21/01/2025
मां सरस्वती पूजा करने वाले जितने भी विद्यार्थी हैं,
कुछ लोग स्कूल में भाग लेते हैं,कुछ लोग अपने सोसाइटी में अपने मोहल्ले में इस पूजा को करते हैं,
मां सरस्वती विद्या की देवी है , जो भी विद्यार्थी पूरे श्रद्धा भाव से मां सरस्वती का पूजा उपासना आराधना करता या करती है,
उनके बुद्धि व विवेक में वृद्धि होती है,
पर मैं ऐसे युवाओं से ऐसे विद्यार्थियों से साफ-साफ कहना चाहूंगा की सरस्वती पूजा के नाम पर अपने सनातन धर्म को बदनाम ना करें,,,
मैं अपने रोजगार के लिए अपने वर्कशॉप से लगभग
6 से 7 किलोमीटर का दूरी में, अपने क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र काम करने जा रहा था,
मैंने देखा की 8 से 10 गाड़ी जो की एक गांव का सड़क पर खड़ी थी,मुझे लगा कि शायद कोई छोटा-मोटा हादसा हुआ होगा ,पर मैं तो मोटरसाइकिल में था,
तो जब मैं आगे निकला ,तो मुझे दिखा की कुछ विद्यार्थी जो की सरस्वती पूजा का चंदा मांग रहे हैं ,और लगभग जितने भी विद्यार्थी थे,
उनका उम्र ज्यादा से ज्यादा 17 से 18 वर्ष होगा बाकी सब लड़के का उम्र कम था,
और मुझे लगा कि यह लोग सिर्फ बड़ी गाड़ियां को ही रोक रहे होंगे,
लेकिन इन लोगों ने मुझे भी रोका,
जबकि मैं मोटरसाइकिल में था,
फिर भी मैंने सोचा सरस्वती पूजा के नाम पर कुछ चंदा दे दिया जाए,
मैं जब अपने बटुए में देखा तो मेरे पास में एक 500 का नोट और एक 20 का नोट था
मैं 20 रुपया निकाल के उस लड़के को दिया, तो उस लड़के ने कहां की कम से कम 100 रुपया दीजिए,
मैंने कहा की बाबू मेरे पास पैसा नहीं है,
आप 20 रुपया रखो,
मैं काम पर जा रहा हूं मुझे लेट हो रहा है,
और जबरदस्ती किसी से चंदा मत लो,
मैं इतना कह ही रहा था,
की एक लड़का आया जो कि उसके बगल में था,
और उसने मेरे मोटरसाइकिल का चाबी निकाल लिया
और कहने लगा देना पड़ेगा नहीं तो जाने नहीं देंगे,
सच कहूं तो इतना गुस्सा आया,
एक पल के लिए लगा कि कुछ ना कुछ तो करना पड़ेगा, फिर मैंने अपना गुस्सा में कंट्रोल किया, क्योंकि वहां नुकसान मेरा भी हो सकता था, क्योंकि अब मुझे पता चल गया कि यह लोग विद्यार्थी नहीं थे,
जो कि सिर्फ और सिर्फ पूजा के नाम पर अपने अय्याशी का जुगाड़ लगा रहे थे,
और हमारे सनातन धर्म को बदनाम कर रहे थे,
और मैं ऐसे बच्चों के माता-पिता से कहना चाहूंगा की सड़क में रंगदारी करने के लिए अपने बच्चों को ना छोड़े उनको कुछ समझाएं और सिखाएं की मां सरस्वती का पूजा करने के लिए बहुत ज्यादा धन दौलत की जरूरत नहीं पड़ती है, जो कि किसी से रंगदारी करके जबरन लेना पड़े,
अगर धन की आवश्यकता पड़ती भी है,
तो भाई प्रेम से मांगे
और जबरदस्ती करनी है,
तो अपने बाप दादाओ से करें,,,,,
फिर मैं सिर्फ इतना कहा कि तुम लोग चंदा नहीं रंगदारी कर रहे हो
अभी हम प्रशासन को फोन लगाते हैं,
फिर जो लड़का चाबी लिया था, वह लड़का बोला क्या हम डरते हैं, किसी से और इतना बोलते बोलते चाबी हमको लौटा दिया, और बोला जाइए आपसे पैसा भी नहीं चाहिए, फिर हम वहां से अपने काम के लिए आगे बढ़ गए,
या पोस्ट करने का सिर्फ और सिर्फ एक ही मकसद है,
और वह मकसद है, सरस्वती पूजा कर रहे जितने भी लड़के विद्यार्थी हैं अपने सनातन धर्म को समझे ना कि अपने धर्म को बदनाम करें ,
और इस पोस्ट को शेयर जरूर करें
जय श्री राम
🙏🙏🙏