05/04/2025
तो मित्रो जान लीजिए कि सरकार ने जितने पैसे आपके विकास के लिए भेजे उसको कितना खर्च कर पाए आपके अधिकारी ! कितना पैसा चला गया वापस
मार्च माह के अंतिम दिन क्लोजिंग को लेकर ईद के अवकाश के बाद भी सरकारी कार्यालयों से लेकर बैंकों के कर्मचारी देर रात तक काम में जुटे रहे। वित्त व कोषाधिकारी कार्यालय देर रात खुले।अंतिम समय कई विभागों के कर्मचारियों के वेतन, एरियर और योजनाओं के लाभार्थियों के खाते में बजट भेजे गये। कई विभाग ऐसे रहे, जो बीते वित्तीय वर्ष के मिले बजट को पूरा खर्च नहीं कर पाये और काफी रकम बचत खाते में चला गया। इसमें सबसे अधिक बचत पीडब्ल्यूडी विभाग का रहा। सबसे कम विकास विभाग के पास बचत रहा।
वित्तीय वर्ष में पुलिस विभाग ने कुल 2,56,50,82,366 रुपये खर्च किये और 10,76,69,071 रुपये बचत में रह गया।
ऐसे ही बेसिक शिक्षा में 7,67,62,66,066 रुपये खर्च किए हैं तथा 11,61,45,297 रुपये बचत खाते में चले गये।
माध्यमिक शिक्षा ने मिले बजट के सापेक्ष 1,68,46,55,028 रुपये खर्च किये और 14,73,90,864 रुपये नहीं खर्च कर सका।
कलक्ट्रेट 81,89,49,668 रुपये ही खर्च कर सका, जबकि 5,50,96,394 रुपये अवशेष रह गये है।
रुपये खर्च करने में सबसे फिसड्डी लोक निर्माण विभाग रहा, जिसने प्राप्त बजट में 3,29,51,52,840 रुपये ही खर्च कर सका, जबकि 8,26,56,1810 रुपये बचत खाते में चला गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी रुपये खर्च करने में कंजूसी दिखाया और इस मामले में लोक निर्माण विभाग के बाद दूसरे स्थान पर रहा। स्वास्थ्य विभाग ने मिले बजट में कुल 1,10,73,84,733 रुपये खर्च किये है, जबकि 15,59,01,652 रुपये बचत खाते में चला गया।
मेडिकल कॉलेज ने 45,16,40,038 रुपये खर्च किये हैं और बचत खाते में 1,11,16,962 रुपये रह गये हैं।
सिंचाई विभाग 1,29,13,12,356 रुपये खर्च किया और 5,032, 5648 रुपये बचत खाते में गये।
कृषि विभाग 16,20,46,336 रुपये खर्च कर सका, जबकि 75,38,321 रुपये बचत खाते में रह गये।
इसके अलावा विकास विभाग ने मिले बजट में 52,92,48,999 रुपये खर्च किये और सबसे कम 1,72,750 रुपये बचत खाते में गया।