Gorakhpur Guides

Gorakhpur Guides Gorakhpur Guides is a page which shares events happened or happening in Gorakhpur City.

Gorakhpur is a city located along the banks of Rapti river in the north-eastern parts of the Indian state of Uttar Pradesh, with a population of 673,446. It is located near the Nepal border, 273 kilometres east of the state capital Lucknow.

बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज (ROB): ₹152.19 करोड़ की लागत से बना यह 1092 मीटर (1.09 किमी) लंबा पुल अब नकहा रेलवे फाटक के उस ...
30/01/2026

बरगदवा-नकहा रेल ओवरब्रिज (ROB): ₹152.19 करोड़ की लागत से बना यह 1092 मीटर (1.09 किमी) लंबा पुल अब नकहा रेलवे फाटक के उस पुराने 'सिरदर्द' को खत्म कर देगा।

खजांची चौराहा फ्लाईओवर: ₹96.50 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार यह 605 मीटर लंबा फ्लाईओवर जेल बाईपास को सीधे स्पोर्ट्स कॉलेज रोड से जोड़ता है।

किसको होगा फायदा?

इसका सबसे बड़ा फायदा उन भाई-बहनों को होगा जो महराजगंज, कुशीनगर या देवरिया से आते हैं और जिन्हें सोनौली हाईवे या मेडिकल कॉलेज की तरफ जाना होता है। अब आपको शहर के अंदरूनी ट्रैफिक में उलझने की जरूरत नहीं है, सीधे फ्लाईओवर पकड़िए और अपनी मंजिल की ओर फर्राटा भरिए। स्पोर्ट्स कॉलेज के पास रहने वाले और फर्टिलाइजर फैक्ट्री में काम करने वालों के लिए तो जैसे लॉटरी लग गई है!

सिर्फ पुल नहीं, नई पहचान है यह!

गोरखपुर अब माफिया और मच्छरों वाले पुराने ठप्पे से बाहर निकलकर 'फ्लाईओवरों के शहर' के रूप में चमक रहा है। खजांची से बरगदवा तक जो इलाका कभी उपेक्षित माना जाता था, आज वहां फोरलेन सड़कें, अस्पताल और बड़े-बड़े मार्ट्स खुल रहे हैं। यह विकास सिर्फ कंक्रीट का नहीं है, यह हमारे समय और ईंधन की बचत है, जो अंततः हमारी जेब और सेहत दोनों के लिए अच्छा है।

सीख: जब इच्छाशक्ति मजबूत हो और विजन स्पष्ट, तो 'मुमकिन' शब्द ही विकास की नई परिभाषा बन जाता है। अब बस हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन सुविधाओं का ख्याल रखें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें।

तो अगली बार जब आप खजांची फ्लाईओवर से गुजरें, तो उस रफ़्तार का आनंद लीजिये जो गोरखपुर को एक ग्लोबल सिटी बनाने की ओर ले जा रही है। 🚗💨

अगर आप सच में मछली के शौकीन हैंऔर गोरखपुर में टेस्टी fish ढूँढ रहे हैं,तो मोबाइल फिश पार्लर आपके लिए must-try जगह है।हरि...
29/01/2026

अगर आप सच में मछली के शौकीन हैं
और गोरखपुर में टेस्टी fish ढूँढ रहे हैं,
तो मोबाइल फिश पार्लर आपके लिए must-try जगह है।

हरिओम नगर, गोलघर, गोरखपुर में मौजूद यह फिश पार्लर
खास तौर पर अपनी रोहू फिश फ्राय के लिए जाना जाता है,
जिसका स्वाद इतना जबरदस्त है
कि एक बार खाने के बाद दोबारा आने का मन जरूर करेगा।

यहाँ आपको
बोनेलेस फिश फ्राय भी मिलती है,
जो उन लोगों के लिए परफेक्ट है
जो काँटों से बचते हैं लेकिन स्वाद से समझौता नहीं करते।

सिर्फ़ फ्राय ही नहीं,
यहाँ अलग-अलग तरह की फिश करी भी सर्व की जाती है,
जो घर के बने स्वाद जैसी लगती है।

अगर आप मछली पसंद करते हैं,
तो यह जगह आपके लिए miss करने वाली नहीं है।

क्या आप कभी मोबाइल फिश पार्लर गए हैं?
रोहू फ्राय या फिश करी ट्राय की है?
Comment में ज़रूर बताइए 👇

