24/09/2026
रामपाल, मासूम शर्मा और आर्यसमाज
नशे बदमाशी फुकरी पने को प्रमोट करने वाले song गा गाकर देश प्रदेश के यूथ को बर्बाद कर देने वाले नशेड़ी मासूम शर्मा ने रामपाल के खिलाफ गाना गाया तो आज वो आर्यसमाजियों की नजर में Hero हो गया, अब स्पेशल प्रोग्राम कर कर के मासूम शर्मा का सम्मान हो रहा है, यानि कि यूथ बर्बाद हो जाओ मासूम शर्मा की उस भूमिका से आर्यसमाज को कोई आपत्ति नहीं, एक गाना गाते ही वो इनके जिगर का छल्ला हो गया
मतलब अपने आर्यसमाज का पाखंड खंडन बस स्वामी दयानंद तक सीमित होकर रह गया है, अगर किसी ने स्वामी दयानंद के ऊपर टिप्पणी करी तो उसके खिलाफ बिगुल बजा देते हैं अन्यथा देश के अन्य पाखंडी कितना ही तांडव मचाते रहें इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, रामपाल की टिप्पणी के बाद आर्यसमाज जैसे जाग सा गया है, अगर रामपाल टिप्पणी ना करे तो देश में फैले एक्सट्रीम लेवल के पाखंड पर आप चुप्पी धारण करके बैठे रहते हैं
आर्यसमाज का पाखंड खंडन का काम सैलेक्टिव नहीं था और किसी व्यक्ति विशेष (बाबा रामपाल और स्वामी दयानंद) तक सीमित नहीं था
और फिर इतणी ही मोटी बुद्धि का रामपाल है, बढ़िया दुकान चाल री है अपना धंधा जमा कै चुपचाप नहीं बैठा जाता, कभी ओशो को नकली बताता है कभी सब धर्म गुरुओं की धोती धोने की बात करता है तो कभी 50 लाख का ईनाम टेकता है 😁 मखा तेरे धोरै आच्छा रपिया होया ले है अर हर जगह पैसा अड़ा दे है
दरअसल जाट कुर्सी वर्दी ताकत पैसे को हजम कर ही नहीं सकता, पैसा और ताकत आते ही वो भगवान को ही मिडल फिंगर दिखाकर खुद भगवान बन जाता है फिर आम आदमी की तो औकात ही क्या है
समझ नहीं आ रहा जब 10 साल जेल में था तब ये ज्ञान सागर और ये शक्तियां कहाँ गुम हो गई थी ?? बाहर आते ही फिर खटेबे शुरू, थोड़े दिन पहले जेल से बाहर आया है पुराने मामले से सबक लेकर चुपचाप दुकान क्यों नहीं चला लेता ?? दूसरों को अंगुली करे बगैर भी तो काम चल सकता है ..?? लेकिन नहीं, पहले भी कुछ फैसले अहंकार में मूर्खता भरे लिये थे और अब फिर से वही सब रिपीट हो रहा है
दूसरों के पाखंड के ऊपर सवाल उस व्यक्ति को उठाना चाहिए जो खुद पाखंड की दुकान खोलकर ना बैठा हो, खुद भी तो सारे पाखंड ही करता है, अब तो डायरैक्ट चरण चटवाने शुरू कर दिये हैं
दे कै दो सौ मोटर पूरे हरियाणा में अपने किसान मसीहा होने के पोस्टर खुद ही छपवाता घूम रहा है, अपनी बड़ाई अपने आप अपने मुँह से, प्रचार और advt ऐसी जैसे किसी प्रोडक्ट का प्रचार हो रहा है
कथा वाचन से लेकर डेरे नामजाप बाबागिरी ये सब आज के दिन बिजनेस मॉडल हैं, लेकिन बिजनेस को बिजनेस की तरह करो, तुम्हारे डेरे से कई कई सौ गुणा बड़े डेरे हैं देश में लेकिन कोई चूं चां चपट नहीं, उनसे सीखो