खुशी कुछ लम्हों की

खुशी कुछ लम्हों की Creation of Happiness

08/07/2026
26/05/2026
10/05/2026
मातृत्व दिवस पर मां के लिए श्रद्धा सुमन
10/05/2026

मातृत्व दिवस पर मां के लिए श्रद्धा सुमन

23/10/2025
कल्पनाओं के पंख लगाकर ...खिड़की से सटा हो बिस्तर मेराखुली छत पर हो कमराचांद झांकता हो खुली खिड़की सेकमरा मेरा रोशन हो चा...
13/10/2025

कल्पनाओं के पंख लगाकर ...

खिड़की से सटा हो बिस्तर मेरा
खुली छत पर हो कमरा
चांद झांकता हो खुली खिड़की से
कमरा मेरा रोशन हो चांदनी से
गुफ्तगू करूं मैं घंटों चांद से
कल्पनाओं के पंख लगाकर
उड़ती फिरूं मैं इतमिनान से...
पहुंच कर देखूं उस कोने में
जो पीछे छूट गया बड़ी होते रहने में
ख्वाहिशें बहुत पाली थी बचपन में
हिम्मत ना हुई हासिल करने की हकीकत में
जिंदगी नयी करवट ले रही है
क्यों संकोच करूं मैं भाग्य आजमाने में.....

दिव्या आबूसरिया
10/10/2025

एक पैगाम दोस्त के नाम..(To Elephantoo)मुश्किल है कभी कभार अल्फाज ढूंढना हमारे रिश्ते की भावनाओं को पढ़ सको तो समझना..मुश...
13/10/2025

एक पैगाम दोस्त के नाम..(To Elephantoo)

मुश्किल है कभी कभार अल्फाज ढूंढना
हमारे रिश्ते की भावनाओं को पढ़ सको तो समझना..
मुश्किल है दोस्ती का हू-बहू चित्रण करना
मेरी मुस्कुराहट में रंग ढूंढ सको तो समझना..
मुश्किल है जज्बातों की अभिव्यक्ति करना
मेरे मन का कोतुहल जान सको तो समझना..
मुश्किल है हरदम साथ रहना
कुछ पलों में पुराने सारे दौर जीना चाहो तो समझना..
मुश्किल है तारीफों से रिश्ता संभाले रखना
खुलकर खरी खोटी सुननी आती हो तो समझना..
मुश्किल है हर बार बड़ी दावत में पहुंचना
थड़ी की चाय का लुत्फ़ उठाना आता हो तो समझना..
मुश्किल है दबी ख्वाहिशों का इजहार करना
कोई पुराना खास दोस्त खजाने में हो तो समझना..
यह पुराने दोस्त हैं जनाब..
जीवन का उत्सव.. हर मौसम का इंद्रधनुष..
दोस्ती की नजर उतारनी आती हो तो समझना...
Divya
24/9/2025

तुम्हें स्वयं करना होगा दुनिया बदलने निकले हो तो बदलना तुम्हें स्वयं को होगा ।तकदीर लिखने निकले हो तो भरोसा तुम्हें स्वय...
07/05/2025

तुम्हें स्वयं करना होगा

दुनिया बदलने निकले हो तो
बदलना तुम्हें स्वयं को होगा ।
तकदीर लिखने निकले हो तो
भरोसा तुम्हें स्वयं पर करना होगा ।
मोहब्बत बांटने निकले हो तो
प्रेम तुम्हें स्वयं से करना होगा ।
मिजाज दूसरों का जांचने निकले हो तो
विचार तुम्हें स्वयं के मथना होगा ।
प्रश्न प्रभु की दया पर करने निकले हो तो
श्रद्धा भक्ति में गोता स्वयं को लगाना होगा ।
खूबसूरती रंगों की सजाने निकले हो तो
अहमियत श्वेत की स्वयं को समझाना होगा ।
खुशी के पल ढूंढने निकले हो तो
दर्द के अश्रु पहले स्वयं को बहाना होगा.....

दिव्या आबूसरिया
7/5/2025

परीक्षा की घड़ी परीक्षा की घड़ी है चुनौती यह बड़ी है टिक टिक करती घड़ी है जान पर आ पड़ी है सांसें उखड़ रही हैं धैर्य और ...
07/05/2025

परीक्षा की घड़ी

परीक्षा की घड़ी है
चुनौती यह बड़ी है
टिक टिक करती घड़ी है
जान पर आ पड़ी है
सांसें उखड़ रही हैं
धैर्य और संयम में दूरी बढ़ी है
निर्णय की घड़ी आ खड़ी है
सफल या असफल इच्छा हरि है
तमन्ना आज भय से लड़ी है
मन में हदें पार करने की ठनी है
हौसले हों तो ख्याति शीर्ष चढ़ी है
समझें तो कामयाबी जिंदगी से बड़ी है.....

दिव्या आबूसरिया
5/5/2025

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302044

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