाने के लिए सबसे पहले एक छोटा-सा ऊनी, सूती या रेशमी पीले कपड़े का टुकड़ा लें।
(1) दूर्वा
(2) अक्षत (साबूत चावल)
(3) केसर या हल्दी
(4) शुद्ध चंदन
(5) सरसों के साबूत दाने
इन पाँच चीजों को मिलाकर कपड़े में बाँधकर सिलाई कर दें। फिर कलावे से जोड़कर राखी का आकार दें । सामर्थ्य हो तो उपरोक्त पाँच वस्तुओं के साथ स्वर्ण भी डाल सकते हैं।
👉 वैदिक राखी का महत्त्व
वैदिक राखी में डाली जानेवाली वस्तुएँ हमारे जीवन को उन्नति की ओर ले जानेवाले संकल्पों को पोषित करती हैं
👉 (1) दूर्वा
जैसे दूर्वा का एक अंकुर जमीन में लगाने पर वह हजारों की संख्या में फैल जाती है, वैसे ही ‘हमारे भाई या हितैषी के जीवन में भी सद्गुण फैलते जायें, बढ़ते जायें...’ इस भावना का द्योतक है दूर्वा। दूर्वा गणेशजी की प्रिय है अर्थात् हम जिनको राखी बाँध रहे हैं उनके जीवन में आनेवाले विघ्नों का नाश हो जाय
👉 (2) अक्षत ( साबूत चावल ) हमारी भक्ति और श्रद्धा भगवान के, गुरु के चरणों में अक्षत हो, अखंड और अटूट हो, कभी क्षत-विक्षत न हो - यह अक्षत का संकेत है अक्षत पूर्णता की भावना के प्रतीक हैं, जो कुछ अर्पित किया जाय, पूरी भावना के साथ किया जाय विनोद जी महाराज
👉 (3) केसर या हल्दी
केसर, केसर की प्रकृति तेज होती है अर्थात् हम जिनको यह रक्षासूत्र बाँध रहे हैं उनका जीवन तेजस्वी हो । उनका आध्यात्मिक तेज, भक्ति और ज्ञान का तेज बढ़ता जाय । केसर की जगह पिसी हल्दी का भी प्रयोग कर सकते हैं । हल्दी पवित्रता व शुभ का प्रतीक है। यह नजरदोष व नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करती है तथा उत्तम स्वास्थ्य व सम्पन्नता लाती है
👉 (4) चंदन
चंदन दूसरों को शीतलता और सुगंध देता है। यह इस भावना का द्योतक है कि जिनको हम राखी बाँध रहे हैं, उनके जीवन में सदैव शीतलता बनी रहे, कभी तनाव न हो । उनके द्वारा दूसरों को पवित्रता, सज्जनता व संयम आदि की सुगंध मिलती रहे । उनकी सेवा-सुवास दूर तक फैले ।
👉 (5) सरसों
सरसों: सरसों तीक्ष्ण होती है, इसी प्रकार हम अपने दुर्गुणों का विनाश करने में, समाज-द्रोहियों को सबक सिखाने में तीक्ष्ण बनें ।
* अतः यह वैदिक रक्षासूत्र वैदिक संकल्पों से परिपूर्ण होकर सर्व-मंगलकारी है।
रक्षासूत्र बाँधते समय यह श्लोक बोला जाता है :
* येन बद्धो बली राजा, दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वां अभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल। या अपने इष्ट देव का 5 बार नाम लेकर भाई की मंगलकामना के साथ भी राखी बाँध सकती है
👉 रक्षासूत्र बाँधते समय एक श्लोक और पढ़ा जाता है जो इस प्रकार है -
ओम यदाबध्नन्दाक्षायणा हिरण्यं, शतानीकाय सुमनस्यमाना:। तन्मSआबध्नामि शतशारदाय, आयुष्मांजरदृष्टिर्यथासम्।।
इस मंत्रोच्चारण व शुभ संकल्प सहित वैदिक राखी बहन अपने भाई को, माँ अपने बेटे को, दादी अपने पोते को बाँध सकती है । यही नहीं, शिष्य भी यदि इस वैदिक राखी को अपने सद्गुरु को प्रेमसहित अर्पण करता है तो उसकी सब अमंगलों से रक्षा होती है भक्ति बढ़ती है
महाभारत में यह रक्षा सूत्र माता कुंती ने अपने पोते अभिमन्यु को बाँधी थी । जब तक यह धागा अभिमन्यु के हाथ में था तब तक उसकी रक्षा हुई, धागा टूटने पर अभिमन्यु की मृत्यु हुई। इस प्रकार इन पांच वस्तुओं से बनी हुई वैदिक राखी को शास्त्रोक्त नियमानुसार
बांधते हैं हम पुत्र-पौत्र एवं बंधुजनों सहित वर्ष भर सूखी रहते हैं )।
👉 रक्षा सूत्रों के विभिन्न प्रकार:
*विप्र रक्षा सूत्र*- रक्षाबंधन के दिन किसी तीर्थ अथवा जलाशय में जाकर वैदिक अनुष्ठान करने के बाद सिद्ध रक्षा सूत्र को विद्वान पुरोहित ब्राह्मण द्वारा स्वस्तिवाचन करते हुए यजमान के दाहिने हाथ मे बांधना शास्त्रों में सर्वोच्च रक्षा सूत्र माना गया है।
*गुरु रक्षा सूत्र*- सर्वसामर्थ्यवान गुरु अपने शिष्य के कल्याण के लिए इसे बांधते है।
*मातृ-पितृ रक्षा सूत्र*- अपनी संतान की रक्षा के लिए माता पिता द्वारा बांधा गया रक्षा सूत्र शास्त्रों में "करंडक" कहा जाता है।
*भातृ रक्षा सूत्र*- अपने से बड़े या छोटे भैया को समस्त विघ्नों से रक्षा के लिए बांधी जाती है देवता भी एक दूसरे को इसी प्रकार रक्षा सूत्र बांध कर विजय पाते है।
*स्वसृ-रक्षासूत्र*- पुरोहित अथवा वेदपाठी ब्राह्मण द्वारा रक्षा सूत्र बांधने के बाद बहिन का पूरी श्रद्धा से भाई की दाहिनी कलाई पर समस्त कष्ट से रक्षा के लिए रक्षा सूत्र बांधती है। भविष्य पुराण में भी इसकी महिमा बताई गई है। इससे भाई दीर्घायु होता है एवं धन-धान्य सम्पन्न बनता है।
*गौ रक्षा सूत्र*- अगस्त संहिता अनुसार गौ माता को राखी बांधने से भाई के रोग शोक दूर होते है। यह विधान प्राचीन काल से चला आ रहा है।

