23/01/2026
सच, सच में सच ही होता है।
विराट कोहली के टेस्ट संन्यास पर बहस खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज मनोज तिवारी ने सनसनीखेज दावा किया, जिसके बाद इस विषय पर दोबारा बहस की स्थिति बन गई है। तिवारी ने कहा कि कोहली को जोर देकर टेस्ट प्रारूप से संन्यास दिलाया गया जबकि यह उनकी अपनी चाहत नहीं थी।
मालूम हो कि टेस्ट क्रिकेट से कोहली के संन्यास पर विवाद गहराता गया। ऐसा इसलिए क्योंकि लाल गेंद क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। कोहली के साथी जो रूट और स्टीव स्मिथ लगातार टेस्ट शतक जड़ रहे हैं और ऐसे में कोहली का संन्यास लगातार चर्चा का विषय बना रहा।
मनोज तिवारी ने इंसाइडस्पोर्ट से बातचीत में संजय मांजरेकर के बयान पर असहमति दर्ज कराई। मांजरेकर ने कहा था कि कोहली ने सबसे कड़ा प्रारूप छोड़कर आसान को चुना। इस पर तिवारी ने कहा, 'मैं उनसे सहमत नहीं हूं। कोहली को संन्यास के लिए मजबूर किया गया था।'
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने कहा, 'ऐसा माहौल बनाया गया कि कोहली को टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहना पड़ा। वो ऐसे शख्स नहीं, जो खुद फैसला करें कि कब जाना है। हां, फैसला उनके मुंह से निकला, लेकिन सभी जानते हैं कि पर्दे के पीछे की कहानी क्या है।'
मनोज तिवारी ने कहा कि आंकड़ों को देखते हुए कोहली पर आरोप लगाना गलत है कि वो प्रारूप चुन रहे हैं। उन्होंने कहा, 'सभी चीजें जानने के बाद, आप कैसे कह सकते हैं कि उन्होंने कड़ा प्रारूप छोड़कर आसान चुना और वो भी रन बनाने के कारण? मैं मांजरेकर की बात से बिलकुल भी सहमत नहीं हूं।'
कोहली के टेस्ट संन्यास पर भले ही बहस छिड़ी हो, लेकिन वनडे में उनका बल्ला जमकर हल्ला बोल रहा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत भले ही वनडे सीरीज नहीं जीत सका, लेकिन कोहली ने आखिरी मैच में शतक जड़कर मेजबान की उम्मीदों को जिंदा रखा था। उन्होंने तीसरे वनडे में 108 गेंदों में 10 चौके और तीन छक्के की मदद से 124 रन बनाए।