20/08/2026
पत्रकारों के साथ घटित दो घटनाओं को लेकर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच कर करवाई की मांग
संतकबीरनगर। जनपद में पत्रकारों के साथ कथित उत्पीड़न, अभद्र व्यवहार, मारपीट, धमकी और समाचार संकलन के दौरान अनावश्यक दबाव बनाए जाने के मामलों को लेकर जर्नलिस्ट प्रेस क्लब संतकबीरनगर ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
जर्नलिस्ट प्रेस क्लब का कहना है कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनसमस्याओं, भ्रष्टाचार, विकास कार्यों में अनियमितताओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का कार्य करते हैं। ऐसे में पत्रकारों को समाचार संकलन के दौरान डराने, धमकाने अथवा उनके साथ अभद्र व्यवहार करने की घटनाएं स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
मनरेगा की खबर को लेकर पत्रकार से मारपीट का आरोप
ज्ञापन में पहली घटना का उल्लेख करते हुए बताया गया कि 3 अगस्त 2026 को वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज के संवाददाता अनिरुद्ध अग्रहरि ने सेमरियावां विकासखंड के डारीडीहा गांव में मनरेगा कार्य से संबंधित खबर प्रसारित की थी। आरोप है कि खबर से नाराज कुछ लोगों ने पत्रकार को फोन कर कांटे बुलाया।
पत्रकार का आरोप है कि वहां पहुंचने पर बहाउ स्वीट हाउस के सामने उनके साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट शुरू कर दी गई। आरोप के मुताबिक विकास चौधरी, बैजनाथ चौधरी, शेषनाथ यादव, अभिषेक चौधरी समेत अन्य लोगों ने बीच चौराहे पर लात-घूंसों और डंडों से मारपीट की। इसके बाद मोबाइल फोन छीनने और कांटे पुलिस चौकी में भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
पत्रकार संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच के साथ बहाउ स्वीट हाउस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है, ताकि घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सके।
समाचार संकलन के दौरान मोबाइल छीनने और वीडियो डिलीट करने का आरोप
दूसरे मामले में 14 अगस्त 2026 को हिंदी दैनिक खलीलाबाद टाइम्स के संवाददाता विवेकानंद के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला उठाया गया। ज्ञापन के अनुसार, पत्रकार समाचार संकलन के लिए खलीलाबाद कोतवाली पहुंचे थे। इसी दौरान दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हो रही थी।
आरोप है कि पत्रकार ने घटना का वीडियो अपने मोबाइल से बनाना शुरू किया, तभी मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनका मोबाइल छीन लिया और अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें लॉकअप में बैठा दिया। पत्रकार का आरोप है कि मोबाइल में बनाया गया वीडियो भी डिलीट कर दिया गया।
जर्नलिस्ट प्रेस क्लब ने इस मामले में खलीलाबाद कोतवाली परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
निष्पक्ष जांच की मांग
जर्नलिस्ट प्रेस क्लब संतकबीरनगर ने कहा कि पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का उत्पीड़न, धमकी या अभद्र व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन ने जिलाधिकारी से दोनों मामलों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने तथा तथ्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष शक्ति श्रीवास्तव बाबुल, कार्यकारी अध्यक्ष अमित अग्रहरी, महासचिव मिथलेश धुरिया, संयोजक शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जितेंद्र पाठक व सदरे आलम, उपाध्यक्ष विजय गुप्ता, हरिओम चौधरी, रितेश उपाध्याय, संगठन सचिव विजय मिश्रा, संघ संगठन सचिव आशुतोष त्रिपाठी, संयुक्त सचिव केदार नाथ दूबे, सचिव आशु सिंह, संजय श्रीवास्तव, नवनीत श्रीवास्तव, उप सचिव वीरेंद्र मणि त्रिपाठी, गंगेश्वर यादव, कौशल किशोर, प्रवक्ता कल्याण भट्ट, लेखा परीक्षक उपेंद्र मणि त्रिपाठी व सतीश पाण्डेय, कोषाध्यक्ष विपिन राय, मीडिया प्रभारी राजेश्वर कुमार, खलीलाबाद अध्यक्ष मोहन राजभर, उपाध्यक्ष अनिल मौर्य, महासचिव गणेश चौरसिया तथा मेहदावल से सुनील श्रीवास्तव सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे।