24/08/2022
देश के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर INS Vikrant का इंडक्शन 2 सितंबर 2022 को होने वाला है.
* स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत बनाने के लगभग साढ़े चार साल के बाद भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होगा। यह 45 हजार टन वजनी है।
* यह काफी विशालकाय जहाज है। यह स्वदेशी युद्धपोत 262 मीटर लंबा तथा 60 मीटर चौड़ा है।
* आईएनएस विक्रांत के लांच के साथ भारत कुछ गिने-चुने देशों की सूची में शामिल हो गया है, जो इस प्रकार के जहाज का डिजाइन और निर्माण करने में सक्षम है। इस तरह के जहाजों का निर्माण करने दुनिया के कुछ चुनिंदा देश ही कर पाते हैं। इस पोत के आकार और क्षमता ने भारत को नई पहचान दिलाई है।
* यह पोत एक साथ 30 फाइटर प्लेन को अपने साथ ले जाने में सक्षम है।
* इसको भारत में ही डिजाइन किया गया है। भारतीय स्टील आथारिटी ने इसमें सबसे अच्छी गुणवत्ता की युद्धपोत स्टील का प्रयोग किया है। इसकी स्टील इसको जबरदस्त मजबूती मिलती है।
* आईएनएस विक्रांत के लगभग 76 प्रतिशत हिस्से को भारत में ही बनाया गया है। इसके लिए डीआरडीओ और भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड ने उच्च गुणवत्ता वाली स्टील का उपयोग किया है।
* पोत को नौसेना डिजाइन निदेशालय ने डिजाइन किया है। इसका निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में किया गया है।
* जहाज कुल 88 मेगावाट बिजली की चार गैस टर्बाइनों द्वारा संचालित है। इसकी अधिकतम स्पीड 28 नाटिकल मील है।
* इसको बनाने में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है।
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