Kishori Lal

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15/04/2024

ओ मईया तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दये री बन में,
दीवानी तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दये री बन में ॥
जदपि भरत तेरो ही जायो,
तेरी करनी देख लजायो,
अपनों पद तैने आप गँवायो,
भरत की नजरन में,
राम-सिया भेज दये री बन में ॥
हठीली तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दये री बन में ॥

मेहल छोड़ वहाँ नहीं रे मड़ैया,
सिया सुकुमारी,संग दोउ भईया,
काहू वृक्ष तर भीजत होंगे,
तीनों मेहन में,
राम-सिया भेज दये री बन में ॥
हठीली तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दये री बन में ॥

कौशल्या की छिन गयी बानी,
रोय ना सकी उर्मिल दीवानी,
कैकेयी तू बस एक ही रानी,
रह गयी महलन में,
राम-सिया भेज दये री बन में ॥
हठीली तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दये री बन में ॥

ओ मईया तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दये री बन में,
दीवानी तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दये री बन में ॥

19/07/2023

भोले तेरे चरणों की
गर धुल जो मिल जाए,
सच कहता हूँ भोले
तकदीर बदल जाए
भोले तेरे चरणों की....

सुनते है तेरी रहमत,
दिन रात बरसती है
एक बूँद जो मिल जाए ,
दिल की कली खिल जाए
भोले तेरे चरणों की....

यह मन बड़ा चंचल है,
कैसे तेरा भजन करूँ
जितना इसे समझाऊँ ,
उतना ही मचल जाए
भोले तेरे चरणों की....

नजरों से गिराना ना,
चाहे लाख सजा देना
नज़रों से जो गिर जाए ,
मुश्किल है संभल पाए
भोले तेरे चरणों की....

भोले इस जीवन में,
बस एक तमन्ना है
तुम सामने हो मेरे ,
मेरी जान निकल जाए
भोले तेरे चरणों की...

19/07/2023

फ़िल्मी गाने की तर्ज - ना कजरे की धार
माँ अंजनी के लाल
कलयुग कर दियो निहाल
ओ पवन पुत्र हनुमान
तुम श्री राम के सेवक हो

शिव शंकर के अवतार
मेरे बालाजी सरकार
ओ पवन पुत्र हनुमान
तुम श्री राम के सेवक हो

तू माँ अंजनी का जाया
शिव अवतारी कहलाया
पाकर के अद्भुत शक्ति
संसार में मान बढाया

तेरी सूरत कुछ कपी सी
कुछ मानव सी सुहाय
मन में राम समाए
और तन सिंदूर रमाये
तेरी छाती बज्र समाये
तुम श्री राम के सेवक हो

जब हरण हुआ सीता का
कुछ पता नही लग पाया
तूने जा के लंका नगरी
माँ सीता का पता लगाया
तूने राक्षस सब पछाड़े
पहले गरजे फिर दहाड़े
सबको मिलकर दिए पछाड़

माँ अंजनी के लाल
कलयुग कर दियो निहाल
ओ पवन पुत्र हनुमान
तुम श्री राम के सेवक हो

19/07/2023

तर्ज़: एक दिन वो भोले भण्डारी

एक दिन कान्हा शोर मचाएं, पेट पकड़ चिल्लाए,
अरे क्या हो गया है, अरे क्या हो गया है,
भामा रुक्मिणी समझ न पाएं, कैसे रोग मिटाए,
अरे क्या हो गया है, अरे क्या हो गया है।

पूछे है दोनों रानी, पीड़ा मिटेगी कैसे साँवरे,
नैनों में भर के पानी, बोले बचूं ना मै तो आज रे,
चरणों को धोकर जल लाओ, लाकर मुझे पिलाओ,
अरे क्या हो गया है, अरे क्या हो गया है।

ऐसा ना होगा हमसे, कहने लगीं वो दोनो रानी ये,
पैरों को धोकर अपने, कैसे पिला दें भला पानी ये,
जब तक सूरज चाँद फलक पे, होगा वास नरक में,
अरे क्या हो गया है, अरे क्या हो गया है।

नारद से बोले कान्हा, अब तो हुआ है बुरा हाल रे,
राधा से जाकर कह दो, अपने कन्हैया को संभाल रे,
आज अगर वो जल ना पाऊँ मुश्किल है बच पाऊँ
अरे क्या हो गया है, अरे क्या हो गया है,