अगर आप गोरखपुर में रहते हैंऔर नई किताबें हर बार महँगी लगती हैं,तो जुबिली चौराहा, बक्सिपुर रोड परइस्लामिया कॉलेज ऑफ कॉमर्...
28/01/2026

अगर आप गोरखपुर में रहते हैं
और नई किताबें हर बार महँगी लगती हैं,
तो जुबिली चौराहा, बक्सिपुर रोड पर
इस्लामिया कॉलेज ऑफ कॉमर्स बिल्डिंग के
ग्राउंड फ़्लोर पर मौजूद यह डिस्काउंट बुक स्टोर
आपके बहुत काम की जगह है।

यहाँ आपको
second-hand किताबें अच्छे discount पर मिल जाती हैं —
चाहे पढ़ाई की किताबें हों
या सामान्य पढ़ने वाली।

सबसे अच्छी बात ये है कि
अगर आपके पास पुरानी किताबें पड़ी हैं
जो अब काम की नहीं रहीं,
तो आप उन्हें यहाँ reasonable दाम पर बेच भी सकते हैं।

यानी
पढ़ने वालों के लिए भी फ़ायदा
और किताबें बेचने वालों के लिए भी।

स्टूडेंट्स के लिए यह जगह खास तौर पर बढ़िया है,
क्योंकि कम बजट में भी
ज़रूरी किताबें मिल जाती हैं।

अगर आप किताबें पढ़ते हैं
या हर साल नई किताब खरीदने से परेशान हैं,
तो एक बार यहाँ ज़रूर जाएँ।

क्या आप पहले कभी इस दुकान पर गए हैं?
या यहाँ से किताब खरीदी या बेची है?
Comment में ज़रूर बताइए 👇

पता:
डिस्काउंट बुक स्टोर
ग्राउंड फ़्लोर, इस्लामिया कॉलेज ऑफ कॉमर्स बिल्डिंग,
बक्सिपुर रोड, जुबिली चौराहा,
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश

अगर आप गोरखपुर में रहते हैं और चाय के शौकीन हैं,तो बैंक रोड की यह चाय आपने ज़रूर सुनी होगी।बैंक रोड क्रॉस रोड, AD चौक के...
27/01/2026

अगर आप गोरखपुर में रहते हैं और चाय के शौकीन हैं,
तो बैंक रोड की यह चाय आपने ज़रूर सुनी होगी।

बैंक रोड क्रॉस रोड, AD चौक के पास स्थित यह दुकान
सालों से लोगों को वही पुराना, भरोसेमंद स्वाद परोस रही है।

यहाँ की चाय का स्वाद
ना ज़्यादा तेज़, ना हल्की —
बस बिल्कुल सही।
और सबसे खास बात यह है कि
हर बार वही स्वाद मिलता है।

गोरखपुर की कई चाय दुकानों में
आज स्वाद अच्छा, कल अलग —
लेकिन यहाँ ऐसा नहीं है।

साथ में मिलने वाला बन मक्कन
नरम, ताज़ा और चाय के साथ एकदम परफेक्ट।
कीमत भी बहुत ज़्यादा नहीं,
और स्वाद ऐसा कि बार-बार आने का मन करे।

यह दुकान बहुत पुरानी है,
और शायद इसी वजह से
यहाँ की चाय में वो बात है
जो आदत बना देती है।

📍 जगह: बैंक रोड क्रॉस रोड, AD चौक, गोरखपुर

क्या आप कभी यहाँ गए हैं?
क्या आपने यहाँ की चाय या बन मक्कन ट्राय किया है?
नीचे कमेंट में ज़रूर बताइए ☕🥖

26/01/2026

🇮🇳 गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🇮🇳

भारत की असली पहचान उसकी विविधता में एकता और संविधान में छिपी शक्ति है।
हमारा संविधान सिर्फ़ नियमों का दस्तावेज़ नहीं,
बल्कि हर नागरिक को सम्मान, अधिकार और जिम्मेदारी देने वाली आत्मा है।

आज का दिन हमें याद दिलाता है कि
हम सब मिलकर ही एक सशक्त और प्रगतिशील भारत बना सकते हैं—
जहाँ न्याय हो, समानता हो और हर आवाज़ को सुना जाए।

संविधान हमारा मार्गदर्शक है—गर्व के साथ चलें, जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ें।
वंदे मातरम् 🇮🇳

🥣 लाजवाब स्वाद से भरपूर कटोरी चाट – शर्मा चाट हाउस, विजय चौककभी-कभी ऐसा होता है किपहला निवाला लेते ही मन बोल उठता है —“ब...
24/01/2026

