13/04/2026
छोटे गाँव कस्बे से आया लड़का जब अमीर हो जाए तो सबसे पहले क्या खरीदता है?
खरीदने से मेरा मतलब अपने लाइफ-स्टाइल को बदलने से है। फिर अमीरी के साथ-साथ जब लड़का शो-बिजनेस से जुड़ जाए, सेलिब्रिटी कहलाने लगे तो बाक़ी सेलेबिट्टियों से स्टेटस मैच करने के लिए गाड़ी, बड़ी गाड़ी, घर, बड़ा घर और यहाँ तक की महल भी बनवाने से नहीं चूकता।
फिर ये पैसा कल खत्म न हो जाए इसलिए बुम्बई दिल्ली की प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करता है, स्टॉक खरीदता है, सोना बनवाता है… सौ शोशे करता है।
पर गाँव के अंदर वर्ल्ड क्लास लाइब्रेरी बनवाने वाला, उस लाइब्रेरी के लिए बड़े-बड़े महारथियों को जुटाने वाला सेलिब्रिटी मैंने सौरभ द्विवेदी के रूप में पहली बार देखा है।
आप सौ बातों पर सौरभ का मज़ाक उड़ा सकते हो पर इस बात पर आपके मुँह से तारीफ़ ज़रूर निकलेगी कि लाइब्रेरी जैसा नॉट सो प्राफिटेबल बिजनेस करने की हिम्मत, सिर्फ सौरभ ने दिखाई है।
और ये तो एक खुली है अभी, सौरभ द्विवेदी का विज़न है कि पूरे देश में ऐसी 100 आधुनिक, फुल एयर-कन्डिशन माता प्रसाद लाइब्रेरी खोली जाएंगी और बड़े-बड़े नामों से बड़ी-बड़ी डोनेशन ली जायेगी।
जगह-जगह फ्री वाईफाई देकर सबको रीलनशेड़ी बनाने वाले इस युग में, सौरभ द्विवेदी का ये स्टेप भारत की अगली पीढ़ी के लिए बहुत फ़ायदेमंद साबित होगा।