08/10/2025
वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा में व्याप्त अनियमितता, पक्षपात और जनहित की उपेक्षा को लेकर छात्र जद(यू) के प्रदेश सचिव अंकुर कुशवाहा ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि 02 जुलाई, 11 जुलाई और 27 सितंबर 2025 को तीन बार औपचारिक शिकायतें दी गईं, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
🗣️ “जब Veer Kunwar Singh University, Ara में अध्ययनरत छात्र को ही विश्वविद्यालय में आउटसोर्सिंग स्टाफ बनाकर गोपनीय कार्यों में लगाया जाता है और तीन बार शिकायत के बाद भी कोई निर्णय नहीं होता — तो यह स्पष्ट संकेत है कि कुछ अधिकारी ऐसे कर्मचारियों को संरक्षण देकर अनुचित लाभ प्राप्त (भ्रष्टाचार) कर रहे हैं। यह प्रशासनिक पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न उठाता है।” — अंकुर कुशवाहा
उन्होंने यह भी कहा कि यह अब केवल शिकायत का विषय नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकार, विश्वविद्यालय की साख और प्रशासनिक जवाबदेही का प्रश्न बन चुका है।
छात्र जद(यू) ने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई करे और वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत अन्य कर्मियों का भी व्यापक स्तर पर स्थानांतरण पारदर्शी ढंग से किया जाए।
📄 अंकुर कुशवाहा ने यह भी कहा कि —
“तीन बार शिकायत दर्ज होने के बावजूद यह मामला अब तक अधिकांश प्रिंट/सोशल मीडिया में सामने नहीं आया। यह संदेह उत्पन्न करता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन या कुछ प्रभावशाली अधिकारी स्तर पर *सूचनाओं को दबाने या मीडिया प्रबंधन करने का प्रयास* किया गया है। कुछ पत्रकारों ने इस विषय पर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी, परंतु वह पोस्ट कुछ ही समय बाद हटा दी गई — यह स्वयं में कई सवाल खड़े करता है।”
अंत में उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो यह मामला राजभवन, University Grants Commission, Bihar Education Department, लोकायुक्त, राज्य सूचना आयोग जैसे सक्षम प्राधिकरणों के समक्ष साक्ष्यों सहित प्रस्तुत किया जाएगा।