🥣 लाजवाब स्वाद से भरपूर कटोरी चाट – शर्मा चाट हाउस, विजय चौक

कभी-कभी ऐसा होता है कि
पहला निवाला लेते ही मन बोल उठता है —
“बस यही स्वाद चाहिए था” 😌

विजय चौक के पास
शर्मा चाट हाउस की
कटोरी चाट ऐसी ही लगती है —
स्वाद में भरपूर,
मसाले balanced,
ना ज़्यादा तीखी, ना फीकी।

साथ में अगर
इनकी पानीपुरी ले ली जाए,
तो मज़ा और बढ़ जाता है।
पानी साफ़, स्वाद ठीक,
और हर पुरी में वही consistency
जो बार-बार आने की वजह बनती है।

📋 यहाँ क्या-क्या मिलता है? (Menu के अनुसार)

• आलू टिक्की – ₹25 (1 पीस)
• मटर टिक्की – ₹40 (1 पीस)
• कटोरी चाट – ₹40 (1 पीस)
• दही बड़ा – ₹25 (1 पीस)
• पापड़ी चाट – ₹35 (1 प्लेट)
• दही समोसा – ₹30 (4 पीस)
• पानी बताशा – ₹20 (6 पीस)

Menu simple है,
लेकिन रोज़ की चाट की
ज़्यादातर पसंद यहाँ मिल जाती है।

🍽️ क्या खास लगता है?

जो लोग यहाँ बार-बार आते हैं,
वो अक्सर
कटोरी चाट, दही बड़ा और पानीपुरी
ज़रूर लेते हैं।

दही बड़ा नरम रहता है
और दही भारी नहीं लगता,
इसलिए पेट पर भी ज़्यादा नहीं पड़ता।

📍 कहाँ है?

दुकान नंबर 9, ग्राउंड फ़्लोर,
आष्ट सिद्धि ट्रेड सेंटर,
विजय चौक, कुमार कुल्फ़ी हाउस के पास,
गोरखपुर,

👉 अब आप बताइए
क्या आपने कभी
यहाँ की कटोरी चाट या पानीपुरी खाई है?

अगर हाँ —
आपको कौन-सी ज़्यादा पसंद आई?
और अगर नहीं —
पहली बार क्या try करेंगे?

कमेंट में लिखिए 👇
ऐसी जगहों की असली पहचान
लोगों के अनुभव से ही होती है।

अगर आपआरामदायक और देसी कपड़े ढूंढ रहे हैं,तो खादी एक ऐसा विकल्प हैजिसे कम से कम एक बार ज़रूर ट्राय करना चाहिए।गोरखपुर मे...
23/01/2026

अगर आप
आरामदायक और देसी कपड़े ढूंढ रहे हैं,
तो खादी एक ऐसा विकल्प है
जिसे कम से कम एक बार ज़रूर ट्राय करना चाहिए।

गोरखपुर में
श्री गांधी आश्रम खादी भवन,
गोलघर की गांधी गली में स्थित है,
जहाँ खादी और देसी उत्पाद
सालों से मिलते आ रहे हैं।

🤍 खादी क्या होती है? (सीधे शब्दों में)

खादी हाथ से काता और हाथ से बुना हुआ कपड़ा होता है।
इसमें मशीन का इस्तेमाल बहुत कम या बिल्कुल नहीं होता।

इसी वजह से
• ये कपड़ा हवादार होता है
• गर्मी में शरीर को चिपकता नहीं
• पसीना जल्दी सूखता है
• और पहनने में काफ़ी आरामदायक लगता है

👕 क्यों किसी को खादी ज़रूर ट्राय करनी चाहिए?

• गोरखपुर की गर्मी में
खादी पहनना काफ़ी आराम देता है
• ये कपड़ा
लंबे समय तक चलता है
• स्किन पर भारी या जलन वाला महसूस नहीं होता
• रोज़मर्रा के पहनावे के लिए भी ठीक
और खास मौकों पर भी अच्छा लगता है

जो लोग
सिंथेटिक कपड़ों से
जल्दी परेशान हो जाते हैं,
उनके लिए खादी
एक अच्छा बदलाव हो सकता है।

👕 यहाँ क्या-क्या मिलता है?

श्री गांधी आश्रम खादी भवन में 👇

• सूती कपड़े
• खादी के कपड़े
• पोली और रेशम के कपड़े
• शुद्ध चमड़े के जूते और चप्पल
• ग्रामोद्योग से जुड़े देसी सामान

📍 कहाँ है?

