06/09/2026
इस बार बप्पा लाएँ… मिट्टी के। 🌱
त्योहार हमारी संस्कृति और आस्था का हिस्सा हैं।
लेकिन शायद हर त्योहार हमें अपने आसपास की दुनिया के बारे में सोचने का एक अवसर भी देता है।
मिट्टी के गणेश जी को घर लाना,
प्राकृतिक तरीके से उत्सव मनाना
और संभव हो तो घर पर ही विसर्जन करना
एक छोटा-सा बदलाव हो सकता है।
मिट्टी से बने, मिट्टी में समाहित
यही संकल्प हमारा।
यह किसी को उपदेश देने की कोशिश नहीं है।
बस एक छोटी-सी सोच है
क्या हमारी आस्था और प्रकृति साथ-साथ नहीं चल सकती?
🌿 बप्पा की सेवा • प्रकृति की सेवा।
🙏 गणपति बप्पा मोरया!