14/06/2026
आज के दौर में, जहाँ लोग पहचान और प्रसिद्धि के पीछे दौड़ रहे हैं, वहीं राजस्थान के एक बुज़ुर्ग पिछले 21 वर्षों से चुपचाप इंसानियत की मिसाल बने हुए हैं।
भीषण गर्मी में जब सफर करना भी मुश्किल हो जाता है, तब उनकी छोटी-सी पहल हजारों राहगीरों के लिए राहत बन जाती है। न कोई मंच, न कोई प्रचार, न कोई स्वार्थ सिर्फ दूसरों की प्यास बुझाने की सच्ची भावना।
थानाराम जी हमें याद दिलाते हैं कि समाज को बदलने के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि बड़े दिल की जरूरत होती है। ऐसे लोग साबित करते हैं कि इंसानियत आज भी ज़िंदा है और दुनिया को बेहतर बनाने की ताकत रखती है।
सलाम है इस निस्वार्थ सेवा और समर्पण को।