13/02/2025
येलो मोजैक प्रतिरोधी, 65 दिनों में पककर 35 क्विं./ हेक्टेयर उपज देने वाली मूंग की टॉप वैरायटी के बारे में जानें..63 से 70 दिन में पककर तैयार होगी यह किस्म
Mung Bean Farming | मूंग की नई किस्म MH1142 63 से 70 दिन में पककर तैयार हो जाती है। यह मौजेक, पत्ता झूरी, पत्ता मरोड़ जैसे विषाणु रोग तथा सफेद चुर्णी जैसे फफूंद रोगों की प्रतिरोधी है। इस किस्म की बुवाई खरीफ मौसम के साथ-साथ ग्रीष्म काल में भी आसानी से की जा सकती है।
मूंग की इस किस्म की खासियत यह है कि इसकी फसल एक साथ पककर तैयार होती है। इसका पौधा कम फैलावदार, सीधा और सीमित बढ़वार वाला है, जिससे इसकी कटाई आसान हो जाती है। : Mung Bean Farming
यह किस्म अलग-अलग राज्यों में 63 से 70 दिनों में पककर तैयार हो जाती है और इसकी औसत पैदावार भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार 12 क्विंटल से 20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक आंकी गई है।
मूंग में कितनी सिंचाई करें?
मूंग की फसल में पानी की कम आवश्यकता होती है। ग्रीष्मकालीन मूंग फसल की अच्छी वृद्धि व विकास के लिए 3 से 4 सिंचाई की आवश्यकता होती है।
अनावश्यक रूप से सिंचाई करने पर पौधे की वानस्पतिक वृद्धि ज्यादा हो जाती है, जिसका उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। : Mung Bean Farming
अत: सिंचाई आवश्यकतानुसार व हल्की करें। ऐसे किसान जिन्होंने पिछले महीने मूंग की बुआई कर दी है वे किसान 25 से 30 दिन की फसल हो जाने पर पहली सिंचाई करें।