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सच सामने लाते रहेंगे

16/03/2026

हमारे झंडा-डंडा दोनों मजबूत है. हम चमड़ा उतारना जानते है, उसका जूता बनाना भी जानते है

चन्द्रशेखर आजाद, नगीना सांसद

14/03/2026

DHAMPUR NEWS: संघ नेता के घर पर हमले के मामले में चला योगी सरकार का पीला पंजा, टीन शेड और आगे के हिस्से पर कार्रवाई

14/03/2026

धामपुर: आरएसएस नेता के घर पर तड़के हमला, गांव में दहशत — आरोपी गिरफ्तार, प्रशासन की कार्रवाई

13/03/2026

ये मुल्क संभल CO के बाप का नहीं है : ओवैसी

10/03/2026

रसोई गैस की बढ़ती कीमतों से आम जनता परेशान

मोदी सरकार ने घरेलू LPG गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है।
लगातार बढ़ती महंगाई से आम और गरीब जनता की परेशानी और बढ़ गई है।

2027 विधानसभा चुनाव सर्वेधामपुर विधानसभा सीट पर अबकी बार किसकी जीत तय?2027 में जनता का रुख किस तरफ? कमेंट में अपनी राय ज...
02/03/2026

2027 विधानसभा चुनाव सर्वे

धामपुर विधानसभा सीट पर अबकी बार किसकी जीत तय?

2027 में जनता का रुख किस तरफ?

कमेंट में अपनी राय जरूर बताइए

A- अशोक कुमार राणा (विधायक)
B- मूलचंद चौहान (पूर्व विधायक पूर्व राज्य मंत्री)
C- विवेक कुमार सेन (जिला पंचायत सदस्य)
D- नईम उल हसन (पूर्व विधायक पूर्व दर्जा मंत्री)

11/02/2026

इस बार सभी समाजवादी पार्टी के कैंडिडेट की जमानत जब्त करानी है- यह क्या बोल दिया इन चाचा ने

नसरीन बानो शेख बनी महाराष्ट्र मालेगांव की नई मेयर । महाराष्ट्र के मालेगांव नगर निगम मेयर चुनाव में इस्लाम पार्टी की उम्म...
08/02/2026

नसरीन बानो शेख बनी महाराष्ट्र मालेगांव की नई मेयर । महाराष्ट्र के मालेगांव नगर निगम मेयर चुनाव में इस्लाम पार्टी की उम्मीदवार नसरीन बानो शेख मालेगांव की नई मेयर चुनी गई हैं।इस्लाम पार्टी की नसरीन बानो शेख ने शिवसेना उम्मीदवार लता घोडके को 25 वोटों के अंतर से हराया। नसरीन बानो शेख को कुल 43 वोट मिले, जिसमें इस्लाम पार्टी के 35, समाजवादी पार्टी के 5 और कांग्रेस के 3 नगरसेवकों का समर्थन शामिल रहा। मालेगांव में नसरीन बानो शेख की यह जीत राजनीति में मुस्लिम सियासी ताक़त बता रही है।

08/02/2026

Bijnor: तेज रफ्तार स्विफ्ट कार ने बाइक सवार को मारी टक्कर, टक्कर लगने से बाइक पर सवार चाचा भतीजे की दर्दनाक मौत, टक्कर लगने से कई मीटर दूर जाकर गिरे बाइक सवार चाचा भतीजे, घटना की सीसीटीवी फुटेज आई सामने, चाचा भतीजे नहटौर के गांव खजूरा जट के निवासी, झालू नहटौर मार्ग की घटना।

