25/03/2026
24 मार्च 2024
सिविल सर्जन कार्यालय
जेपीएन अस्पताल परिसर, गया जी..........................................
विश्व टीबी दिवस पर जेपीएन अस्पताल में निकाली गयी जागरूकता रैली
बीते वर्ष 10 हजार से अधिक टीबी मरीजों का किया गया है इलाज
सिविल सर्जन द्वारा 100 दिवसीय टीबी स्क्रीनिंग का किया गया शुभारंभ
गया, 24 मार्च: प्रत्येक 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया गया। इस मौके पर जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल परिसर में टीबी रोग के प्रति आमजन में जागरूकता लाने के लिए एक रैली निकाली गयी। सिविल सर्जन डॉ राजाराम प्रसाद, संचारी रोग पदाधिकारी डॉ पंकज सिंह, डीपीएम नीलेश कुमार, डीवीबीडीसीओ डॉ एमई हक सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा हरी झंडी दिखा कर रैली को रवाना किया गया। इस मौके पर जिला यक्ष्मा कार्यालय से एसटीएलएस मोहम्मद हिदायातुल्लाह, एसटीएस सुनील कुमार, एसटीएलएस जितेंद्र कुमार भी मौजूद रहे। ह
टीबी के प्रति लोग हो रहे जागरूक:
सिविल सर्जन ने कहा कि जिला को टीबी मुक्त बनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आमजन टीबी के लक्षणों के प्रति जागरूक हों। बताया कि जिला में टीबी स्क्रीनिंग की संख्या को बढ़ाया गया है। टीबी एक गंभीर संक्रामक रोग है लेकिन पूर्णतः उपचार से रोगी पूरी तरह स्वस्थ्य हो जाता है। समय पर जांच, सही उपचार और जागरूकता से इसे समाप्त किया जा सकता है। टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और रोगी के प्रति सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना अति आवश्यक है।
मरीजों की नियमित हो रही ट्रैकिंग:
संचारी रोग पदाधिकारी डॉ पंकज सिंह ने बताया कि टीबी मरीजों की नियमित ट्रैकिंग की जा रही है। वर्ष 2025 में 10 हजार 356 टीबी मरीजों का इलाज किया गया। इसमें सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा चार हजार 652 तथा निजी स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा पांच हजार 704 टीबी मरीजों का इलाज किया गया। वर्ष 2024 में आठ हजार 753 टीबी मरीजों का इलाज किया गया। इनमें से सात हजार 680 मरीज पूर्णत: स्वस्थ्य हो गये। बताया कि माइक्रोबैक्टीयम ट्यूबरक्लोसिस नामक सूक्ष्मजीव मुख्यतः ड्रॉपलेट संक्रमण के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाता है। टीबी संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बोलने पर यह सूक्ष्मजीव फेफड़ों में प्रवेश कर जाते हैं। टीबी मुख्य रूप से फेफड़ों में होता है लेकिन इसका सही इलाज नहीं हुआ तो यह शरीर के दूसरे अंगों को भी प्रभावित करता है। बताया कि नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी स्क्रीनिंग के साथ मरीजों को पोषण भत्ता आदि भी मुहैया कराया जा रहा है। निक्षय पोर्टल से मरीजों की निगरानी और उपचार की ट्रैकिंग की जा रही है। इस ट्रैकिंग से मरीज द्वारा नियमित दवा सेवन सुनिश्चित किया जाता है। निक्षय मित्र के द्वारा फुड बास्केट वितरित किया जा रहा है। अब तक कुल 37 निक्षय मित्र बनें हैं। सिविल सर्जन द्वारा 100 दिवसीय टीबी स्क्रीनिंग का शुभारंभ किया गया है। बताया कि दवा सेवन नहीं करने से दवा-प्रतिरोधी टीबी हो जाता है। ऐसे में टीबी की दवा असर नहीं करती। इसलिए दवा का नियमित सेवन करना महत्वपूर्ण है।