29/07/2024
मुझे भी शौक था जाकर सउदी में कमाने का कइ सालों से ऐंठा में यूं ही बेकार बैठा हूं कभी सोचा लगा लूं ठेल बियानी की ऐंठा में नहीं थे पास पैसे इसलिए मन मार बैठा हूं, यूं ही अपना समझके मैं उसे चुमकार बैठा हूं, मुहब्बत की अदालत में मुकदमा हार बैठा हूं,