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26/01/2026

26 जनवरी 1950 का दिन भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। इसी दिन हमारे देश में संविधान लागू हुआ और भारत एक संपूर्ण गणतंत्र बना। यह दिन हमें हमारे संविधान निर्माताओं के त्याग, दूरदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की याद दिलाता है।
गणतंत्र दिवस हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएँ और देश की एकता व अखंडता को सशक्त बनाएँ। यह केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा भी है।

चन्द्रशेखर की रैली में लगी लाखों की भीड़ आगरा GIC मैदान का दिन है ये
26/01/2026

चन्द्रशेखर की रैली में लगी लाखों की भीड़ आगरा GIC मैदान का दिन है ये

01/01/2026
।।जमीन विवाद को लेकर दो भाइयों में हिंसक झड़प, कई गंभीर रूप से घायल।।मझिआंव (गढ़वा):मझिआंव प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत म...
31/12/2025

।।जमीन विवाद को लेकर दो भाइयों में हिंसक झड़प, कई गंभीर रूप से घायल।।
मझिआंव (गढ़वा):
मझिआंव प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मोरबे के भालूही गांव में जमीन विवाद को लेकर दो भाई और भतीजों के बीच भयानक मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भलूही गांव निवासी शंभू चौधरी अपने जमीन पर अबुआ आवास का निर्माण कर रहे थे। इसी दौरान उनके भतीजा अशोक चौधरी, उदय चौधरी और मनोज चौधरी निर्माण कार्य को लेकर आपत्ति जताने पहुंचे। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हिंसक मारपीट में तब्दील हो गया।
मारपीट के दौरान दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तत्काल मझिआंव रेफरल अस्पताल लाया गया, जहां पर मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए गढ़वा सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
इस घटना में घायल हुए :- शंभू चौधरी ओमप्रकाश चौधरी अनिल चौधरी उदय चौधरी अमेरिका चौधरी अशोक चौधरी मनोज चौधरी

पुलिस को भी मामले की जानकारी दे दी गई है। पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर उचित कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।

25/12/2025

24/12/2025

पेसा कानून क्या है? इससे आदिवासियों को क्या फायदा।
पेसा कानून का पूरा नाम है
Panchayats (Extension to Scheduled Areas) Act, 1996
(पंचायतों का अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार अधिनियम, 1996)
यह कानून आदिवासी बहुल अनुसूचित क्षेत्रों के लिए बनाया गया है, ताकि वहाँ के लोगों को स्वशासन (Self-Governance) का अधिकार मिल सके।
पेसा कानून की जरूरत क्यों पड़ी?
संविधान की 73वीं संशोधन के बाद पंचायत व्यवस्था बनी, लेकिन
आदिवासी क्षेत्रों की परंपरागत ग्राम सभा व्यवस्था अलग थी
उनकी जमीन, जंगल और संस्कृति की रक्षा जरूरी थी
इसलिए पेसा कानून लाकर आदिवासी समाज को निर्णय लेने की ताकत दी गई।
झारखंड में पेसा कानून क्यों महत्वपूर्ण है?
झारखंड का बड़ा हिस्सा अनुसूचित क्षेत्र है
यहाँ आदिवासी समाज की आबादी अधिक है
जमीन, जंगल, खनन, ग्राम संसाधन से जुड़े विवाद आम हैं
पेसा कानून इन सभी मुद्दों पर ग्राम सभा को सर्वोच्च अधिकार देता है।
पेसा कानून के मुख्य प्रावधान
1️⃣ ग्राम सभा सर्वोच्च संस्था
गाँव से जुड़े फैसले ग्राम सभा करेगी
पंचायत से भी ऊपर ग्राम सभा का अधिकार
2️⃣ जमीन की सुरक्षा
आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री पर नियंत्रण
गैर-आदिवासी को जमीन देने से पहले ग्राम सभा की अनुमति जरूरी
3️⃣ जल, जंगल, जमीन पर अधिकार
जंगल से मिलने वाले छोटे उत्पाद (लाख, तेंदू पत्ता, महुआ आदि) पर ग्राम सभा का हक
जल स्रोतों का प्रबंधन ग्राम सभा करेगी
4️⃣ खनन और परियोजनाएँ
खनन, फैक्ट्री या बड़ी परियोजना से पहले
ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य
5️⃣ शराब पर नियंत्रण
गाँव में शराब की बिक्री, निर्माण और रोक पर ग्राम सभा निर्णय ले सकती है
6️⃣ परंपरागत कानून मान्य
आदिवासी समाज की परंपराएँ और रीति-रिवाज मान्य होंगे
झारखंड में लागू होने का मतलब क्या है?
जब कहा जाता है कि “झारखंड में पेसा कानून लागू हो गया”, तो इसका अर्थ होता है:
राज्य सरकार ने इसके नियम (Rules) बना दिए हैं
अब ग्राम सभा को कानूनी ताकत मिल गई है
प्रशासन को ग्राम सभा के फैसलों का सम्मान करना होगा
पेसा कानून से आदिवासियों को क्या लाभ?
✔ जमीन हड़पने से सुरक्षा
✔ बाहरी कंपनियों पर नियंत्रण
✔ स्थानीय रोजगार को बढ़ावा
✔ संस्कृति और पहचान की रक्षा
✔ लोकतंत्र नीचे से मजबूत
निष्कर्ष
पेसा कानून आदिवासी स्वशासन का मजबूत आधार है।
अगर इसे ईमानदारी से लागू किया गया, तो

21/12/2025

गढ़वा में आयोजित सम्राट क्षत्रिय गौरव सम्मेलन में बिहार के पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह की गरिमामय उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।

गढ़वा SDO ने आज बिना नंबर प्लेट और अनियंत्रित गति से दौड़ रहे 12 ट्रैक्टरों को पकड़ा।  वाहन मालिकों पर 2.05 लाख रुपये का ...
11/12/2025

गढ़वा SDO ने आज बिना नंबर प्लेट और अनियंत्रित गति से दौड़ रहे 12 ट्रैक्टरों को पकड़ा। वाहन मालिकों पर 2.05 लाख रुपये का ऑन-स्पॉट जुर्माना ठोका।


07/12/2025

Big breaking:-गोवा के नाइट क्लब में आग लगने से झारखंड के तीन युवकों का दर्दनाक मौत

06/12/2025

आज 6 दिसंबर के परिनिर्वाण दिवस पर हम भारत के महान संविधान-निर्माता और सामाजिक न्याय के शिल्पकार डॉ. भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
बाबा साहब ने जीवनभर समानता, शिक्षा और मानव अधिकारों की लड़ाई लड़ी। उन्होंने हमें एक ऐसा संविधान दिया जो हर नागरिक को समान अवसर, सम्मान और न्याय का अधिकार देता है।

अम्बेडकर का परिनिर्वाण केवल एक अंत नहीं, बल्कि उनके विचारों के अमर होने का क्षण है।
उनकी सोच—“शिक्षित बनो, संगठित बनो, संघर्ष करो”—आज भी समाज को दिशा देती है और अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा बनती है।

इस दिवस पर हमारा संकल्प यही होना चाहिए कि हम उनके आदर्शों को अपनाकर, भेदभाव रहित, समानता आधारित और जागरूक समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।

जय भीम।
नमन, डॉ. बी. आर. अम्बेडकर।

03/12/2025

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