02/04/2025
सरकार अडाणी के हाथों में बेच रही हसदेव जंगल : टिकैत
02-04-2025 | सरगुजा, छत्तीसगढ़।
"प्रधानमंत्री के छत्तीसगढ़ दौरे के अगले दिन हसदेव जंगल में पेड़ों की कटाई फिर से शुरू हो गई है। यह संयोग नहीं, यह एक सुनियोजित विनाश है।"
यह कहना है भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का। टिकैत हसदेव जंगल से पेड़ों की कटाई पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा - "मौजूदा सरकार ने आदिवासी समुदाय के अस्तित्व और पर्यावरण को अडाणी की लूट के लिए कुर्बान कर दिया। क्या यही है विकास का मॉडल? हसदेव, वह अद्भुत जंगल, जहां प्रकृति ने अपनी पूरी खूबसूरती और जीवन को संजोया है, आज आंसू बहा रहा है। वह भूमि, जो सदियों से आदिवासियों की पहचान रही है, उनकी परंपराओं और आस्थाओं का प्रतीक रही है, आज एक अडाणी के हाथों में बेची जा रही है।"
उन्होंने आगे कहा - "यह केवल एक जंगल की कटाई नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर और भविष्य की विनाश की शुरुआत है। जब हम इन जंगलों को खोते हैं, तो हम अपनी पहचान, अपने वजूद और हमारे आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन की नींव को खोते हैं। यह एक दर्दनाक सत्य है कि सत्ता के खातिर प्रकृति और आदिवासियों का शोषण किया जा रहा है, और यह हमें हर दिन और भी ज्यादा तोड़ रहा है। यह केवल पेड़ नहीं, बल्कि हमारे सपने, हमारे अधिकार और हमारी ज़िंदगी की जड़ें हैं।"