26/01/2019
‘जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी'
"फरियाद बस इतनी सी मेरे मौला
जनम हर जनम स्वदेश का प्यार मिले,
सौ बार जीयूँ सौ बार मरु,
मेरी आँखे उसके आँचल में खुले
हो कर्म वही, हो धर्म वही
हो जनम वही, हो मरण वही
जो तेरे चरणों मे मेरी पुष्पांजलि
नहीं चाहिए स्वर्ग गर इस देवभूमि की गोद मिले।।"
(हृदय उद्गार)
सभी भारतवासियों को इस राष्ट्रपर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।