08/10/2024
#कात्यायनी #देवी, देवी #दुर्गा के नौ रूपों में से #छठा रूप मानी जाती हैं। माँ कात्यायनी का जन्म महर्षि कात्यायन के घर में हुआ था, इसलिए इन्हें "कात्यायनी" कहा जाता है। नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा की जाती है।
इनकी पूजा से भक्तों को भय और रोगों से मुक्ति मिलती है, साथ ही माता का आशीर्वाद सुख, समृद्धि और शक्ति प्रदान करता है। माँ कात्यायनी का स्वरूप चार भुजाओं वाला है, जिसमें वह कमल के फूल पर विराजमान रहती हैं। उनके एक हाथ में तलवार और दूसरे हाथ में कमल का फूल होता है, जबकि अन्य दो हाथों से वे आशीर्वाद मुद्रा में रहती हैं।
आप यदि माँ कात्यायनी की पूजा कर रहे हैं, तो विशेष रूप से लाल फूल, गुड़ और शहद का भोग लगाना शुभ माना जाता है। माँ कात्यायनी की कृपा से जीवन में सफलता और शक्ति प्राप्त होती है।