05/08/2026
यार कुछ कमाता नहीं हूं फिर भी आज मर्द को मर्द कह सकता हु कोई लड़का किसी तकलीफ में हो
तो उसके दर्द को दर्द कह सकता हूं देखिए ना लड़का हसे तो चुतिया डर जाए तो फट्टू कुछ ना करे तो निकम्मा
निराश रहे तो निखट्टू बेरोजगार रहे तो बेशरम
कुछ कमाएं तो बकरा लड़का रोए तो लड़की
और शर्माए तो हिजड़ा हा पता है दुनिया में
पर ना ही सारे मर्द घटिया है न सारी महिला पीड़ित है
तो गर इजाजत हो तो कह दूं इस महफिल में आज कुछ भी हो सकता है या लड़की जोर से हस सकती है
या लड़का टूट के रो सकता है