Shopping for Pooja Items

Shopping for Pooja Items ALL ITEMS RELATES TO POOJA PATH

23/05/2024

अभी कुछ बरस पहले ही तो मिला है
बच्चों के सूसू पोटी से छुटकारा
वरना मुंह में रोटी
और गोद में बच्चों की पोटी
शादी के बाद तो कई बरस तक तो लिपिस्टिक की सुध भी नहीं थी बिंदी बच्चे उतार लेते
और कहीं घूमने निकलो तो
वही बच्चे छोटे फिर बच्चों का स्कूल।

हम चालीस प्लस स्त्रियाँ अभी अभी खुद के साथ जीने लगी हैं
वरना तो जब कुंआरी थी मां कहती
अपने घर जा पहनना
ससुराल में पहनती तो सब बोलते
इसे ओढ़ने पहनने का सहूर नहीं
वही पहना जो पीहर से मिला।
या कभी शादी ब्याह में मिल गया एकाध कुछ नया।

बच्चे अभी अभी बड़े हुए हैं
बस पैरों से छूटा ही है एक आवाज पर दौड़ना
कि मम्मी कर ली
अभी ससुराल के तानों से कुछ आजाद हुए हैं
क्या लाती है, कैसे रहती है
काम नहीं करती, इन बातों से दूर हुई ध्यान देना बंद कर दिया इन सब पर अब
पीहर के मोह से आजाद अपने ही प्यार में हैं।

पति की रानी अपने ही मस्ती में हैं
ओढ़ेंगे, पहनेंगे, मर्जी से कुछ दिन चलेंगे
कोई हमारी सज धज देख ना कहे
कि कहाँ फैशन शो में जा रही है
यही दस बरस हैं बस चालीस और पचास के बीच
वरना तो फिर बड़े हुए बच्चे कहेंगे
मम्मी ये सब पहनने की उम्र नहीं रही आपकी
Shalini Verma

05/10/2023

Hey, I have added new products in my online shop. Please check out the latest trends in my store and find your favourite products.

👇Check out My Shop here: 👇
genius brand
collection
https://myshopprime.com/neeraj.kumar216/iuns9yv

👉100% Quality Guarantee 👌
👉100% Satisfaction Guarantee 😊
👉100% Money Back Guarantee on All Returns 😍

🚚FREE Delivery, 💵FREE COD, 😊Easy Returns Policy

🆕 Avail 100% cashback on all your orders in MyShopPrime Wallet

💸 Use 5% flat off on all prepaid orders

Best wishes for your health and safety 🙏😇
Have a Great Day!

genius brand
collection
https://myshopprime.com/neeraj.kumar216/iuns9yv

MyShopPrime - Great products, Premium quality, Low prices

01/07/2023

देव शयनी एकादशी को भगवान विष्णु चार महीने के लिए सो गए।
अब सृष्टि परेशान मुझे कौन संभालेगा।
चार दिन बाद ही आई गुरु पूर्णिमा
गुरुदेव चार दिन संभालते हैं।
अगले ही दिन श्रावण लग गया
भगवान शिव ने एक महीने संभाल लिया।
फिर आया भाद्रपद
भगवान कृष्ण जन्माष्टमी आ गई।
भाद्रपद के 19 दिन संभाला भगवान कृष्ण ने

फिर आई गणेश चतुर्थी
दस दिन गणेश जी ने संभाल लिया।
उसके बाद 16 दिन पितृदेवों ने संभाल लिया सृष्टि को।
फिर आ गए नवरात्रि
मां अम्बे गौरी दुर्गा ने दस दिन संभाल लिया सृष्टि का कार्यभार
फिर शुरू हुए दीवाली के 20 दिन
मां लक्ष्मी ने संभाल लिया सृष्टि को

दीवाली के बाद दस दिन संभाला कुबेर जी ने
और फिर आई देव उठनी एकादशी
भगवान विष्णु निद्रा से जाग
सृष्टि का कार्यभार संभाल लेते हैं
🙏🙏🙏नमो नारायण🙏🙏🙏

24/06/2023
24/05/2023

अधिकतर घरों में बच्चे यह दो प्रश्न अवश्य पूछते हैं जब दीपावली भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में मनाई जाती है तो दीपावली पर लक्ष्मी पूजन क्यों होता है? राम और सीता की पूजा क्यों नही?
दूसरा यह कि दीपावली पर लक्ष्मी जी के साथ गणेश जी की पूजा क्यों होती है, विष्णु भगवान की क्यों नहीं?

