23/05/2026
कैथल शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने वाली सरकारी बसें पिछले करीब 10 दिनों से शहर के बीचों-बीच से होकर नहीं गुजर रही हैं। इसके चलते जिले के अलग-अलग गांवों से पढ़ाई करने आने वाली छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्राओं को कैथल बस स्टैंड से अपने कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त किराया खर्च करना पड़ रहा है, वहीं समय की बर्बादी भी झेलनी पड़ रही है।
कैलरम, बालू और चौशाला गांव की छात्राएं ईशा, कोमल और स्माइल ने बताया कि वे प्रतिदिन कैथल शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करने आती हैं। सरकार द्वारा बस पास सुविधा दिए जाने के बावजूद उन्हें बस स्टैंड से कॉलेज तक पहुंचने के लिए ऑटो का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और पढ़ाई पर भी असर पड़ रहा है। छात्राओं ने बताया कि पहले सरकारी बसें शहर के बीच से होकर गुजरती थीं, जिससे उन्हें काफी सुविधा रहती थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से रूट बदलने के कारण उनकी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
अपनी मांगों को लेकर छात्राएं वीरवार को कैथल लघु सचिवालय पहुंचीं और एसपी व एडीसी से मुलाकात कर समस्या रखी। छात्राओं ने प्रशासन से मांग की थी कि सरकारी बसों को दोबारा पुराने रूट से चलाया जाए ताकि विद्यार्थियों को राहत मिल सके। छात्राओं का कहना है कि अधिकारियों ने उनकी समस्या को गंभीरता से सुनते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया था।
हालांकि शुक्रवार को भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ। छात्राओं की बसें शहर के बाहर वाले मार्ग से होकर ही कैथल बस स्टैंड पहुंचीं। इस संबंध में जब कैथल डिपो के जनरल मैनेजर कमलजीत चहल से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि रोडवेज विभाग छात्राओं को शहर के अंदर से उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए तैयार है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से लिखित निर्देश मिलने तक बसों का संचालन पुराने रूट से नहीं किया जा सकता।
उन्होंने बताया कि शहर के अंदर से बसें चलाने पर कई बार ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान कर दिए जाते हैं, जिससे रोडवेज को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इसी कारण मजबूरी में बसों को शहर के बाहरी मार्ग से चलाना पड़ रहा है।
अब विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं ने सोमवार को दोबारा जिला उपायुक्त और एडीसी से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग उठाने का निर्णय लिया है।
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