03/07/2026
📰 AVR DASTAK NEWS | विशेष रिपोर्ट
CM Kanya Sumangala Yojana: बेटियों को जन्म से लेकर उनकी पढ़ाई-लिखाई तक आर्थिक सहायता
उत्तर प्रदेश में बेटियों के जन्म से लेकर उनकी पढ़ाई-लिखाई को लेकर अक्सर परिवारों में चिंता देखी जाती थी। इसी चिंता को दूर करने और बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए योगी सरकार 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' लेकर आई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में लिंगानुपात को सुधारना और बेटियों को बोझ समझने की सोच को हमेशा के लिए बदलना है।
सरकार ने इस योजना की कुल राशि को 15,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 25,000 रुपये कर दिया है। यह पैसा किसी बिचौलिए के पास नहीं जाता, बल्कि सीधे बेटी या मां के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर होता है। हालांकि, 25,000 रुपये एक साथ नहीं मिलते, सरकार ने इसे 6 अलग-अलग किस्तों में बांटा है, ताकि बेटी की पढ़ाई कभी न छूटे।
इन 6 किस्तों में मिलता है पैसा
किस्त कब मिलेगा पैसा? राशि
पहली किस्त बेटी के जन्म होने पर (6 महीने के भीतर आवेदन करने पर) ₹5,000
दूसरी किस्त बेटी के 1 वर्ष का होने और पूरा टीकाकरण होने पर ₹2,000
तीसरी किस्त स्कूल में कक्षा 1 में एडमिशन लेने पर ₹3,000
चौथी किस्त कक्षा 6 में दाखिला मिलने पर ₹3,000
पांचवीं किस्त हाईस्कूल से पहले कक्षा 9 में एडमिशन पर ₹5,000
छठी किस्त 10वीं/12वीं के बाद ग्रेजुएशन या 2 साल के डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन पर ₹7,000
कुल लाभ: ₹25,000
कौन ले सकता है लाभ?
✔️ परिवार की सालाना आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
✔️ परिवार उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए।
✔️ एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही योजना का लाभ मिल सकता है।
आवेदन कैसे करें?
इस योजना का फायदा उठाने के लिए आपको किसी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप अपने मोबाइल या नजदीकी जनसेवा केंद्र (CSC) से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
🔹 सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट mksy.up.gov.in पर लॉग इन करें।
🔹 'नागरिक सेवा पोर्टल' पर क्लिक करके अपना अकाउंट बनाएं।
🔹 बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता का आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र और बैंक पासबुक की कॉपी स्कैन करके अपलोड करें।
🔹 जैसे-जैसे बेटी अगली कक्षा में जाएगी, आपको उस स्टेज का एडमिशन प्रूफ (जैसे फीस रसीद या सर्टिफिकेट) अपलोड करके अगली किस्त के लिए आवेदन करना होगा।
'कन्या सुमंगला योजना' सिर्फ एक आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि यह बेटियों को समाज में बराबरी का हक दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।