09/12/2025
"मेवात में यदि पुलिस किसी नागरिक को हिरासत में लेती है, तो परिवार को यह स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि किस मामले में कार्रवाई हुई है। इससे परिवार में अनिश्चितता और प्रशासन के प्रति अविश्वास कम होगा। पारदर्शिता बढ़ेगी तो पुलिस व जनता के बीच टकराव की स्थिति भी नहीं बनेगी। इसलिए जिला नूंह के एसपी कार्यालय से अनुरोध है कि ऐसी व्यवस्था को सख्ती से लागू कराया जाए तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस मुद्दे पर आवाज उठाएं, ताकि कानून व्यवस्था जन-हित में और अधिक संवेदनशील बने।"
भारत में पुलिस प्रक्रिया दण्ड संहिता (CrPC) व सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार —
✔ हिरासत में लिए गए व्यक्ति का नाम, गिरफ्तारी का कारण और धारा बताना अनिवार्य है।
✔ परिवार/रिश्तेदार को सूचित करना चाहिए कि व्यक्ति कहां रखा गया है।
✔ गिरफ्तारी के बाद 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश करना जरूरी है।
✔ गिरफ्तारी मेमो तैयार होता है जिसमें गवाहों के हस्ताक्षर भी होते हैं।