गोलघर, गांधी गली – गोरखपुर

👉 अब आपकी बारी
क्या आपने कभी
खादी पहनी है?

• हाँ – पहनने में बहुत आरामदायक लगी
• हाँ – लेकिन आदत डालनी पड़ी
• नहीं – अब ट्राय करूँगा

कमेंट में अपना अनुभव या राय ज़रूर लिखिए —
आपकी बात
किसी और के काम आ सकती है।






गोरखपुर मेंअगर किसी एक जगह कोखोवा (मावा) के लिए जाना जाता है,तो वो है गोलघर के पास की खोवा मंडी।यहाँ की सबसे खास बात ये ...
22/01/2026

गोरखपुर में
अगर किसी एक जगह को
खोवा (मावा) के लिए जाना जाता है,
तो वो है गोलघर के पास की खोवा मंडी।

यहाँ की सबसे खास बात ये है कि
👉 खोवा यहाँ पूरे साल मिलता है
चाहे शादी-ब्याह का मौसम हो
या बिल्कुल आम दिन।

इसी वजह से
जब भी घर में
मिठाई, पकवान या कोई खास चीज़ बनानी हो,
तो लोग सीधे
खोवा मंडी का नाम लेते हैं।

📦 खोवा के अलावा और क्या-क्या मिल जाता है?

नाम भले “खोवा मंडी” हो,
लेकिन यहाँ सिर्फ खोवा ही नहीं मिलता।

अक्सर यहाँ ये चीज़ें भी मिल जाती हैं 👇

• पनीर
• दूध, दही
• मशरूम
• रेडी-टू-ईट और रेडी-टू-कुक खाने की चीज़ें
• पैक्ड खाने-पीने का सामान

यानी अगर कोई यहाँ सिर्फ खोवा लेने आए,
तो बाकी खाने से जुड़ी कई चीज़ें भी
एक ही जगह मिल सकती हैं।

💰 दाम और क्वालिटी को लेकर एक सीधी बात

• दाम आमतौर पर काफ़ी ठीक रहते हैं
• लेकिन क्वालिटी दुकान-दर-दुकान अलग हो सकती है
• पहली बार हों तो
थोड़ा देखकर और पूछकर लेना बेहतर रहता है

👉 अब आपकी बारी
अगर आप कभी
गोरखपुर की खोवा मंडी से
खोवा या कोई और चीज़ ले चुके हैं 👇

• आपको वहाँ का खोवा कैसा लगा?
• कोई ऐसी चीज़ जो आपको वहाँ अच्छी मिली?
• पहली बार जाने वाले को क्या ध्यान रखना चाहिए?

कमेंट में अपना अनुभव ज़रूर लिखिए —
आपकी बात
किसी और के बहुत काम आ सकती है।






अगर आप मोबाइल से जुड़ा कोई भी सामानसस्ते दाम में लेना चाहते हैं,तो गोरखपुर का China Marketआपके बहुत काम की जगह है।यहाँ आ...
21/01/2026

अगर आप मोबाइल से जुड़ा कोई भी सामान
सस्ते दाम में लेना चाहते हैं,
तो गोरखपुर का China Market
आपके बहुत काम की जगह है।

यहाँ आपको मिलता है 👇
• मोबाइल पार्ट्स (डिस्प्ले, बैटरी, चार्जिंग पोर्ट)
• मोबाइल कवर
• चार्जर, केबल
• हेडफोन, ईयरफोन
• ब्लूटूथ स्पीकर
• छोटे मोबाइल टूल्स

👉 सबसे अच्छी बात ये है कि
यहाँ थोक (wholesale) और खुदरा (retail) — दोनों में सामान मिलता है।
दुकानदारों, रिपेयर वालों और आम ग्राहकों — सबके लिए।

💰 दाम क्यों सस्ते होते हैं?

• ज़्यादातर सामान सीधा थोक में आता है
• मॉल या बड़ी दुकानों जैसा extra खर्च नहीं
• एक ही चीज़ कई दुकानों में मिलती है, तो रेट अपने-आप नीचे रहता है

अगर आप compare करें,
तो कई चीज़ें
30–50% तक सस्ती पड़ जाती हैं।

📌 ज़्यादातर मोबाइल पार्ट्स और एक्सेसरीज़ की दुकानें
इसी एरिया में लाइन से मिल जाती हैं।

⚠️ एक ज़रूरी सलाह

• दाम 2–3 दुकानों में ज़रूर पूछें
• पहले क्वालिटी देख लें, फिर खरीदें
• अगर ज़्यादा सामान लेना है, तो साफ़ बोल दें —
“थोक रेट बताइए”

👉 अब आपकी बारी
क्या आपने कभी गोरखपुर के China Market से
मोबाइल या एक्सेसरीज़ खरीदी हैं?

