School Ki Baat

Directions

School Ki Baat Every Classroom. Every Opportunity.

School Ki Baat 🎓

हर स्कूल की बात, हर बच्चे की आवाज़।
Teachers • Facilities • Education • Future

🏫 सरकारी स्कूलों से कॉलेज & यूनिवर्सिटी तक
📢 सवाल उठाएंगे • आवाज़ उठाएंगे • बदलाव की बात करेंगे

Every Child.

18/09/2026

मध्य प्रदेश के छतरपुर से शिक्षा व्यवस्था की हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। एक लेडी टीचर क्लास के अंदर सोती नजर आ रही हैं। वही आसपास बैठे बच्चे खेलने में मगन दिख रहे हैं। यही नहीं, इसी स्कूल के एक शिक्षक को जुआ खेलते पकड़ा गया है। क्या अमृत काल चल रहा है?

पाखण्ड देश को अंधकार की ओर ले जाएगा जबकि शिक्षा देश को प्रकाश की ओर देख लो क्या मंशा है सरकार की ....
01/09/2026

पाखण्ड देश को अंधकार की ओर ले जाएगा जबकि शिक्षा देश को प्रकाश की ओर

देख लो क्या मंशा है सरकार की ....

01/09/2026

शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है।

लेकिन क्या उस मौलिक अधिकार के तहत सरकार ने गरीब तबके के बच्चों के पढ़ाने के पुख्ता इंतजाम किए हैं!
आज हरियाणा के सरकारी स्कूलों के हालात किसी से छिपे नहीं हैं।।
ना पर्याप्त अध्यापक है, ना इन्फ्रास्ट्रक्टर, मूलभूत सुविधाओं के नाम पर पीने को स्वच्छ जल तक उपलब्ध नहीं हो पाता!
आखिर कैसे पढ़ेंगे बच्चे?

29/08/2026

“ना टीचर है, ना क्लासरूम” और “चौंक मत ब्रो…” क्योंकि यहां बीजेपी सरकार है ब्रो 😡

स्कूलों की सुध ले सरकार
25/08/2026

स्कूलों की सुध ले सरकार


22/08/2026

💔 इन बच्चों ने क्या गलती की है? 🥹🥹



77 बच्चे… 6 कक्षाएं… लेकिन पढ़ने के लिए सुरक्षित कमरों की कमी।

स्कूल के 6 कमरों में से सिर्फ 3 कमरे थोड़े-बहुत ठीक हैं, जबकि बाकी 3 कमरे बेहद जर्जर हालत में हैं। हालात ऐसे हैं कि हल्की बारिश भी इन कमरों के लिए खतरा बन जाती है।
सितंबर 2025 में ही अध्यापकों ने विभाग को लिखकर इन कमरों को कंडम घोषित करने की मांग की थी… लेकिन सवाल आज भी वहीं खड़ा है-आखिर कब होगी कार्रवाई?

👨‍🏫 4 शिक्षक हैं, लेकिन उनमें से 2 SIR प्रक्रिया में लगाए गए हैं।
मतलब बच्चों की पढ़ाई का बोझ अब सीमित शिक्षकों के कंधों पर है।

💧 पीने के पानी की व्यवस्था बदहाल।
🚻 वॉशरूम्स की हालत बेहद खराब।
🌿 स्कूल परिसर में जंगली घास और झाड़ियां खड़ी हैं।

इन बच्चों की आंखों में भी वही सपने हैं जो किसी बड़े और महंगे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे की आंखों में होते हैं।

फिर सुविधाओं में इतना फर्क क्यों?

गरीब और ग्रामीण परिवारों के बच्चों को सुरक्षित स्कूल, स्वच्छ पानी और बेहतर शिक्षा का अधिकार नहीं है क्या?

यह सिर्फ एक स्कूल की तस्वीर नहीं है…
यह उस व्यवस्था से सवाल है, जो बच्चों के भविष्य की बातें तो करती है, लेकिन उनके वर्तमान की बुनियादी जरूरतें तक पूरी नहीं कर पा रही।

🙏 इन 77 बच्चों की आवाज बनिए।
📢 School Ki Baat से जुड़िए-क्योंकि हर बच्चे को सुरक्षित स्कूल और बेहतर शिक्षा का हक है।

School Ki Baat

22/08/2026

राजकीय प्राथमिक विद्यालय, पंघाल, हिसार की तस्वीरें देखकर एक सवाल जरूर उठता है-क्या हमारे बच्चों को ऐसी परिस्थितियों में पढ़ने के लिए मजबूर किया जाना चाहिए?

🏫 जर्जर स्कूल भवन…
👦👧 मासूम बच्चों की सुरक्षा पर सवाल…
📚 और शिक्षा के लिए जरूरी बेहतर माहौल का अभाव।

**स्कूल सिर्फ चार दीवारों का नाम नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य की नींव है। जब स्कूल की इमारत ही बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करे, तो जिम्मेदार लोगों से सवाल पूछना जरूरी हो जाता है।

‘स्कूल की बात’ अभियान इसी सवाल को उठाने के लिए मैदान में है। हमारा मानना है कि हर बच्चे को सुरक्षित स्कूल, बेहतर वातावरण, पर्याप्त शिक्षक और मूलभूत सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना उसका अधिकार है।

सरकार से अपील है-आंखें खोलिए, स्कूलों की हकीकत देखिए और बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता दीजिए।

✊ स्कूल की बात सिर्फ स्कूल की बात नहीं, हर बच्चे के भविष्य की बात है।
Part 1

22/08/2026

बिना स्कूल सुधारे विकसित भारत का सपना देखना भी व्यर्थ है....

21/08/2026

🏫 स्कूल का नाम मॉडल, लेकिन व्यवस्था बदहाल!

📍 Govt. मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, आदर्श नगर, हिसार

यहां **228 बच्चे और 8 कक्षाएं हैं, लेकिन बच्चों के लिए उपलब्ध हैं सिर्फ 5 क्लास रूम। 😔

➡️ जगह की कमी इतनी है कि बच्चों को ऑफिस में तक बैठाकर पढ़ाना पड़ रहा है।

➡️ एक कमरे में आंगनवाड़ी केंद्र भी चल रहा है, जहां गैस चूल्हा और LPG सिलेंडर के साथ उसी जगह आंगनवाड़ी के बच्चों की रसोई भी है। सवाल है—क्या बच्चों के लिए ऐसी व्यवस्था सुरक्षित और उचित है?

⚡ बिजली जाने पर न इनवर्टर, न जनरेटर—कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं।

🪑 228 बच्चों के लिए पर्याप्त डेस्क तक नहीं हैं। स्कूल में लगभग 40-50 डेस्क ही हैं, जिन्हें स्टाफ ने अपने आपसी सहयोग से व्यवस्था करके उपलब्ध कराया है।

📚 और सबसे चिंताजनक बात-सेशन का आधे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अभी भी आधे से ज्यादा बच्चों के पास अपनी पाठ्य-पुस्तकें तक नहीं हैं।

ये सिर्फ एक स्कूल की कहानी नहीं, बल्कि उस व्यवस्था पर बड़ा सवाल है जो बच्चों को बेहतर भविष्य देने का दावा करती है।

मॉडल स्कूल के नाम से नहीं, सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता से बनता है।

✊ School Ki Baat - क्योंकि हर बच्चे को चाहिए बराबरी का हक, बेहतर शिक्षा और सम्मानजनक माहौल।

📢 आइए, सरकारी स्कूलों की आवाज़ को बुलंद करें।
आपके गांव/शहर के स्कूल में भी ऐसी समस्या है तो हमें बताएं।

#हरियाणाकेशिक्षा #सरकारीस्कूल #शिक्षाकाहक

20/08/2026

🏫 कैमरी गाँव का सरकारी हाई स्कूल - 180 बच्चों के भविष्य के साथ कब तक खिलवाड़? 💔

हिसार के कैमरी Govt. High School में करीब 180 बच्चे अपने सपनों को पंख देने आते हैं। 📚✨ लेकिन अफसोस… जिन बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उनके हिस्से में जर्जर कमरे, बदहाल सुविधाएं और सरकारी अनदेखी
आ रही है। 😔

🏚️ 2021 में हाई स्कूल की बिल्डिंग कंडम घोषित होने के बाद उसे तोड़ दिया गया।नई बिल्डिंग का काम शुरू तो हुआ, लेकिन पांच साल में भी काम नाममात्र ही आगे बढ़ पाया, नवंबर 2025 से निर्माण कार्य पूर्ण रूप से बंद है, कंस्ट्रक्शन कंपनी काम छोड़कर जा चुकी है। सवाल सीधा है-क्या नई बिल्डिंग का निर्माण पुरानी बिल्डिंग कंडम होने से पहले शुरू नहीं किया जा सकता था?

👨‍🏫 अध्यापकों ने मजबूरी में प्राइमरी स्कूल के कुछ कमरों में 180 बच्चों के बैठने की वैकल्पिक व्यवस्था की, लेकिन वे कमरे भी जर्जर हालत में हैं।

🍱 मिड-डे मील के समय बच्चों के बैठकर खाना खाने तक की उचित व्यवस्था नहीं है।

💧 पीने के पानी के लिए न वाटर कूलर, न पर्याप्त व्यवस्था-बच्चे दो प्लास्टिक की टंकियों से पानी पीने को मजबूर हैं।

🏅 इसी गांव के प्रतिभावान खिलाड़ियों ने नेशनल स्तर तक गांव का नाम रोशन किया है, लेकिन जिस मैदान में उनकी प्रतिभा निखरनी चाहिए, उसकी हालत किसी **जोहड़ से कम नहीं।** थोड़ी सी बारिश में पूरा मैदान जलमग्न हो जाता है। 🌧️

🤝 सरकार की अनदेखी के बीच ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से मिट्टी डलवाकर कुछ सुधार की कोशिश जरूर की है, लेकिन क्या बच्चों और खिलाड़ियों की बुनियादी सुविधाओं की जिम्मेदारी भी जनता ही उठाएगी?

⚠️ स्कूल के पास बने जोहड़ की तरफ चारदीवारी तक नहीं है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

यह सिर्फ एक स्कूल की कहानी नहीं…
यह उन 180 बच्चों के भविष्य का सवाल है।
यह हर उस अभिभावक के सपने का सवाल है, जो चाहता है कि उसका बच्चा बेहतर शिक्षा पाए। ❤️

📢 सरकार से सवाल है-कैमरी के बच्चों को उनका हक कब मिलेगा?

✊ “School Ki Baat” -हर बच्चे के हक की आवाज।
आइए, इस मुहिम से जुड़िए और सरकारी स्कूलों की सच्चाई को सरकार तक पहुंचाइए। 📣

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