18/06/2026
होम मिनिस्ट्री में पहुंच का झांसा देकर करोड़ों की ठगी! ASI-डॉक्टर की नौकरी लगवाने के नाम पर महिला गिरफ्तार, 200 से ज्यादा लोग बने शिकार
जालंधर: जालंधर हाइट्स-3 में खुद को उच्च प्रशासनिक अधिकारी बताकर सरकारी नौकरियां दिलाने का झांसा देने वाली महिला को थाना सदर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान पूजा ठाकुर के रूप में हुई है, जिस पर डॉक्टर, पुलिस इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, एएसआई, कांस्टेबल और नर्स की नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ठगने के आरोप हैं। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने 200 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया है।
थाना सदर के एसएचओ संजीव सूरी ने बताया कि एजीआई के डॉक्टर मनमहक की शिकायत पर कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, पूजा ठाकुर ने दावा किया था कि उसकी होम मिनिस्ट्री में ऊंची पहुंच है और वह सरकारी विभागों में नौकरी लगवा सकती है। इसी भरोसे में आकर कई लोगों ने उसे लाखों रुपये ट्रांसफर किए। जांच में सामने आया कि वह एएसआई की नौकरी के लिए 3 लाख रुपये, कांस्टेबल और नर्स की नौकरी के लिए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये तथा डॉक्टर की नौकरी के लिए भी डेढ़ लाख रुपये वसूलती थी।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 20 फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर, नकली सरकारी पहचान पत्र, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शिकायतकर्ता डॉक्टर मनमहक के अनुसार, उनसे अकेले 18 लाख रुपये की ठगी की गई। हालांकि अभी तक आरोपी से कोई नकदी बरामद नहीं हुई है।
जांच में खुलासा हुआ है कि पूजा ठाकुर पिछले 4-5 महीनों से जालंधर हाइट्स स्थित एजीआई फ्लैट में रह रही थी। वह शाम को पार्क में घूमने के दौरान लोगों से संपर्क बनाती थी और खुद को मैथ्स में पीएचडी तथा सरकारी विभागों में कार्यरत बता कर विश्वास जीतती थी। इसके बाद पहले से तैयार लेटरहेड और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नकली नियुक्ति पत्र जारी कर लोगों से मोटी रकम ऐंठती थी।
पुलिस जांच में यह मामला अंतरराज्यीय ठगी रैकेट से जुड़ा सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, पूजा ठाकुर का असली संचालक दिल्ली में बैठा है, जो पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करता था। आरोपी लोगों को बताती थी कि उसका मुख्य कार्यालय दिल्ली में है और वहीं से एक "राइडर" नियमित रूप से पैसे कलेक्ट करने आता है।
पुलिस ने आरोपी का सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाकर अदालत में पेश किया, जहां से उसका तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।