• हाँ, काफ़ी सस्ता पड़ा
• हाँ, लेकिन क्वालिटी mixed थी
• नहीं, अब ज़रूर जाऊँगा

अगर आपको पता है तो कमेंट कमेंट में ज़रूर बताएं
China Market कहाँ है और कैसे पहुँचे?

कमेंट में अपना अनुभव या सवाल लिखिए —
किसी और का पैसा बच सकता है 📱💰






गोरखपुर के बीचों-बीचसाहबगंज मंडी है,लेकिन सच्चाई ये है किहम में से ज़्यादातर लोगइस मंडी की असली ताक़त जानते ही नहीं।आज भ...
20/01/2026

गोरखपुर के बीचों-बीच
साहबगंज मंडी है,
लेकिन सच्चाई ये है कि
हम में से ज़्यादातर लोग
इस मंडी की असली ताक़त जानते ही नहीं।

आज भी हम लोग
पूरा महीने का सामान
• मॉल
• पास की किराना दुकान
• या ऑनलाइन ऐप

से खरीद लेते हैं,
जबकि वही चीज़ें
साहबगंज मंडी में थोक भाव पर
30–40% तक सस्ती मिल जाती हैं।

📦 यहाँ से क्या-क्या मिल जाता है? (लगभग सब कुछ)

अगर आप सही प्लानिंग करें,
तो यहाँ से पूरा घर का सामान लिया जा सकता है 👇

🌾 अनाज और दालें

• गेहूं, चावल (हर किस्म)
• अरहर, मसूर, चना, मूंग
• राजमा, छोला, मटर

🧂 मसाले और सूखा सामान

• हल्दी, मिर्च, धनिया
• जीरा, राई, गरम मसाला
• नमक, हींग
• बेसन, सूजी, मैदा

🛢️ तेल और घी

• सरसों तेल
• रिफाइंड तेल
• सोयाबीन / मूंगफली तेल
• देसी घी (थोक में)

🥜 ड्राय फ्रूट्स

• बादाम
• काजू
• किशमिश
• मूंगफली
(थोक में लेने पर काफ़ी सस्ता)

🧼 घर का रोज़मर्रा का सामान

• साबुन
• शैम्पू
• डिटर्जेंट
• बर्तन धोने का सामान
• फिनाइल, क्लीनर

🍪 पैक्ड चीज़ें

• बिस्किट
• नमकीन
• चाय, कॉफी
• बच्चों का सामान

👉 मतलब साफ़ है —
किराने की दुकान या मॉल में जो कुछ मिलता है,
वो लगभग सब कुछ यहाँ भी मिल जाता है,
बस दाम में बड़ा फर्क होता है।

💰 असल में कितनी बचत होती है?

अगर आपके घर का
महीने का कुल खर्च
₹7,000–₹10,000 है,
तो साहबगंज मंडी से लेने पर
₹2,500–₹4,000 तक की बचत
आसानी से हो सकती है।

यानी साल भर में
25–40 हज़ार रुपये
सिर्फ़ सही जगह से ख़रीदारी करके।

🤔 फिर भी ज़्यादातर लोग क्यों नहीं जाते?

• लगता है कि मंडी सिर्फ दुकानदारों के लिए है
• थोक में कैसे खरीदें, समझ नहीं आता
• भीड़ और समय का डर
• सुविधा की आदत (malls / apps)

जबकि हक़ीक़त ये है कि
घर का सामान लेने वाले आम लोग भी
यहाँ आराम से खरीद सकते हैं।

✅ सही तरीका क्या है?

• महीने की पूरी लिस्ट पहले बना लें
• 1–2 लोगों के साथ जाएँ
• एक ही दुकान से सब मत लें
• 2–3 दुकानों में दाम ज़रूर पूछें
• भारी सामान पहले लें, हल्का बाद में

इतना करते ही
बचत अपने-आप दिखने लगती है।

👉 अब आपकी बारी
क्या आपने कभी
साहबगंज मंडी से
महीने का पूरा सामान लिया है?

• हाँ, काफ़ी बचत हुई
• नहीं, लेकिन अब ज़रूर जाऊँगा
• नहीं, और वजह ये है ___

कमेंट में सच बताइए,
ताकि और गोरखपुर वाले भी समझ सकें
कि शहर में
पैसे बचाने के मौके कहाँ हैं।






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