07/02/2026

सच की जीत: मथुरा के शिक्षक जान मौहम्मद की बहाली और झूठ के चेहरे पर तमाचा

आज के दौर में जब अफ़वाहें सच से तेज़ दौड़ती हैं, तब मथुरा के नौझील स्थित परिषदीय विद्यालय का यह मामला हमें आईना दिखाता है—कि कैसे एक ईमानदार शिक्षक को केवल नाम और पहचान के आधार पर कठघरे में खड़ा कर दिया गया।
शिक्षक जान मौहम्मद पर आरोप लगाए गए कि वे
स्कूल में राष्ट्रगान नहीं कराते,
बच्चों से नमाज़ पढ़वाते हैं,
और बच्चों का तथाकथित “ब्रेनवॉश” करते हैं।
इन आरोपों की गंभीरता इतनी थी कि बिना ठोस जांच के बीएसए ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। लेकिन यहीं से कहानी ने करवट ली।
गांव खड़ा हुआ अपने शिक्षक के साथ
जैसे ही ग्रामीणों को शिक्षक जान मौहम्मद के निलंबन की जानकारी मिली, गांव के लोग स्कूल पहुंच गए।
वे लोग जो रोज़ अपने बच्चों को उस शिक्षक के भरोसे स्कूल भेजते थे—उन्होंने एक सुर में कहा:
“हमारे बच्चों को पढ़ाने वाला शिक्षक दोषी नहीं हो सकता।”
ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध किया, सवाल पूछे, और जवाब मांगे। यह विरोध किसी धर्म का नहीं था, बल्कि इंसाफ़ का था।
जांच में ढह गए झूठ के महल
जब मामले की निष्पक्ष जांच हुई, तो एक-एक कर सभी आरोप बेबुनियाद निकले।
न राष्ट्रगान रोकने का कोई प्रमाण मिला,
न नमाज़ पढ़वाने का,
न किसी तरह के ब्रेनवॉश का।
सच यह था कि जान मौहम्मद एक जिम्मेदार शिक्षक की तरह अपना कर्तव्य निभा रहे थे।
बीएसए का फैसला और सच की मुहर
जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने शिक्षक जान मौहम्मद को बहाल कर दिया।
यह बहाली सिर्फ़ एक नौकरी की वापसी नहीं थी—यह सच की जीत थी, और झूठ की करारी हार।
यह तमाचा है—झूठे आरोप लगाने वालों के लिए
यह पूरा मामला उन लोगों के गाल पर तमाचा है,
जो बिना सबूत आरोप लगाते हैं,
जो शिक्षा को धर्म के चश्मे से देखते हैं,
और जो समाज में नफरत का बीज बोते हैं।
आज सवाल यह नहीं है कि जान मौहम्मद निर्दोष थे—
सवाल यह है कि उन्हें सस्पेंड करने की इतनी जल्दबाज़ी क्यों की गई?
और उन लोगों की जवाबदेही कौन तय करेगा, जिन्होंने एक शिक्षक की इज़्ज़त, मानसिक शांति और सामाजिक छवि को दांव पर लगाया?

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मथुरा का यह मामला याद दिलाता है कि
हर आरोप सच नहीं होता,
हर नाम संदेह का कारण नहीं होता,
और हर शिक्षक को पहले शिक्षक की नज़र से देखा जाना चाहिए।
आज जान मौहम्मद बहाल हुए हैं,
लेकिन यह लड़ाई तब पूरी होगी,
जब झूठे आरोपों की राजनीति पर समाज स्थायी रोक लगाएगा।
सच देर से सही, मगर आया—और पूरे सम्मान के साथ आया।

07/02/2026

हिमंत बिस्वा सरमा का असदुद्दीन ओवैसी को जवाब —

2 रुपया भी तो रुपया हैं मैं उस दो रुपये से असम का विकास कराऊँगा, लेकिन हैदराबाद नहीं इधर मेरे पास आकर देकर जाए मैं 2 रुपया ले लूँगा।

तेलंगाना में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर कड़ा हमला बोला. ओवैसी ने सरमा की म...
07/02/2026

तेलंगाना में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर कड़ा हमला बोला. ओवैसी ने सरमा की मिया मुस्लिम टिप्पणी का जिक्र करते हुए तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा, 'हिमंता, तू 2 रुपए का भिखारी है, बोल तेरे खाते में भेज दूं?' इस बयान के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है

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