22/05/2026
तेलंगाना राजभवन में वरिष्ठ समाजसेवी बजरंगलाल शर्मा से सहपरिवार ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से की सौहार्दपूर्ण भेंट
हैदराबाद। तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से वरिष्ठ उद्योगपति एवं समाजसेवी बजरंगलाल शर्मा बसई वाले परिवार ने शिष्टाचार भेंट कर भारतीय लोकतंत्र, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
इस अवसर पर बजरंगलाल शर्मा ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला के दीर्घ राजनीतिक एवं प्रशासनिक अनुभव की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने, जनभागीदारी को बढ़ावा देने तथा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अवसर पर युवा उद्यमी विश्वास शर्मा, गौतम शर्मा एवं प्रथम शर्मा उपस्थित रहे ।
बजरंगलाल शर्मा ने कहा कि शिव प्रताप शुक्ला ने एक जनप्रतिनिधि, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री, राज्यसभा सदस्य तथा विभिन्न राज्यों के राज्यपाल के रूप में सदैव लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने का कार्य किया है। वह आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि आज देश को ऐसे अनुभवी नेतृत्व की आवश्यकता है, जो समाज को सकारात्मक दिशा देने के साथ युवाओं को राष्ट्रहित में कार्य करने के लिए प्रेरित करे।
इस दौरान राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने युवाओं की भूमिका को राष्ट्र निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि भारत आज विकास और आत्मनिर्भरता के नए युग में प्रवेश कर रहा है। विकसित भारत 2027 का सपना तभी साकार होगा, जब समाज का प्रत्येक वर्ग अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए राष्ट्रहित में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि केवल सरकारों के प्रयासों से ही देश विकसित नहीं बनता, बल्कि सामाजिक, पारिवारिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक स्तर पर प्रत्येक भारतीय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक होती है।
बजरंगलाल शर्मा ने कहा कि विकसित भारत का संकल्प केवल आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक चेतना, पारिवारिक संस्कार, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का भी अभियान है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे अपने परिवारों और आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करें।
विश्वास शर्मा, गौतम शर्मा एवं प्रथम शर्मा ने भी राज्यपाल के समक्ष सामाजिक एकता, युवाओं की सहभागिता तथा भारतीय संस्कृति के संरक्षण को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि समाजहित और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।