22/05/2026
*बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल करारी हार के बाद घर छोड़ 'आश्रम' में शिफ्ट हुए प्रशांत किशोर (PK)*
न्यूज़ इंडिया नेशन श्रवण यादव
*बिहार,पटना 22 भी 2026*
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के
नतीजों के बाद 'जन सुराज' (Jan Suraaj) के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एक बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार (19 मई) की रात उन्होंने पटना का अपना पुराना आवास (शेखपुरा हाउस) छोड़ दिया और अब वे अगले 5 साल (अगले चुनाव तक) बिहटा स्थित एक टेंट वाले आश्रम में ही रहेंगे।।
आखिर PK ने यह कदम क्यों उठाया और 2025 के चुनाव में उनकी पार्टी का क्या हाल हुआ? आइए विस्तार से जानते हैं
*क्या है PK का नया ठिकाना?*
जगह: 'बिहार नवनिर्माण आश्रम', कुस्थौली, बिहटा (IIT-पटना के पास)
तैयारी: यह 5 एकड़ का इलाका पहले बगीचा था, जिसे अब आश्रम का रूप दिया गया है। यहाँ 50 से अधिक टेंट लगाए गए हैं।।
*रणनीति* : अब अगले 5 साल तक जन सुराज पार्टी की सारी राजनीतिक गतिविधियां, कार्यकर्ताओं की ट्रेनिंग और गांव-गांव संवाद इसी आश्रम से चलेंगे।
*मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर PK का सीधा और तीखा हमला:*
आश्रम शिफ्ट होने के बाद प्रशांत किशोर ने मौजूदा सरकार पर जमकर भड़ास निकाली।
*25 एकड़ का बंगला vs युवा* : PK ने कहा, "एक तरफ बिहार के युवा रोजगार के लिए दिल्ली-मुंबई में छोटे कमरों में रहने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री को 25 एकड़ का बंगला भी छोटा पड़ रहा है।"
*घोटाले और प्राथमिकता* : उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के सीएम की प्राथमिकता बिहार नहीं बल्कि गुजरात है। पीरपैंती बिजली परियोजना में घोटाले की बात दबाई जा रही है।
*पेपर लीक* : "जब तक लोग शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर वोट नहीं करेंगे, तब तक बिहार में भ्रष्टाचार और पेपर लीक नहीं रुकेगा।"
*2025 चुनाव में कैसा रहा 'जन सुराज' का प्रदर्शन? (कड़वी सच्चाई)*
बड़े-बड़े दावों के बीच, चुनाव चिन्ह 'स्कूल बैग' (🎒) के साथ मैदान में उतरी जन सुराज का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा:
*कुल सीटें जीतीं* : 243 में से 0 सीट (हर रीजन में पार्टी का सूपड़ा साफ)।
*जमानत जब्त:* 238 उम्मीदवारों में से 233 (98%) प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।
*वोट शेयर* : पार्टी को सिर्फ करीब 2% वोट मिले। (AIMIM और BSP जैसी पार्टियों का स्ट्राइक रेट इनसे बेहतर रहा)।
*खुद का जिला भी हारे* : PK अपने गृह जिले रोहतास की सभी 7 सीटों पर अपनी जमानत नहीं बचा पाए। उनकी अपनी विधानसभा करगहर में पार्टी को सिर्फ 7.42% वोट मिले।।
*आगे क्या?*
2 अक्टूबर 2024 को बनी इस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह और बिहार अध्यक्ष मनोज भारती (रिटायर्ड IFS) के सामने अब संगठन को फिर से खड़ा करने की चुनौती है।।
प्रशांत किशोर का यह 'आश्रम-वास' और संघर्ष क्या अगले चुनाव में बिहार की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव ला पाएगा? या फिर 2025 की तरह ही यह सिर्फ एक प्रयोग बनकर रह जाएगा?
आपकी इस पर क्या राय है? क्या बिहार की जनता भविष्य में 'जन सुराज' पर भरोसा करेगी? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं!