04/07/2024
18 वर्ष का नवयुवक
अख़बार लिए गांव में दौड़ता फिर रहा है
और दौड़ता इसलिए फिर रहा है कि
अख़बार के तीसरे पन्ने के चौथे कॉलम में
उनका पूरा नाम छपा है
नाम इसलिए छपा है
क्योंकि किसी फलाने के यहां
युवक ने भागवत कथा वाची थी
युवक का नाम "पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री" था
अपने नाम की अख़बार कटिंग
गांव के हर बुर्जुग को उनने दिखाई
खुशी ऐसी मानो एवरेस्ट फतेह किया हो
अख़बार दिखा कर कहते...
कि कक्का हमाओ नाम छपों अखबार में..
फिर एक रोज़ उनकी अख़बार में
ब्लैक एन वाइट फोटो छपी
जिसकी भी अख़बार कटिंग पूरे गांव में घूमी
फिर धीरे-धीरे कलर फोटो... छपना शुरू हुईं
फिर अख़बार के फ्रंट पेज पर पूरा इंटरव्यू भी आया
फिर टीवी तक भी वो नाम पहुंच गया
फिर टीवी पर उस नाम पर बहस शुरू हुई
फिर टीवी पर हुई उनकी शक्तियों पर शंका
आखिर में जब बज गया डंका
गड़ गया झंडा
तो नाम सिर्फ "बागेश्वर धाम सरकार" रह गया
बागेश्वर वाले बाबा.... बाबा जिसके जो भाव
सिर्फ 25 साल के युवक ने
बाबा बनना स्वीकार कर लिया...
जब अख़बार पर पहली बार नाम आया था
और टीवी पर फुल 2 घंटे का बकायदा इंटरव्यू
तो दोनों में एक बात एक सी थी...
वो था उनका व्यहवार, उनका व्यहवार नहीं बदला
वही जुनून,जोश, ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास
से उनने अख़बार में जैसे लोगों को नाम दिखाया था
वैसे ही टीवी पर अपना इंटरव्यू भी दिखाए...
फिर धीरे धीरे धीरेंद्र... बागेश्वर बाबा बन गए
और अपने संकल्पों को पूरा करने में लग गए...
ये कोई लोकप्रियता पाने की लड़ाई नहीं थी
ये ज़िद थी जो धब्बा सनातन संस्कृति पर लग रहा था
उसे बदलना था... और उनने बदलना भी शुरू कर दिया
ये विश्वास था अपने इष्ट के प्रति भक्ति भाव रखने का..
उस नवयुवक ने बहन की शादी करते समय
जब कई कठिनाइयों का सामना करा था
तब उसने संकल्प लिया कि
ग़रीब की बेटी की शादी का जिम्मा वो लेगा
और जितना बन सकेगा उतना करेगा
फिर उसने कर दिए कई सैकड़ों विवाह
और रच दिया इतिहास...
जब उस युवक ने ग़ुरबतों के दौर में
पानी में पारले जी खाए
तो ज़िद पकड़ी की कोई भूखा न सोए
फिर क्या था... जय बोलो मां अन्नपूर्णा की...
हजारों..लाखों आदमियों को भंडारा कराया
लेकिन खुद पारले जी खाने से बाज न आया..
उनने संकल्प लिया कि गौशाला नहीं उपाएं
गौशाला नहीं उपाएं.. एक हिन्दू एक गाय...
जब उनने देखा कि बुंदेलखंड की पिछड़ी भूमि में
लोग कैंसर की मार झेल रहे,
इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे
तब उनने संकल्प लिया कि कैंसर अस्पताल बने
तो अपने इस सपने को साकार करने लग गए
जी जान लगा दी और काम शुरू कर दिए...
वो देश की राष्ट्रपति से लेकर लंदन, दुबई के
राजाओं को भी सनातन धर्म के उपदेश दे चुके
लेकिन फिर जब मिले एक दिव्यांग से तो ठीक वैसे
ही जैसे कि थी राष्ट्रपति, राजाओं से मुलाकात..
वही फक्कड़ता, विनम्रता और शालीनता से...
उनने ब्रिटेन की संसद से लेकर यूएई के किंग से
स्वीकारे कई सम्मान, और भारत लौट कर
कमरे के कीले पर टांग दिए...
लेकिन जब कोई भीड़ में
बूढ़ी अम्मा लिए हो हाथ से बुना हुआ स्वेटर
तो प्रोटोकॉल तोड़कर वो उसे भी अपनाएं...
ख़ुद सुरक्षा के घेरे में रहने के बावजूद
लोगों की सुरक्षा की फ़िक्र करे
रात रात भर जागे और सत्संग करे
ऐसा कोई साधारण पुरुष नहीं
कोई "दिव्य पुरुष" ही कर सके...
ऐसे ही "दिव्य पुरुष" का आज जन्मदिवस है, कामनाएं यही कि वे अपने सभी संकल्पों पर अडिग रहे... और आग्रह यही कि वे अपनी दिनचर्या पर भी थोड़ा ध्यान दें।
हमारे बुंदेलखंड एमपी और भारत के गौरव
बागेश्वर धाम सरकार 🙏❤️
परम पूज्य गुरुदेव भगवान
जन्मदिवस की मंगलकामनाएं आप पर बागेश्वर बालाजी सरकार की और हम सब भक्तो पर आप की कृपा बनी रहे
आप के चरणों की रज का सेवक
गौरांग लक्ष्मण तिवारी
MANGLAM ADVERTISING GAISABAD
(कुछ शब्द जैंसे युवक, दौड़ता आदि आदि लाइनों का आधार है मेरे लिए गुरुदेव भगवान के सर्वदा पूज्य सम्मानीय है)
श्री सीता राम
पूज्य गुरुदेव भगवान की जय