22/02/2026
धान की खेती (Rice Farming) ki niche step leke ek banner bnao
धान की खेती: मुख्य चरण (Step-by-Step Guide)
1. नर्सरी की तैयारी (Nursery Preparation)
* बीज चयन: उन्नत और रोगमुक्त बीजों का चुनाव करें।
* बीज उपचार: बुवाई से पहले बीजों को कवकनाशी (Fungicide) से उपचारित करें।
* क्यारियाँ बनाना: गीली या सूखी क्यारियों में बीज डालें।
2. खेत की तैयारी (Land Preparation)
* जुताई: खेत की 2-3 बार अच्छी जुताई करें।
* पडलिंग (Puddling): खेत में पानी भरकर मिट्टी को कीचड़ जैसा बनाएँ, ताकि पानी रुक सके।
3. रोपाई (Transplanting)
* जब पौध (Saplings) 21-25 दिन की हो जाए, तब उन्हें मुख्य खेत में लगाएँ।
* पौधों के बीच 20x15 सेमी की दूरी रखें।
4. खाद और उर्वरक (Fertilizers)
* मिट्टी परीक्षण के आधार पर नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का उपयोग करें।
* जिंक सल्फेट का प्रयोग धान की फसल के लिए बहुत लाभकारी होता है।
5. जल प्रबंधन (Water Management)
* रोपाई के शुरुआती 15-20 दिनों तक खेत में 2-5 सेमी पानी भरकर रखें।
* कल्ले फूटते समय और दाना बनते समय पानी की कमी न होने दें।
6. खरपतवार और कीट नियंत्रण (W**d & Pest Control)
* रोपाई के 3-4 दिनों के भीतर खरपतवार नाशक का छिड़काव करें।
* तना छेदक या भूरा फुदका जैसे कीटों से बचाव के लिए उचित कीटनाशक अपनाएँ।
7. कटाई और मड़ाई (Harvesting)
* जब बालियाँ सुनहरी पीली हो जाएँ और दानों में 20% नमी बचे, तब कटाई करें।
* मड़ाई के बाद दानों को अच्छी तरह सुखाकर भंडारण करें।