साभार: "विनोद जी महाराज"
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27/06/2024

अत्यन्त गम्भीर व महत्वपूर्ण सन्देश देने वाली पोस्ट.....जापान के लोग कभी भी अमेरिका के विरुद्ध नारेबाजी क्यों नहीं करते हैं ??
जबकि अमेरिका वह देश है जिसने जापान के हिरोशिमा व नागासाकी में परमाणु बम गिराया था। किन्तु हमने कभी जापान की सडकों पर अमेरिका के विरोध में कोई रैली, जुलुस नहीं सुने, और ना ही कभी "अमेरिका" मुर्दाबाद कहते हुए सुना होना या पढ़ा। यह प्रश्न जब एक जापानी नागरिक से पूछा गया तो उसने कहा "केवल नारेबाज़ी करना और अपने ही देश में,अपने शत्रु का विरोध कर दंगा फसाद करना कमज़ोर कौमों की पहचान है - जो वास्तव में कुछ नहीं करना चाहते !! आज अमेरिका के राष्ट्रपति के ऑफिस में "मेड इन जापान" पेनासोनिक टेलीफोन और सोनी टेलीविज़न रखा हुआ है, यही हमारी अमेरिका के विरुद्ध जीत भी है और प्रतिशोध भी........."प्रतिशोध लेने का और अपनी सफलता को प्रदर्शित करने का यही उचित उपाय भी है। क्या हम भी प्रतिशोध की धारणा से सबक ले सकेंगे...........❓

श्रीराम मन्दिर के चित्रों से सज्जित सामग्री की भरपूर माँग है, "वैवाहिक निमन्त्रण पत्र भी इस माँग से अछूता नहीं है, रामभक...
18/01/2024

श्रीराम मन्दिर के चित्रों से सज्जित सामग्री की भरपूर माँग है, "वैवाहिक निमन्त्रण पत्र भी इस माँग से अछूता नहीं है, रामभक्तों की इस इच्छा को पूरा करने को सेवारत है....
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