सोचे वो प्रेम दीवानी, प्रेम का यही दस्तूर है,
प्राण बचे मोहन के, नरक में जाना मँजूर है,
झट से अपने चरण धुलाए, लौटा दिया थमाए,
अरे क्या हो गया है, अरे क्या हो गया है,

धन्य हो राधे रानी, रीत निभाई तूने प्रीत की,
प्रीत में लुटकर मानों खुशियां मिली है तुझे जीत की,
भक्त कहें कान्हा मुस्काए, रानी खड़ी लजाएँ,
अरे क्या हो गया है, अरे क्या हो गया है

19/07/2023

जो खेल गए प्राणो पे श्री राम के लिए
इक बार तो हाथ उठा दो मेरे हनुमान के लिए

सागर को लांघ के इसने सीता का पता लगाया
प्रभु राम नाम का डंका जा कर लंका में बजाया
माता अंजनी की ऐसी...
माता अंजनी की ऐसी संतान के लिए
इक बार तो हाथ उठा दो मेरे हनुमान के लिए

लक्ष्मण को बचाने की जब सारी आशाएं टूटी
ये पवन वेग से जाकर लाए संजीवनी बूटी
पर्वत को उठाने वाले...
पर्वत को उठाने वाले बलवान के लिए
इक बार तो हाथ उठा दो मेरे हनुमान के लिए

विभीषण ने भक्ति पर जब आज है प्रशन उठाया
तो चीर के सीना अपना श्री राम का दर्श कराया
इस परम भक्त हनुमान...
इस परम भक्त हनुमान के सम्मान के लिए
इक बार तो हाथ उठा दो मेरे हनुमान के लिए

जो खेल गए प्राणो पे...
जो खेल गए प्राणो पे श्री राम के लिए
इक बार तो हाथ उठा दो मेरे हनुमान के लिए

जो खेल गए प्राणो पे श्री राम के लिए इक बार तो हाथ उठा दो मेरे हनुमान के लिए

खींचे खींचे रे दुशासन मेरो चीर, अरज सुनो गिरधारीहस्तिनापुर में जाकर देखो, महफिल हो गई भारी कौरव पांडव सभा बीच में खड़ी द...
19/07/2023

खींचे खींचे रे दुशासन मेरो चीर, अरज सुनो गिरधारी
हस्तिनापुर में जाकर देखो, महफिल हो गई भारी कौरव पांडव सभा बीच में खड़ी द्रोपती नारी
उनके नैनों से बरस रहो नीर, अरज सुनो गिरधारी
2. पांचो पांडव ऐसे बैठे जैसे अबला नारी
द्रोपती अपने मन में सोचे, दुर्गति भाई हमारी
नहीं है नहीं है रे धरैया कोई धीर, अरज सुनो गिरधारी

3 वा दिन याद करो कन्हैया उंगली कटी तुम्हारी दोनों हाथों पट्टी बांधी, चीर के अपनी साड़ी
आ गई आ गई रे, कन्हैया तेरी याद, अरज सुनो गिरधारी

4 राधा छोड़ी रुक्मण छोड़ी छोड़ी गरुण सवारी
नंगे पैर कन्हैया आए, ऐसे प्रेम पुजारी
बच गई बच गई द्रोपती जी की लाज, अरज सुनो गिरधारी

5. खींचत चीर दुशासन हारो हार गयो बल धारी दुर्योधन की सभा बीच में चकित हुए नर-नारी
बढ़ गयो बढ गयो रे, हजारों गज चीर, अरज सुनो गिरधारी

19/07/2023

ये गोटेदार चुनरी आई माँ ओढ़ के
मेरे घर आई मैया मंदिर को छोड़ के ,

ब्रम्‍हा भी आए मैया विष्णु भी आए,
लक्ष्मी भी आई मईया चुनरी को ओढ़ के,
ये गोटेदार चुनरी आई माँ ओढ़ के,

राम भी आए लक्ष्मण भी आए,
सीता भी आई मईया चुनरी को ओढ़ के,
ये गोटेदार चुनरी आई माँ ओढ़ के,

कृष्णा भी आए दाउ भी आए,
राधा भी आई मईया चुनरी को ओढ़ के,
ये गोटेदार चुनरी आई माँ ओढ़ के,

शंकर भी आए गणपति भी आए,
गौरा भी आई मईया चुनरी को ओढ़ के,
ये गोटेदार चुनरी आई माँ ओढ़ के,

दुर्गे भी आए मईया वैष्णो भी आई,
नौ बहनें आई संग चुनरी को ओढ़ के,
ये गोटेदार चुनरी आई माँ ओढ़ के

28/01/2023

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Allahabad
512

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