15/08/2020
#यूनान, #मिस्र, रोमां, सब मिट गए जहाँ से ।
अब तक मगर है बाकी, नाम-ओ-निशां हमारा
कुछ बात है कि हस्ती, मिटती नहीं हमारी
सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-जहाँ हमारा
#सारे_जहाँ_से_अच्छा_हिन्दोस्तां_हमारा
हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिसतां हमारा ।
साभार - #मुहम्मद #इक़बाल