इन प्रश्नों का उत्तर अधिकांशतः बच्चों को नहीं मिल पाता और जो मिलता है उससे बच्चे संतुष्ट नहीं हो पाते।आज की शब्दावली के अनुसार कुछ ‘लिबरर्ल्स लोग’ युवाओं और बच्चों के मस्तिष्क में यह प्रश्न डाल रहें हैं कि लक्ष्मी पूजन का औचित्य क्या है, जबकि दीपावली का उत्सव राम से जुड़ा हुआ है। कुल मिलाकर वह बच्चों का ब्रेनवॉश कर रहे हैं कि सनातन धर्म और सनातन त्यौहारों का आपस में कोई तारतम्य नहीं है।सनातन धर्म बेकार है।आप अपने बच्चों को इन प्रश्नों के सही उत्तर बतायें।

दीपावली का उत्सव दो युग, सतयुग और त्रेता युग से जुड़ा हुआ है। सतयुग में समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी उस दिन प्रगट हुई थी इसलिए लक्ष्मीजी का पूजन होता है। भगवान राम भी त्रेता युग में इसी दिन अयोध्या लौटे थे तो अयोध्या वासियों ने घर घर दीपमाला जलाकर उनका स्वागत किया था इसलिए इसका नाम दीपावली है।अत: इस पर्व के दो नाम है लक्ष्मी पूजन जो सतयुग से जुड़ा है दूजा दीपावली जो त्रेता युग प्रभु राम और दीपों से जुड़ा है।

लक्ष्मी गणेश का आपस में क्या रिश्ता है
और दीवाली पर इन दोनों की पूजा क्यों होती है?

लक्ष्मी जी सागरमन्थन में मिलीं, भगवान विष्णु ने उनसे विवाह किया और उन्हें सृष्टि की धन और ऐश्वर्य की देवी बनाया गया। लक्ष्मी जी ने धन बाँटने के लिए कुबेर को अपने साथ रखा। कुबेर बड़े ही कंजूस थे, वे धन बाँटते ही नहीं थे।वे खुद धन के भंडारी बन कर बैठ गए। माता लक्ष्मी खिन्न हो गईं, उनकी सन्तानों को कृपा नहीं मिल रही थी। उन्होंने अपनी व्यथा भगवान विष्णु को बताई। भगवान विष्णु ने कहा कि तुम कुबेर के स्थान पर किसी अन्य को धन बाँटने का काम सौंप दो। माँ लक्ष्मी बोली कि यक्षों के राजा कुबेर मेरे परम भक्त हैं उन्हें बुरा लगेगा।
तब भगवान विष्णु ने उन्हें गणेश जी की विशाल बुद्धि को प्रयोग करने की सलाह दी। माँ लक्ष्मी ने गणेश जी को भी कुबेर के साथ बैठा दिया। गणेश जी ठहरे महाबुद्धिमान। वे बोले, माँ, मैं जिसका भी नाम बताऊँगा , उस पर आप कृपा कर देना, कोई किंतु परन्तु नहीं। माँ लक्ष्मी ने हाँ कर दी।अब गणेश जी लोगों के सौभाग्य के विघ्न, रुकावट को दूर कर उनके लिए धनागमन के द्वार खोलने लगे।कुबेर भंडारी देखते रह गए, गणेश जी कुबेर के भंडार का द्वार खोलने वाले बन गए। गणेश जी की भक्तों के प्रति ममता कृपा देख माँ लक्ष्मी ने अपने मानस पुत्र श्रीगणेश को आशीर्वाद दिया कि जहाँ वे अपने पति नारायण के सँग ना हों, वहाँ उनका पुत्रवत गणेश उनके साथ रहें।

दीवाली आती है कार्तिक अमावस्या को, भगवान विष्णु उस समय योगनिद्रा में होते हैं, वे जागते हैं ग्यारह दिन बाद देव उठनी एकादशी को। माँ लक्ष्मी को पृथ्वी भ्रमण करने आना होता है शरद पूर्णिमा से दीवाली के बीच के पन्द्रह दिनों में।इसलिए वे अपने सँग ले आती हैं अपने मानस पुत्र गणेश जी को।
इसलिए दीवाली को लक्ष्मी गणेश की पूजा होती है।

यह कैसी विडंबना है कि देश और हिंदुओ के सबसे बड़े त्यौहार का पाठ्यक्रम में कोई विस्तृत वर्णन नही है और जो वर्णन है वह अधूरा है।इस लेख को पढ़ कर स्वयं भी लाभान्वित हों और अपनी अगली पीढ़ी को भी बतायें। दूसरों के साथ साझा करना भी ना भूलेंI

11/04/2023
11/04/2023

Available all Pooja Items...

Address

Delhi
110085

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Shopping for Pooja Items posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share