19/09/2026
साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: ट्रेडिंग के नाम पर 21.05 लाख रुपये की धोखाधड़ी, छत्तीसगढ़ से आरोपी गिरफ्तार
ग्वालियर। राज्य साइबर पुलिस ग्वालियर ने साइबर फ्रॉड के एक मामले में कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइट के जरिए पीड़ित से 21 लाख 05 हजार 920 रुपये की ठगी की थी।
पुलिस के मुताबिक फरियादी अशोक विजयवर्गीय ने ट्रेडिंग के नाम पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में अपराध क्रमांक 106/26 के तहत धारा 318(4), 319(2) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपियों ने “Tradecboeaus” नाम से फर्जी वेब पेज तैयार किया था। इस वेबसाइट पर निवेश की राशि का बढ़ता-घटता ग्राफ दिखाया जाता था, जिससे पीड़ित को निवेश पर मुनाफा होने का भरोसा दिलाया जाता था। इसके बाद उससे लगातार अधिक राशि निवेश कराई गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी वेबसाइट को फेक आईपी के माध्यम से संचालित किया जा रहा था। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने छत्तीसगढ़ के कबीरधाम में दबिश देकर आरोपी मिथलेश जैसवाल, उम्र 33 वर्ष, निवासी जॉयसवाल पारा, डोंगरिया, थाना लोरमी, जिला मुंगेली को गिरफ्तार किया।
जांच में आरोपी के भाई के बैंक खाते में फरियादी के खाते से 25 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन का भी पता चला। इसमें से करीब 10 लाख रुपये चेक के माध्यम से निकाले गए, जबकि एक लाख रुपये आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल की तकनीकी जांच भी की। जांच में एक विदेशी मोबाइल नंबर से व्हाट्सऐप चैट और कंबोडिया का कंट्री कोड सामने आया। फरियादी से संपर्क करने वाली कथित महिला की पहचान और उसके द्वारा खुद को बेंगलुरु निवासी बताने संबंधी जानकारी की भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक, राज्य साइबर पुलिस ग्वालियर श्री प्रणय नागवंशी ने बताया कि आरोपी का खाता तीन राज्यों के फ्रॉड से जुड़ा पाया गया है और आरोपी व उसके भाई को पहले भी अन्य साइबर अपराधों में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों और बैंक खातों में हुए लेन-देन के संबंध में पूछताछ जारी है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक मुकेश नारोलिया, उनि शैलेंद्र राठौर, उनि हिमानी दुबे, उनि माधवी तोमर, प्र.आर. पवन शर्मा, प्र.आर. विकाश पाण्डे, आर. पुष्पेन्द्र यादव, आर. दामोदर भार्गव, आर. रामचित्र सिंह एवं आर.उपेंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।